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Amethi News: आत्मा अजर-अमर, नश्वर है शरीर
Sat, 05 Apr 2025 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:57 AM IST
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इन्हौना (अमेठी)। तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के सेमरौता कस्बे के रामगंज चौराहे पर स्थित दुर्गा माता मंदिर पर चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा में प्रवाचक ओम प्रकाशानंद सरस्वती ने बताया कि आत्मा अजर-अमर है। इसका तात्पर्य यह है कि आत्मा न तो उत्पन्न होती है और न ही नष्ट होती है, यह शाश्वत है, जो हमारे शरीर से परे है। यह विचार प्राचीन भारतीय दर्शन, विशेष रूप से वेदों और उपनिषदों में पाया जाता है।
प्रवाचक ने कहा कि हमारा शारीरिक रूप, जिसको हम शरीर के रूप में जानते हैं, वह नश्वर है। शरीर का जन्म होता है, वह वृद्ध होता है और अंत में मृत्यु को प्राप्त होता है, लेकिन आत्मा इन भौतिक परिवर्तनों से परे है। यह हर समय एक ही रहती है और जब शरीर की मृत्यु होती है, तब आत्मा नया शरीर धारण कर लेती है, जैसे एक व्यक्ति पुराने कपड़े बदलता है। इस मौके पर विनोद शुक्ल, हिमांशु बाजपेई, अवनींद्र सिंह, माधव शुक्ला, नागेश्वर तिवारी, सुशील पाण्डेय, श्रीकांत, आनंद तिवारी, कैलाश बाबू, परमानन्द मिश्र, जितेंद्र मिश्र, लक्ष्मीकांत, अरविंद पाण्डेय, डॉ. राम बरन प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि हमारा शारीरिक रूप, जिसको हम शरीर के रूप में जानते हैं, वह नश्वर है। शरीर का जन्म होता है, वह वृद्ध होता है और अंत में मृत्यु को प्राप्त होता है, लेकिन आत्मा इन भौतिक परिवर्तनों से परे है। यह हर समय एक ही रहती है और जब शरीर की मृत्यु होती है, तब आत्मा नया शरीर धारण कर लेती है, जैसे एक व्यक्ति पुराने कपड़े बदलता है। इस मौके पर विनोद शुक्ल, हिमांशु बाजपेई, अवनींद्र सिंह, माधव शुक्ला, नागेश्वर तिवारी, सुशील पाण्डेय, श्रीकांत, आनंद तिवारी, कैलाश बाबू, परमानन्द मिश्र, जितेंद्र मिश्र, लक्ष्मीकांत, अरविंद पाण्डेय, डॉ. राम बरन प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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