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200.65 के पार पहुंचा जलस्तर, बढ़ती जा रही किसानों की बैचेनी
Updated Sat, 29 Jul 2017 01:58 AM IST
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200.65 के पार पहुंचा जलस्तर, बढ़ती जा रही किसानों की बैचेनी
ओसीता जग्देपुर के खेतों में बाढ़ से फसलों पर संकट
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाकों में फिर शुरू हुई झमाझम बरसात और हरिद्वार व बिजनौर डैम से गंगा में लगातार छोड़े जा रहे पानी का असर मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों से गंगा के जलस्तर में 35 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज होने से जलस्तर 200.65 के पार पहुंच गया है। इससे खादर क्षेत्र के किसानों में दहशत और बढ़ गई है। बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ओसीता जग्देपुर के खेतों में बीस दिन से भरा बाढ़ का पानी और बढ़ गया है। फसल नष्ट होने का संकट गहरा रहा है। किसानों को खेतों से चारा लाने में भी बहुत परेशानी हो रही है। हालांकि बाढ़ अफसर बढ़े जलस्तर लगातार नजरें गाढ़े हुए हैं।
पहाड़ों पर लगातार तेज बरसात का सिलसिला जारी है। इससे गंगा में पानी बढ़ रहा है। बुधवार तड़के करीब अस्सी हजार क्यूसेक पानी डैम से छोड़ा गया। जिससे गुरुवार को गंगा का जलस्तर 25 सेमी बढ़ गया था। इसके बाद गुरुवार को भी डैम से सत्तर हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दस सेमी जलस्तर और बढ़ गया। तिगरी में गंगा का जलस्तर बढ़कर 200.65 के पार पहुंच गया है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ओसीता जग्देपुर के जंगल में बोई गईं करीब एक हजार बीघा से ज्यादा क्षेत्रफल में लहलहा रही गन्ने व धान की फसलों में पिछले बीस दिनों से भरा बाढ़ का पानी और बढ़ गया है। जिससे किसानों की बैचेनी और बढ़ती जा रही है। किसानों को खेत से चारा लाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर बनी दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को जलस्तर दस सेमी और बढ़ने की सूचना से किसानों की बैचेनी और बढ़ गई है। गुरुवार को ब्रजघाट में 200.30 व तिगरी में 200.55 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था । जो शुक्रवार को बढ़कर ब्रजघाट में 200.40 व तिगरी में 200.65 गेज मीटर के पार हो गया है।
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ओसीता जग्देपुर के खेतों में बाढ़ से फसलों पर संकट
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
पहाड़ी इलाकों में फिर शुरू हुई झमाझम बरसात और हरिद्वार व बिजनौर डैम से गंगा में लगातार छोड़े जा रहे पानी का असर मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों से गंगा के जलस्तर में 35 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज होने से जलस्तर 200.65 के पार पहुंच गया है। इससे खादर क्षेत्र के किसानों में दहशत और बढ़ गई है। बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ओसीता जग्देपुर के खेतों में बीस दिन से भरा बाढ़ का पानी और बढ़ गया है। फसल नष्ट होने का संकट गहरा रहा है। किसानों को खेतों से चारा लाने में भी बहुत परेशानी हो रही है। हालांकि बाढ़ अफसर बढ़े जलस्तर लगातार नजरें गाढ़े हुए हैं।
पहाड़ों पर लगातार तेज बरसात का सिलसिला जारी है। इससे गंगा में पानी बढ़ रहा है। बुधवार तड़के करीब अस्सी हजार क्यूसेक पानी डैम से छोड़ा गया। जिससे गुरुवार को गंगा का जलस्तर 25 सेमी बढ़ गया था। इसके बाद गुरुवार को भी डैम से सत्तर हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से दस सेमी जलस्तर और बढ़ गया। तिगरी में गंगा का जलस्तर बढ़कर 200.65 के पार पहुंच गया है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ओसीता जग्देपुर के जंगल में बोई गईं करीब एक हजार बीघा से ज्यादा क्षेत्रफल में लहलहा रही गन्ने व धान की फसलों में पिछले बीस दिनों से भरा बाढ़ का पानी और बढ़ गया है। जिससे किसानों की बैचेनी और बढ़ती जा रही है। किसानों को खेत से चारा लाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के किसानों में बाढ़ को लेकर बनी दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को जलस्तर दस सेमी और बढ़ने की सूचना से किसानों की बैचेनी और बढ़ गई है। गुरुवार को ब्रजघाट में 200.30 व तिगरी में 200.55 गेज मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था । जो शुक्रवार को बढ़कर ब्रजघाट में 200.40 व तिगरी में 200.65 गेज मीटर के पार हो गया है।
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