फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Unseasonal rain increased the problems of farmers

बैमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

Tue, 28 Dec 2021 08:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 08:27 PM IST
विज्ञापन
Unseasonal rain increased the problems of farmers
10 : अमेठी : बरसात के दौरान छाता लगाकर गुजरती महिला। -संवाद - फोटो : AMETHI
गौरीगंज (अमेठी)। पल-पल बदल रहे मौसम के साथ मंगलवार को शुरू हुई रिमझिम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी। अचानक हुए मौसम परिवर्तन से जहां रबी सीजन की फसलों के प्रभावित होने का अंदेशा बढ़ गया है वहीं ठंड मेें भी इजाफा हो गया है। लोग खुद के साथ मवेशियों को ठंड से बचाने की जुगत में जुटे है।
विज्ञापन

पल-पल बदल रहे मौसम के बीच मंगलवार दोपहर बाद रिमझिम बारिश शुरू हो गई। अचानक शुरू हुई बारिश सेे ठंड में इजाफा हो गया। जरूरी काम या फिर नौकरी करने वाले घर से तो निकले लेकिन अपने गंतव्य तक पहुंचने में उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। मौसम में आई तब्दीली और रुक-रुक कर हुई बरसात से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन

ठंड तो इस कदर बढ़ी कि अलाव के सामने बैठे लोग भी कांपते नजर आए। बरसात की वजह से क्रय केंद्रों पर धान तौलाने के लिए खड़ी ट्रॉली में लदे धान के खराब होने का अंदेशा बढ़ गया है तो रबी सीजन मेें गेहूं, आलू, सरसों व मटर आदि की फसल के बर्बाद होने की आशंका ने किसानों को परेशान कर दिया है। जानकारों के अनुसार यदि तेज बरसात हुई रबी सीजन में फसलें नष्ट हो सकती हैं। मौसम परिवर्तन से चिंतित किसानों ने ठंड से स्वयं के साथ मवेशियों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्षा की संभावना
मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीताराम मिश्र ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को आठ से नौ मिमी. वर्षा होने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 20.5 तो न्यूनतम तापमान 10 सेंटीग्रेड रहने का अनुमान है। हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई है।
पड़ सकता है पाला
कृषि वैज्ञानिक डॉ. शशांक शेखर सिंह ने बताया कि दिसंबर माह के आखिरी दिनों में पाला पड़ने की आशंका अधिक होती है। इससे फसलों को काफी नुकसान होता है। इसका सबसे अधिक असर आलू, मटर व अन्य सब्जियों पर होता है। उन्होंने पाले से बचाव के बारे में बताया कि खेतों की मेड़ों पर घास-फूस जलाकर धुआं करें। ऐसा करने से फसलों के आसपास का वातावरण गर्म हो जाता है। पाले के प्रभाव से फसलें बच जाती हैं। फसलों की सिंचाई कर नमी बनाए रखें। ऐसा करने से फसलों पर पाले का प्रभाव नहीं पड़ता है।

अचानक बदलाव चिंताजनक
किसान रंजन तिवारी ने कहा कि मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव होना चिंताजनक है। बारिश होने की दशा में तिलहनी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसान विजय प्रकाश पांडेय ने कहा कि किसान पहले से ही मुश्किलों से जूझ रहे हैं, उस पर मौसम में आए बदलाव ने और भी चिंता बढ़ा दी है। किसान शारदा प्रसाद यादव ने कहा कि मौसम बदलने से ठंड बढ़ गई है। अगर पाला पड़ा तो फसल को नुकसान पहुंचेगा। किसान विनोद कुमार शुक्ल ने कहा कि अधिक बारिश होती है तो आलू मटर की फसलों के साथ ही सिंचाई की गई गेहूं की फसल खराब हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed