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13.15 करोड़ से बनेंगे दो जीजीआईसी भवन
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17 : गौरीगंज : इसी भूमि पर बनेगा जीजीआईसी जगदीशपुर का नया भवन। - संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। किराए के भवन में संचालित हो रहे दो जीजीआईसी को स्थायी भवन मिलेंगे। दोनों भवनों के निर्माण पर 13.15 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जिला स्तरीय कमेटी की संस्तुति व शासन की मंजूरी के बाद तैयार डीपीआर को वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही चिह्नित भूमि पर भवन का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शासन राजकीय कॉलेजों को अवस्थापना की सुविधा से लैस करने की कोशिश में जुटा है। पिछले दिनों कॉलेजों में मौजूद संसाधनों की जांच में पाया गया था कि जिले में दो जीजीआईसी के पास अपने भवन नहीं हैं।
जीजीआईसी जायस का संचालन 1974 से प्राइवेट भवन में तो जीजीआईसी जगदीशपुर का संचालन जूनियर हाईस्कूल के अतिरिक्त कक्ष में 1989 से हो रहा है। दोनों कॉलेजों के पास अपना भवन नहीं होने की जानकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जिला स्तरीय कमेटी व शासन को दी। इसके साथ ही संचालित कक्षों की गुणवत्ता का परीक्षण लोक निर्माण विभाग से कराया गया तो वह जर्जर मिले।
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पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपनी रिपोर्ट जिला स्तरीय कमेटी व शासन को भेजकर नए भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान करने की मांग की थी। जिला स्तरीय कमेटी की संस्तुति व शासन से दोनों स्कूलों में नए भवन निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी से स्थानीय दर पर निर्माण का अनुमानित लागत तैयार कराया गया।
पीडब्ल्यूडी ने प्रति कॉलेज छह करोड़ 57 लाख 92 हजार रुपये का डीपीआर तैयार कर माध्यमिक शिक्षा विभाग के माध्यम से शासन को भेजकर धनावंटन की मांग की है। शासन से राशि आवंटित होने के बाद कार्यदायी संस्था नामित कर स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण शुरू कराया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जीजीआईसी जायस व जगदीशपुर को जहां अपना भवन मिल जाएगा वहीं निजी भवन में स्कूल संचालित होने के बाद छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में सहूलियत होगी।
जीजीआईसी जायस में शिक्षा ग्रहण कर रहीं 720 छात्राएं
1974 से संचालित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जायस उधार के भवन में संचालित हो रहा है। जीजीआईसी में वर्तमान में कक्षा छह से 12 तक 720 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। कॉलेज के पास अपनी भूमि नहीं होने से नए भवन निर्माण के लिए जीआईसी के नाम दर्ज भूमि को प्रस्तावित किया गया है। भवन निर्माण के लिए जिला स्तरीय कमेटी की संस्तुति व शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण का प्रस्ताव भेजने के साथ ही तहसील प्रशासन से जीजीआईसी के लिए भूमि अधिग्रहीत करने का अनुरोध किया गया है।
जीजीआईसी जगदीशपुर में सिर्फ छह कक्ष
1989 से संचालित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जगदीशपुर भवन विहीन है। वर्तमान में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से निर्मित छह अतिरिक्त कक्षों में छह से 12 तक पंजीकृत 232 छात्राओं को शिक्षित किया जा रहा है। जीजीआईसी में निजी भवन निर्माण के लिए जिला स्तरीय समिति की संस्तुति व शासन से मंजूरी मिलने के बाद धनावंटन की मांग की गई है।
लैब, लाइब्रेरी संग मिलेंगी अन्य सुविधाएं
जीजीआईसी जायस व जगदीशपुर में कक्षा छह से 12 तक की क्लास संचालित करने के लिए शिक्षण कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, स्टाफ रूम, प्रधानाचार्य कक्ष, प्रसाधन भवन, पेयजल संयंत्र, बाउंड्रीवॉल, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बहुउद्देश्यीय हॉल, खेल का मैदान, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास व सोलर प्लांट की स्थापना का कार्य होगा।
मांगी गई धनराशि
