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Amethi News: सिलिंडर के लिए रोज लगानी पड़ती है लाइन
Wed, 01 Apr 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 01 Apr 2026 12:52 AM IST
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. गौरीगंज में शिवांशु गैस सर्विस पर लगी उपभोक्ताओं की भीड़। -संवाद
अमेठी सिटी। जिले में रसोई गैस संकट ने आम लोगों की दिनचर्या बदल दी है। नियमों के फेर में और बुकिंग कराने के बाद भी सात से 10 दिन तक सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अब गैस सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं को रोज लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे घरों की रसोई पर संकट की आंच साफ दिखाई दे रही है।
जिले में 32 गैस एजेंसियों के 4,41,040 उपभोक्ता हैं। इनमें से पिछले 23 दिनों में करीब 2.24 लाख उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर मिल सका है। इसके बावजूद मांग लगातार बनी हुई है। 30 मार्च को 28,225 उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराई, लेकिन सिर्फ 3,052 को ही गैस मिल पाई। उसी दिन 2,528 सिलिंडर की आपूर्ति एजेंसियों तक पहुंची, जो जरूरत के मुकाबले काफी कम रही। गैस की कमी और होम डिलीवरी व्यवस्था के बंद होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है।
पहले जहां सिलिंडर घर तक पहुंच जाता था, अब लोगों को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सुबह से ही एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को गैस नहीं मिल पाती। स्थिति यह है कि बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को सात से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मामलों में यह अवधि 12 दिन तक पहुंच जा रही है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और गंभीर हैं। वहां नियमित आपूर्ति नहीं पहुंचने से लोग सुबह जल्दी निकलकर एजेंसी पहुंचते हैं। कई जगह 300 सिलिंडर की खेप पहुंचने पर उससे कहीं अधिक लोग पहले से लाइन में खड़े मिलते हैं। ऐसे में कुछ ही देर में स्टॉक खत्म हो जाता है और कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। एजेंसियों के बाहर धूप में खड़े होकर इंतजार करना आम बात हो गई है। डीएसओ शशिकांत ने बताया कि कमी की आशंका में लोग जरूरत से अधिक बुकिंग कर रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ा है।
g सात दिन बाद भी नहीं मिला सिलिंडर : गौरीगंज की गोविंद गैस एजेंसी पर लाइन में खड़ीं सुभावतपुर निवासी प्रमिला ने बताया कि उनका सिलिंडर सात दिन पहले खत्म हो गया था, लेकिन उसी दिन बुकिंग के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल सका। विशुनदासपुर की कमला देवी ने बताया कि रिकॉर्ड में वितरण दिखाया गया, जबकि उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। मजबूरी में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। दयालापुर निवासी संतोष कुमार ने कहा कि 10 दिन पहले बुकिंग कराने के बाद भी हर बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।
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जिले में 32 गैस एजेंसियों के 4,41,040 उपभोक्ता हैं। इनमें से पिछले 23 दिनों में करीब 2.24 लाख उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर मिल सका है। इसके बावजूद मांग लगातार बनी हुई है। 30 मार्च को 28,225 उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराई, लेकिन सिर्फ 3,052 को ही गैस मिल पाई। उसी दिन 2,528 सिलिंडर की आपूर्ति एजेंसियों तक पहुंची, जो जरूरत के मुकाबले काफी कम रही। गैस की कमी और होम डिलीवरी व्यवस्था के बंद होने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है।
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पहले जहां सिलिंडर घर तक पहुंच जाता था, अब लोगों को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सुबह से ही एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को गैस नहीं मिल पाती। स्थिति यह है कि बुकिंग के बाद भी उपभोक्ताओं को सात से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मामलों में यह अवधि 12 दिन तक पहुंच जा रही है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और गंभीर हैं। वहां नियमित आपूर्ति नहीं पहुंचने से लोग सुबह जल्दी निकलकर एजेंसी पहुंचते हैं। कई जगह 300 सिलिंडर की खेप पहुंचने पर उससे कहीं अधिक लोग पहले से लाइन में खड़े मिलते हैं। ऐसे में कुछ ही देर में स्टॉक खत्म हो जाता है और कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। एजेंसियों के बाहर धूप में खड़े होकर इंतजार करना आम बात हो गई है। डीएसओ शशिकांत ने बताया कि कमी की आशंका में लोग जरूरत से अधिक बुकिंग कर रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ा है।
g सात दिन बाद भी नहीं मिला सिलिंडर : गौरीगंज की गोविंद गैस एजेंसी पर लाइन में खड़ीं सुभावतपुर निवासी प्रमिला ने बताया कि उनका सिलिंडर सात दिन पहले खत्म हो गया था, लेकिन उसी दिन बुकिंग के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल सका। विशुनदासपुर की कमला देवी ने बताया कि रिकॉर्ड में वितरण दिखाया गया, जबकि उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। मजबूरी में चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। दयालापुर निवासी संतोष कुमार ने कहा कि 10 दिन पहले बुकिंग कराने के बाद भी हर बार स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।

फैक्टरी के मुख्य गेट पर लगी गोलियों के निशान।- फोटो : सबरीन।

फैक्टरी के मुख्य गेट पर लगी गोलियों के निशान।- फोटो : सबरीन।