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Amethi News: महिलाओं को बनाया जाएगा आपदा मित्र
Wed, 06 May 2026 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 06 May 2026 12:36 AM IST
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अमेठी सिटी। आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए महिलाओं को आपदा मित्र बनाया जाएगा। स्वयं सहायता समूहों से चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण देकर गांवों में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई है। पहले चरण में चारों तहसीलों में 25-25 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
प्रशिक्षण में महिलाओं को आग लगने की स्थिति में नियंत्रण के उपाय, सुरक्षित रसोई संचालन, बिजली उपकरणों के सावधानीपूर्वक उपयोग और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। सर्पदंश के समय अपनाई जाने वाली सावधानियां, बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित रखने के तरीके भी समझाए गए।
ये महिलाएं गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए गैस सिलिंडर, चूल्हा और बिजली से जुड़ी सावधानी पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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साथ ही आपदा के समय सूचना देना, राहत कार्य में सहयोग करना और जरूरतमंदों को प्राथमिक मदद पहुंचाने का काम भी करेंगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी से गांव स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी।
उनके अनुसार चयनित महिलाएं स्वयंसेवक के रूप में काम कर रही हैं और अगले चरण में 682 गांवों में भी ऐसे स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा, जिससे आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
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प्रशिक्षण में महिलाओं को आग लगने की स्थिति में नियंत्रण के उपाय, सुरक्षित रसोई संचालन, बिजली उपकरणों के सावधानीपूर्वक उपयोग और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। सर्पदंश के समय अपनाई जाने वाली सावधानियां, बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित रखने के तरीके भी समझाए गए।
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ये महिलाएं गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए गैस सिलिंडर, चूल्हा और बिजली से जुड़ी सावधानी पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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साथ ही आपदा के समय सूचना देना, राहत कार्य में सहयोग करना और जरूरतमंदों को प्राथमिक मदद पहुंचाने का काम भी करेंगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी से गांव स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी।
उनके अनुसार चयनित महिलाएं स्वयंसेवक के रूप में काम कर रही हैं और अगले चरण में 682 गांवों में भी ऐसे स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा, जिससे आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।