डीआईओएस जय करन लाल वर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकृत के तहत शासन से दोनों जीजीआईसी के स्थायी भवन निर्माण को मंजूरी मिली है। मंजूरी के बाद दोनों कॉलेजों में निजी भवन निर्माण के लिए प्रति कॉलेज छह करोड़ 57 लाख 92 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। भवन निर्माण के बाद कॉलेजों को अवस्थापना सुविधा से लैस किया जाएगा।
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बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शासन राजकीय कॉलेजों को अवस्थापना की सुविधा से लैस करने की कोशिश में जुटा है। पिछले दिनों कॉलेजों में मौजूद संसाधनों की जांच में पाया गया था कि जिले में दो जीजीआईसी के पास अपने भवन नहीं हैं।
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जीजीआईसी जायस का संचालन 1974 से प्राइवेट भवन में तो जीजीआईसी जगदीशपुर का संचालन जूनियर हाईस्कूल के अतिरिक्त कक्ष में 1989 से हो रहा है। दोनों कॉलेजों के पास अपना भवन नहीं होने की जानकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जिला स्तरीय कमेटी व शासन को दी। इसके साथ ही संचालित कक्षों की गुणवत्ता का परीक्षण लोक निर्माण विभाग से कराया गया तो वह जर्जर मिले।
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पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपनी रिपोर्ट जिला स्तरीय कमेटी व शासन को भेजकर नए भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान करने की मांग की थी। जिला स्तरीय कमेटी की संस्तुति व शासन से दोनों स्कूलों में नए भवन निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी से स्थानीय दर पर निर्माण का अनुमानित लागत तैयार कराया गया।
पीडब्ल्यूडी ने प्रति कॉलेज छह करोड़ 57 लाख 92 हजार रुपये का डीपीआर तैयार कर माध्यमिक शिक्षा विभाग के माध्यम से शासन को भेजकर धनावंटन की मांग की है। शासन से राशि आवंटित होने के बाद कार्यदायी संस्था नामित कर स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण शुरू कराया जाएगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जीजीआईसी जायस व जगदीशपुर को जहां अपना भवन मिल जाएगा वहीं निजी भवन में स्कूल संचालित होने के बाद छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में सहूलियत होगी।
जीजीआईसी जायस में शिक्षा ग्रहण कर रहीं 720 छात्राएं
1974 से संचालित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जायस उधार के भवन में संचालित हो रहा है। जीजीआईसी में वर्तमान में कक्षा छह से 12 तक 720 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। कॉलेज के पास अपनी भूमि नहीं होने से नए भवन निर्माण के लिए जीआईसी के नाम दर्ज भूमि को प्रस्तावित किया गया है। भवन निर्माण के लिए जिला स्तरीय कमेटी की संस्तुति व शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण का प्रस्ताव भेजने के साथ ही तहसील प्रशासन से जीजीआईसी के लिए भूमि अधिग्रहीत करने का अनुरोध किया गया है।
जीजीआईसी जगदीशपुर में सिर्फ छह कक्ष
1989 से संचालित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जगदीशपुर भवन विहीन है। वर्तमान में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से निर्मित छह अतिरिक्त कक्षों में छह से 12 तक पंजीकृत 232 छात्राओं को शिक्षित किया जा रहा है। जीजीआईसी में निजी भवन निर्माण के लिए जिला स्तरीय समिति की संस्तुति व शासन से मंजूरी मिलने के बाद धनावंटन की मांग की गई है।
लैब, लाइब्रेरी संग मिलेंगी अन्य सुविधाएं
जीजीआईसी जायस व जगदीशपुर में कक्षा छह से 12 तक की क्लास संचालित करने के लिए शिक्षण कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, स्टाफ रूम, प्रधानाचार्य कक्ष, प्रसाधन भवन, पेयजल संयंत्र, बाउंड्रीवॉल, रेनवाटर हार्वेस्टिंग, बहुउद्देश्यीय हॉल, खेल का मैदान, साइकिल स्टैंड, स्मार्ट क्लास व सोलर प्लांट की स्थापना का कार्य होगा।
मांगी गई धनराशि
डीआईओएस जय करन लाल वर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकृत के तहत शासन से दोनों जीजीआईसी के स्थायी भवन निर्माण को मंजूरी मिली है। मंजूरी के बाद दोनों कॉलेजों में निजी भवन निर्माण के लिए प्रति कॉलेज छह करोड़ 57 लाख 92 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। भवन निर्माण के बाद कॉलेजों को अवस्थापना सुविधा से लैस किया जाएगा।