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कादूनाला पर बनकर तैयार है वेटलैंड ईको स्पॉट
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मुसाफिरखाना : कादूनाला पर वन विभाग की ओर से तैयार किया गया वेटलैंड स्पॉट। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। कादूनाला वन क्षेत्र में कभी मृग बिहार के नाम से जाना जाने वाला स्थान आज सैलानियों के लिए वेटलैंड ईको स्पॉट के नाम से बनकर तैयार होने के कगार पर पहुंच गया है। जल्द ही इसे प्राकृतिक सौंदर्य के साथ लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
कादूनाला वन क्षेत्र में करीब एक करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत कादूनाला वेटलैंड ईको स्पॉट प्रोजेक्ट का काम शुरू किया गया था। इस स्थान पर 1982 में राजीव गांधी के समय में मृग बिहार बनाया गया था। इस हिस्से को शामिल कर लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग के दोनों तरफ बड़े हिस्से में ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग द्वारा विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया गया। योजना के तहत वेटलैंड ईको स्पॉट प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ। निर्माण कार्य तकरीबन पूरा हो चुका है। अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
वह दिन दूर नहीं जब वेटलैंड ईको स्पॉट का प्राकृतिक सौंदर्य सैलानियों को लुभाएगा। 40 हेक्टेयर के वेटलैंड में कुलांचे भरते जंगली जानवरों व पक्षियों की चहचहाहट सैलानियों को रोमांचित कर देगी। अभी तक मुख्य प्रवेश द्वार, गेस्ट हाउस, शैचालय, दर्जन भर गुलंबर व तीन तालाब आदि कार्य पूरे किए जा चुके हैं। शेष कार्य प्रगति पर है। अभी से वेटलैंड का नजारा देखने वालों के मन को रिझाने लगा है।
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हालांकि अभी यह आम जनमानस के लिए खोला नहीं गया है। जहां सड़क के एक छोर पर स्थित भाले सुल्तान शहीद स्मारक आजादी की लड़ाई में स्थानीय रणबांकुरों के बलिदान की याद दिलाता है, वहीं दूसरे छोर पर वेटलैंड का नजारा सड़क से गुजरने वालों के लिए अभी से आकर्षण का केंद्र बन गया है। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश बढ़ोला ने बताया कि अवशेष कार्यों को शीघ्र ही पूरा करा लिया जाएगा।
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कादूनाला वन क्षेत्र में करीब एक करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से नमामि गंगे योजना के तहत कादूनाला वेटलैंड ईको स्पॉट प्रोजेक्ट का काम शुरू किया गया था। इस स्थान पर 1982 में राजीव गांधी के समय में मृग बिहार बनाया गया था। इस हिस्से को शामिल कर लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग के दोनों तरफ बड़े हिस्से में ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग द्वारा विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया गया। योजना के तहत वेटलैंड ईको स्पॉट प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ। निर्माण कार्य तकरीबन पूरा हो चुका है। अधूरे कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
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वह दिन दूर नहीं जब वेटलैंड ईको स्पॉट का प्राकृतिक सौंदर्य सैलानियों को लुभाएगा। 40 हेक्टेयर के वेटलैंड में कुलांचे भरते जंगली जानवरों व पक्षियों की चहचहाहट सैलानियों को रोमांचित कर देगी। अभी तक मुख्य प्रवेश द्वार, गेस्ट हाउस, शैचालय, दर्जन भर गुलंबर व तीन तालाब आदि कार्य पूरे किए जा चुके हैं। शेष कार्य प्रगति पर है। अभी से वेटलैंड का नजारा देखने वालों के मन को रिझाने लगा है।
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हालांकि अभी यह आम जनमानस के लिए खोला नहीं गया है। जहां सड़क के एक छोर पर स्थित भाले सुल्तान शहीद स्मारक आजादी की लड़ाई में स्थानीय रणबांकुरों के बलिदान की याद दिलाता है, वहीं दूसरे छोर पर वेटलैंड का नजारा सड़क से गुजरने वालों के लिए अभी से आकर्षण का केंद्र बन गया है। वन क्षेत्राधिकारी दिनेश बढ़ोला ने बताया कि अवशेष कार्यों को शीघ्र ही पूरा करा लिया जाएगा।