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बैंकों में हड़ताल से 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित, ग्राहक रहे परेशान
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निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से बृहस्पतिवार को बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे ग्राहकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। पहले दिन ही करीब 10 करोड़ के अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ। निजी बैंक और ग्रामीण बैंक की शाखाओं में कामकाज हुआ।
बैंकों में 17 दिसंबर यानी आज भी हड़ताल रहेगी। जबकि कल बैंक खुलने के बाद ग्राहक लेनदेन कर सकेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों ने दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान किया है। केंद्र सरकार की बैंक संबंधी नीतियों को लेकर नाराजगी है। आंदोलन के पहले दिन बृहस्पतिवार को बैंक शाखाओं में ताला लटकता रहा।
शहर के आजाद रोड, जोया रोड, अतरासी तिराहा, जट बाजार, लकड़ा आदि मोहल्ले में स्थित बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं हो सका। बैंक के अफसर और कर्मचारियों का दावा है कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके चलते लोगों को कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। ग्राहक के बैंक में जमा रुपये सुरक्षित रहने की गारंटी खत्म हो जाएगी। साथ ही नौकरियों के अवसर भी खत्म हो जाएंगे क्योंकि सरकार की देखरेख के चलते बैंक प्रबंधन सीधे कार्रवाई नहीं कर पाते हैं, लेकिन जब निजी सेक्टर में चली जाएंगी तो प्रबंधन निरंकुश हो जाएंगे। सामान्य परिवारों के युवा बैंकों में नौकरी कर भरण पोषण करते हैं लेकिन निजी क्षेत्र में बैंक के जाने से भविष्य सुरक्षित रखने का मौका खत्म हो जाएगा।
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राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखाओं में बंदी रही है। निजी बैंक और ग्रामीण बैंक की शाखाएं खुली रही हैं। लगभग 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। -उपेंद्र चौधरी, एलडीएम गजरौला नगर और ग्रामीण अंचलों में निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल के चलते ग्राहकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेनदेन करने आए लोग हड़ताल के चलते बैंकों के ताला बंद देख लौट गए।
गजरौला नगर और ग्रामीण अंचलों में भारतीय स्टेट बैंक, केनरा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब एंड सिंड बैंक की शाखाएं हैं। गुरुवार से बैंकों का स्टाफ निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर चला गया। जिसके चलते ग्राहकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेनदेन करने आए ग्राहक हड़ताल होने के कारण निराश होकर वापस लौट गए। इस दौरान ग्राहकों के चेहरों पर मायूसी दिखी। उधर, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक गजरौला के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश भारद्वाज के मुताबिक क्षेत्र में 66 शाखाएं हैं। जिनमें सभी बैंकों में लेनदेन का कार्य चलता रहा। एआरएम का कहना है कि चार या पांच लोग हड़ताल पर रहे, लेकिन कोई कार्य प्रभावित नहीं हुआ। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह में अपने जरूरी कार्य से ग्राहक बैंक पर पहुंचे। लेकिन यहां हड़ताल की वजह से लेन-देन नहीं हो सका। मायूस एवं परेशान होकर ग्राहक अपने घरों को लौट गए।
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बैंकों में 17 दिसंबर यानी आज भी हड़ताल रहेगी। जबकि कल बैंक खुलने के बाद ग्राहक लेनदेन कर सकेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों ने दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान किया है। केंद्र सरकार की बैंक संबंधी नीतियों को लेकर नाराजगी है। आंदोलन के पहले दिन बृहस्पतिवार को बैंक शाखाओं में ताला लटकता रहा।
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शहर के आजाद रोड, जोया रोड, अतरासी तिराहा, जट बाजार, लकड़ा आदि मोहल्ले में स्थित बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं हो सका। बैंक के अफसर और कर्मचारियों का दावा है कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके चलते लोगों को कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। ग्राहक के बैंक में जमा रुपये सुरक्षित रहने की गारंटी खत्म हो जाएगी। साथ ही नौकरियों के अवसर भी खत्म हो जाएंगे क्योंकि सरकार की देखरेख के चलते बैंक प्रबंधन सीधे कार्रवाई नहीं कर पाते हैं, लेकिन जब निजी सेक्टर में चली जाएंगी तो प्रबंधन निरंकुश हो जाएंगे। सामान्य परिवारों के युवा बैंकों में नौकरी कर भरण पोषण करते हैं लेकिन निजी क्षेत्र में बैंक के जाने से भविष्य सुरक्षित रखने का मौका खत्म हो जाएगा।
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राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखाओं में बंदी रही है। निजी बैंक और ग्रामीण बैंक की शाखाएं खुली रही हैं। लगभग 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। -उपेंद्र चौधरी, एलडीएम गजरौला नगर और ग्रामीण अंचलों में निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल के चलते ग्राहकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेनदेन करने आए लोग हड़ताल के चलते बैंकों के ताला बंद देख लौट गए।
गजरौला नगर और ग्रामीण अंचलों में भारतीय स्टेट बैंक, केनरा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब एंड सिंड बैंक की शाखाएं हैं। गुरुवार से बैंकों का स्टाफ निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर चला गया। जिसके चलते ग्राहकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेनदेन करने आए ग्राहक हड़ताल होने के कारण निराश होकर वापस लौट गए। इस दौरान ग्राहकों के चेहरों पर मायूसी दिखी। उधर, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक गजरौला के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश भारद्वाज के मुताबिक क्षेत्र में 66 शाखाएं हैं। जिनमें सभी बैंकों में लेनदेन का कार्य चलता रहा। एआरएम का कहना है कि चार या पांच लोग हड़ताल पर रहे, लेकिन कोई कार्य प्रभावित नहीं हुआ। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह में अपने जरूरी कार्य से ग्राहक बैंक पर पहुंचे। लेकिन यहां हड़ताल की वजह से लेन-देन नहीं हो सका। मायूस एवं परेशान होकर ग्राहक अपने घरों को लौट गए।