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Amethi News: परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से किया इन्कार

Mon, 03 Mar 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 03 Mar 2025 12:42 AM IST
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The family refused to cremate the dead body
तिलोई (अमेठी)। बाजार के लिए निकले युवक का शव शनिवार रात गांव के बाहर नाले में मिला। परिजन रंजिश में हत्या का आरोप लगा रहे हैं। रविवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर तहरीर मिलने के बाद भी केस दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया।
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मोहनगंज थाना क्षेत्र के राजा का पुरवा मजरे बारकोट गांव निवासी संतोष कुमार (28) शनिवार को बाइक से घर का कुछ सामान लाने की बात कहकर निकला। काफी देर तक जब संतोष घर नहीं आया तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया ताे बंद मिला। चिंता बढ़ने के बाद उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच गांव से कुछ दूर स्थित नाले के किनारे उसकी बाइक दिखी। तलाश के दौरान संतोष का शव संदिग्ध हालात में नाले में पड़ा मिला। परिजनों के अनुसार संतोष के गले व हाथ में चोट के निशान थे।
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रविवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव बारकोट गांव पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। खबर लिखे जाने तक मान-मनौवल की जा रही थी। एसएचओ राकेश सिंह ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। इसके बाद केस दर्ज किया जाएगा।
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जान से मारने की मिल चुकी थी धमकी
मृतक संतोष के भांजे राजेंद्र कुमार ने बताया कि शव पर चोट के निशान हैं। साफ है कि हत्या कर शव नाले में फेंका गया है। आरोप लगाया है कि चार लोगों ने पुराने विवाद में मामा संतोष को जान से मारने की धमकी भी दी थी।





परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक संतोष का विवाह पांच साल निर्मला संग हुआ था। संतोष की मौत की सूचना पर मायके से पहुंची निर्मला का रो-रोकर बुरा हाल है। रोते हुए निर्मला के मुंह सिर्फ एक ही बात निकलती थी कि अब वह किसके सहारे रहेगी। मां रामपति तो बेटे की मौत से बेसुध है। होश में आते ही सिर्फ बेटे को पुकारती है। कहती है कि पता होता कि अब नहीं लौटेंगे तो सामान लाने नहीं जाने देती। बहन रामकुमारी, रामदुलारी, सूरसती, नान्ही व पार्वती का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पिता मंगल प्रसाद और भाई रामअवध भी गमगीन दिखे।
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