फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   way closed for 80 family

Amethi News: 80 परिवारों का रास्ता बंद

Sun, 07 May 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sun, 07 May 2023 11:55 PM IST
विज्ञापन
way closed for 80 family
अमेठी। भूमिधरी खाते पर लगे खड़ंजे को फोर्स की मौजूदगी में उखाड़कर अफसरों ने अपनी जिम्मेदारी भले ही पूरी कर दी हो लेकिन उनकी मनमानी ने दो पुरवों के 80 परिवारों का रास्ता बंद कर दिया। अब आलम यह है कि ग्रामीण, स्कूली बच्चे जहां रास्ते के लिए परेशान हैं तो वहीं आपात स्थिति में एंबुलेंस सहित अन्य वाहन दोनों गांव तक नहीं जा सकेंगे। अफसरों की मनमानी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
विज्ञापन

तहसील क्षेत्र के थाना व ग्राम पंचायत संग्रामपुर स्थित खाते की भूमि गाटा संख्या 629, 630, 635, 636 (बाग) से ग्राम पंचायत के पुरवा खुटहना, पूरे कुंजल को जाने के लिए खड़ंजा रास्ता बना था। उक्त सभी गाटों में 62 हिस्सेदार हैं। गांव वालों के अनुसार, पहले लगे खड़ंजा को मरम्मत कराने के साथ ही तत्कालीन ग्राम प्रधान ने वर्ष 2018-19 में 2.76 लाख की लागत से खाते की शेष भूमि पर 274 मीटर में खड़ंजा निर्माण कराया गया था। भूमिधरी खाते पर लगे खड़ंजा का मुआवजा दिलाए जाने को लेकर एक हिस्सेदार संग्रामपुर के गांव नारायणपुर निवासी जगदीश सिंह ने हाईकोर्ट में वाद दायर कर किया था। उच्च न्यायालय के दखल पर शनिवार को ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी अफसरों की टीम ने फोर्स के साथ पहुंचकर भूमिधरी खाते पर लगे खड़ंजे को जेसीबी से उखड़वा दिया।
विज्ञापन

रास्ता बंद होने के बाद रविवार को दोनों गांव के ग्रामीण मायूस और आक्रोशित दिखे। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने जिस तरह कार्यवाही की है, वह सीधे तौर पर गलत है। दोनों गांव तक आवागमन के लिए रास्ते की व्यवस्था कराई जानी चाहिए थी। इसके बाद ही खड़ंजे को उखाड़ा जाना चाहिए था। अगर खातेदारों द्वारा उन्हें नहीं निकलने दिया गया तो वह कैसे सामान्य आवागमन कर सकेंगे। इसको लेकर सभी चिंतित दिखाई पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
कुछ यूं छलका ग्रामीणों का दर्द
गांव निवासी रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि गांव के एकमात्र रास्ते को बंद कर दिया गया। अब 80 परिवार कैसे निकलेंगे। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन गंभीर नहीं है।। जीतेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि मेरा रोजगार प्रभावित हो गया है। मैजिक चलाकर परिवार का भरण पोषण होता है, अब गाड़ी घर तक नहीं आ सकती है। राधेश्याम यादव ने बताया कि कोई भी सुनने वाला नहीं है। बचावन देवी ने बताया कि गांव में वैवाहिक कार्यक्रम व आपात स्थिति में एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड आदि के वाहन नहीं आ सकेंगे। लोगो के पास वाहन हैं, वे कैसे आएंगे। गीता ने कहा कि अगर पूरी तरह से बैरीकेटिंग कर दी गई तो बच्चे विद्यालय कैसे आ जा सकेंगे। मिथुन ने बताया कि खड़ंजा उखाड़कर उनका रास्ता बंद करने वाले अफसर बताएं कि वे अपने घर से कैसे बाहर निकलें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed