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Amethi News: मार्गों पर भरा पानी, आवागमन प्रभावित
Tue, 25 Aug 2026 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:35 AM IST
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तिलोई में कादू नाला के उफान से पूरे शिव परसन गांव में सड़क पर हुआ जलभराव के बीच गुजरता ग्रामीण।
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तिलोई। कादू नाला और गुमिया ड्रेन का पानी करीब एक सप्ताह से कम नहीं होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी हुई है। मेडिकल कॉलेज की चारदीवारी से सटे मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने से अरियावां-शंकरगंज संपर्क मार्ग जलमग्न है। मार्ग बंद होने से आसपास के कई गांवों का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों को मेडिकल कॉलेज और तिलोई बाजार पहुंचने के लिए आठ से 10 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
पूरे शिवप्रसाद, पूरे गजराज और अरियावां समेत कई गांवों के रास्तों पर पानी भरा है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूरे शिवप्रसाद और अरियावां के पास बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया है। सोमवार को पूरे बना और सेमरौता के ग्रामीणों ने खुद फावड़ा लेकर जलनिकासी का प्रयास किया। गुमिया ड्रेन के पुल के पास बांध काटकर पानी निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
लोगों ने प्रशासन से जल्द जलनिकासी कराने की मांग की है। एसडीएम डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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खेतों में भरा भरा, बर्बादी की कगार पर फसलें
कादू नाला और गुमिया ड्रेन के पानी से खेतों में लंबे समय से जलभराव बना हुआ है। पानी की निकासी न होने से धान की फसल सड़ने लगी है। करीब 800 बीघा फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है। किसानों का कहना है कि कई दिनों से खेतों में पानी भरा होने से फसल बचने की उम्मीद कम है। गुमिया ड्रेन के किनारे बसे गांवों में भी यही स्थिति है। किसान शालिग राम, रामधनी, भरत कुमार और चंदन ने बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से खेतों में पानी भरा है। लगातार जलभराव से धान की फसल सड़ने लगी है। उन्होंने कहा कि जल्द पानी नहीं निकला तो बची फसल भी बर्बाद हो जाएगी।
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पूरे शिवप्रसाद, पूरे गजराज और अरियावां समेत कई गांवों के रास्तों पर पानी भरा है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूरे शिवप्रसाद और अरियावां के पास बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया है। सोमवार को पूरे बना और सेमरौता के ग्रामीणों ने खुद फावड़ा लेकर जलनिकासी का प्रयास किया। गुमिया ड्रेन के पुल के पास बांध काटकर पानी निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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लोगों ने प्रशासन से जल्द जलनिकासी कराने की मांग की है। एसडीएम डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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खेतों में भरा भरा, बर्बादी की कगार पर फसलें
कादू नाला और गुमिया ड्रेन के पानी से खेतों में लंबे समय से जलभराव बना हुआ है। पानी की निकासी न होने से धान की फसल सड़ने लगी है। करीब 800 बीघा फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है। किसानों का कहना है कि कई दिनों से खेतों में पानी भरा होने से फसल बचने की उम्मीद कम है। गुमिया ड्रेन के किनारे बसे गांवों में भी यही स्थिति है। किसान शालिग राम, रामधनी, भरत कुमार और चंदन ने बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से खेतों में पानी भरा है। लगातार जलभराव से धान की फसल सड़ने लगी है। उन्होंने कहा कि जल्द पानी नहीं निकला तो बची फसल भी बर्बाद हो जाएगी।