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Amethi News: जेनरेटर तो कहीं इन्वर्टर के भरोसे एक्स-रे व जांचें
Mon, 19 Jun 2023 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 19 Jun 2023 11:39 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी। बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। कहीं जेनरेटर तो कहीं इन्वर्टर चलाकर व्यवस्था बेहतर बनाने का दावा किया जा रहा है।
संयुक्त जिला अस्पताल परिसर के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गौरीगंज में डिजिटल, प्लेन एक्स-रे एवं सीटी स्कैन की व्यवस्था है। बिजली कटौती से कुछ देर के लिए जांचें प्रभावित होती हैं। चिकित्साधीक्षक डाॅ. राजीव सौरभ ने कहा कि बिजली कटौती का असर जांचों पर नहीं पड़ रहा है। जेनरेटर की सुविधा होने से मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में कुछ कुछ देर के लिए बिजली कटने से 15 से 20 बार जेनरेटर चलवाया गया है। लगभग 15 लीटर डीजल खर्च हुआ है।
भादर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार का कहना है कि एनएचएम से दो वर्ष से जेनरेटर के लिए कोई बजट नहीं मिला है। यहां एक्सरे मशीन तो है, लेकिन चलाने के लिए टेक्नीशियन नहीं है। अन्य जांचें इन्वर्टर चलाकर की जाती हैं। तिलोई सीएचसी के डॉ. अभिषेक भी यही दावा कर रहे हैं।
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अमेठी। बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। कहीं जेनरेटर तो कहीं इन्वर्टर चलाकर व्यवस्था बेहतर बनाने का दावा किया जा रहा है।
संयुक्त जिला अस्पताल परिसर के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गौरीगंज में डिजिटल, प्लेन एक्स-रे एवं सीटी स्कैन की व्यवस्था है। बिजली कटौती से कुछ देर के लिए जांचें प्रभावित होती हैं। चिकित्साधीक्षक डाॅ. राजीव सौरभ ने कहा कि बिजली कटौती का असर जांचों पर नहीं पड़ रहा है। जेनरेटर की सुविधा होने से मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में कुछ कुछ देर के लिए बिजली कटने से 15 से 20 बार जेनरेटर चलवाया गया है। लगभग 15 लीटर डीजल खर्च हुआ है।
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भादर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार का कहना है कि एनएचएम से दो वर्ष से जेनरेटर के लिए कोई बजट नहीं मिला है। यहां एक्सरे मशीन तो है, लेकिन चलाने के लिए टेक्नीशियन नहीं है। अन्य जांचें इन्वर्टर चलाकर की जाती हैं। तिलोई सीएचसी के डॉ. अभिषेक भी यही दावा कर रहे हैं।
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