{"_id":"697514a7af8edc0dd8001f14","slug":"the-sub-postmaster-did-not-deposit-the-money-of-the-consumers-in-their-accounts-amethi-news-c-96-1-ame1002-157325-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: उपभोक्ताओं की रकम खातों में नहीं जमा करता था उपडाकपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: उपभोक्ताओं की रकम खातों में नहीं जमा करता था उपडाकपाल
Sun, 25 Jan 2026 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:21 AM IST
विज्ञापन
सिंहपुर। शिवरतनगंज स्थित डाकघर में 31 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में उपभोक्ताओं की जमा राशि हड़पने की पुष्टि होने के बाद आरोपी उपडाकपाल जितेंद्र तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। वह उपभोक्ताओं की पूंजी खातों में जमा करने के बजाय खर्च कर देता था। विभागीय स्तर पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि पुलिस को अभी तहरीर नहीं दी गई है।
रायबरेली के बछरावां थाने में अगस्त 2025 में गबन की एफआईआर दर्ज होने के बाद जब विभागीय अधिकारियों ने खाते खंगालने शुरू किए, तब शिवरतनगंज में हुए घपले की बात सामने आई है। आरोप है कि जितेंद्र तिवारी ने अभिलेखों में हेराफेरी कर विभिन्न शाखा डाकघरों से जमा की गई रकम को अपने निजी उपयोग में लिया। जितेंद्र तिवारी ने वर्ष 2011 में टिहरी मंडल में डाक सहायक के तौर पर सेवा शुरू की। वर्ष 2013 में स्थानांतरण के बाद वह रायबरेली पहुंचे और प्रधान डाकघर लालगंज में सहायक डाकपाल के रूप में कार्यभार संभाला।
जांच में यह बात सामने आई कि एक उपडाकघर के अधीन चार से पांच शाखा डाकघर संचालित होते हैं। शाखा डाकपाल गांवों के खाताधारकों से जमा राशि प्रतिदिन उपडाकघर में जमा करते हैं। आरोप है कि जितेंद्र ने शाखा डाकघरों की जमा और निकासी का विवरण अपने अभिलेखों में दर्ज नहीं किया और प्रतिदिन की जमा रकम को निजी इस्तेमाल में लेता रहा।
विज्ञापन
कई जगह गबन के मामले सामने आए : जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर गबन के मामले सामने आए हैं। उपडाकघर हरदोई में तैनाती के समय सबसे बड़े गबन की पुष्टि हुई, जहां सितंबर 2023 में तैनाती के बाद 1.62 करोड़ रुपये की राशि अभिलेखों में हेराफेरी कर हड़प ली गई। विभागीय जांच शुरू होने के बाद 1.60 करोड़ रुपये सरकारी खाते में जमा कर दिए गए। डाक अधीक्षक रायबरेली अनूप अग्रवाल के अनुसार नौ जुलाई 2025 को जांच शुरू कराई गई थी। 12 जुलाई 2025 को रिपोर्ट मिलते ही उपडाकपाल को निलंबित कर दिया गया था।
विज्ञापन
रायबरेली के बछरावां थाने में अगस्त 2025 में गबन की एफआईआर दर्ज होने के बाद जब विभागीय अधिकारियों ने खाते खंगालने शुरू किए, तब शिवरतनगंज में हुए घपले की बात सामने आई है। आरोप है कि जितेंद्र तिवारी ने अभिलेखों में हेराफेरी कर विभिन्न शाखा डाकघरों से जमा की गई रकम को अपने निजी उपयोग में लिया। जितेंद्र तिवारी ने वर्ष 2011 में टिहरी मंडल में डाक सहायक के तौर पर सेवा शुरू की। वर्ष 2013 में स्थानांतरण के बाद वह रायबरेली पहुंचे और प्रधान डाकघर लालगंज में सहायक डाकपाल के रूप में कार्यभार संभाला।
विज्ञापन
जांच में यह बात सामने आई कि एक उपडाकघर के अधीन चार से पांच शाखा डाकघर संचालित होते हैं। शाखा डाकपाल गांवों के खाताधारकों से जमा राशि प्रतिदिन उपडाकघर में जमा करते हैं। आरोप है कि जितेंद्र ने शाखा डाकघरों की जमा और निकासी का विवरण अपने अभिलेखों में दर्ज नहीं किया और प्रतिदिन की जमा रकम को निजी इस्तेमाल में लेता रहा।
विज्ञापन
कई जगह गबन के मामले सामने आए : जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर गबन के मामले सामने आए हैं। उपडाकघर हरदोई में तैनाती के समय सबसे बड़े गबन की पुष्टि हुई, जहां सितंबर 2023 में तैनाती के बाद 1.62 करोड़ रुपये की राशि अभिलेखों में हेराफेरी कर हड़प ली गई। विभागीय जांच शुरू होने के बाद 1.60 करोड़ रुपये सरकारी खाते में जमा कर दिए गए। डाक अधीक्षक रायबरेली अनूप अग्रवाल के अनुसार नौ जुलाई 2025 को जांच शुरू कराई गई थी। 12 जुलाई 2025 को रिपोर्ट मिलते ही उपडाकपाल को निलंबित कर दिया गया था।