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खतौनी में दर्ज होंगे निर्विवाद उत्तराधिकारी
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अमेठी। भू-अभिलेख अद्यतन रखने व निर्विवाद वरासत खतौनी में दर्ज करने के लिए जिला प्रशासन विशेष अभियान संचालित करेगा। कवायद सफल हो सके इसके लिए मुख्य सचिव का निर्देश मिलने के बाद सभी एसडीएम को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। 15 दिसंबर से 31 जनवरी तक चरणबद्ध अभियान में वरासत दर्ज करने के बाद लेखपाल को प्रमाणपत्र देेना होगा कि गांव में कोई भी निर्विवाद वरासत शेष नहीं है।
परिवार के मुखिया की मौत के बाद खतौनी में वारिसों का नाम अंकित करने के लिए शासन ने विशेष अभियान संचालित करने की योजना बनाई है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी का निर्देश मिलने के बाद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने सभी एसडीएम को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
एडीएम ने 15 दिसंबर से 30 दिसंबर तक राजस्व गांवों में खतौनी पढ़कर सुनाते हुए वरासत हेतु प्रार्थनापत्र लेने को कहा है। साथ ही लेखपाल को 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक जांच कर रिपोर्ट ऑनलाइन करने तो राजस्व निरीक्षक को 16 जनवरी से 31 जनवरी तक आदेश पारित कर नामांतरण आदेश आर-6 में दर्ज करते हुए खतौनी पर प्रविष्टि अंकित करने को कहा गया है।
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लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार व एसडीएम से एक फरवरी से सात फरवरी के बीच इस आशय का प्रमाणपत्र मांगा गया है कि उनके क्षेत्र में कोई भी निर्विवाद वरासत शेष नहीं है। समयावधि के बाद निर्विवाद वरासत शेष होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम ने बताया कि चरणबद्ध अभियान में वरासत प्रकरणों का निस्तारण होने से विवाद में कमी आएगी तो राजस्व अभिलेख भी अपडेट हो जाएंगे। अभियान की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित करते हुए लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
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परिवार के मुखिया की मौत के बाद खतौनी में वारिसों का नाम अंकित करने के लिए शासन ने विशेष अभियान संचालित करने की योजना बनाई है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी का निर्देश मिलने के बाद एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने सभी एसडीएम को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
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एडीएम ने 15 दिसंबर से 30 दिसंबर तक राजस्व गांवों में खतौनी पढ़कर सुनाते हुए वरासत हेतु प्रार्थनापत्र लेने को कहा है। साथ ही लेखपाल को 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक जांच कर रिपोर्ट ऑनलाइन करने तो राजस्व निरीक्षक को 16 जनवरी से 31 जनवरी तक आदेश पारित कर नामांतरण आदेश आर-6 में दर्ज करते हुए खतौनी पर प्रविष्टि अंकित करने को कहा गया है।
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लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार व एसडीएम से एक फरवरी से सात फरवरी के बीच इस आशय का प्रमाणपत्र मांगा गया है कि उनके क्षेत्र में कोई भी निर्विवाद वरासत शेष नहीं है। समयावधि के बाद निर्विवाद वरासत शेष होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम ने बताया कि चरणबद्ध अभियान में वरासत प्रकरणों का निस्तारण होने से विवाद में कमी आएगी तो राजस्व अभिलेख भी अपडेट हो जाएंगे। अभियान की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित करते हुए लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।