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Amethi News: दो चचेरे भाइयों की अर्थी देख रो पड़ा पूरा गांव
Thu, 17 Oct 2024 04:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 17 Oct 2024 04:42 AM IST
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मोहनगंज थाना क्षेत्र के शंकरगंज में अमित व आकाश की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन।
जगदीशपुर (अमेठी)। सड़क हादसे में मौत के बाद बुधवार को जब दो चचेरे भाइयों की अर्थियां उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा। मंगलवार की रात मोहनगंज थाना क्षेत्र के शंकरगंज निवासी अमित कुमार अपने चचेरे भाई आकाश और एक रिश्तेदार राजकुमार के साथ बाइक से भाई की शादी का कार्ड बांटने जा रहे थे। तभी रास्ते में ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद दोनों भाइयों का शव बुधवार को घर पहुंचा तो गांव में चीत्कार मच गई। जो जहां था, शव के अंतिम दर्शन के लिए चल पड़ा। जिसने भी दोनों नौजवानों का चेहरा अंतिम बार देखा, वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया।
बेटे का शव देखते ही अमित की मां गुड़िया दहाड़े मारकर रोने लगीं, वहीं पत्नी साधना अचेत हो गईं। पिता बनवारी लाल की समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर यह सब कैसे हो गया। दूसरे बेटे किशन की शादी कराने की खुशियों पर पानी फिर गया था।
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यही हाल आकाश के घर का भी रहा। आकाश के पिता शिव कुमार और मां गोमती की जैसे दुनिया ही लुट गई हो। भाई दीपक का हाथ बंटाने वाला चला गया था। बहन आरती, अंजलि और अंजू को बिलखता देख हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। उधर, रिश्तेदार राजकुमार का शव उसके ननिहाल हलियापुर ले जाया गया, जहां परिजनों के साथ ही गांववालों ने नाम आंखों से राजकुमार को अंतिम विदाई दी।
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पोस्टमार्टम के बाद दोनों भाइयों का शव बुधवार को घर पहुंचा तो गांव में चीत्कार मच गई। जो जहां था, शव के अंतिम दर्शन के लिए चल पड़ा। जिसने भी दोनों नौजवानों का चेहरा अंतिम बार देखा, वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया।
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बेटे का शव देखते ही अमित की मां गुड़िया दहाड़े मारकर रोने लगीं, वहीं पत्नी साधना अचेत हो गईं। पिता बनवारी लाल की समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर यह सब कैसे हो गया। दूसरे बेटे किशन की शादी कराने की खुशियों पर पानी फिर गया था।
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यही हाल आकाश के घर का भी रहा। आकाश के पिता शिव कुमार और मां गोमती की जैसे दुनिया ही लुट गई हो। भाई दीपक का हाथ बंटाने वाला चला गया था। बहन आरती, अंजलि और अंजू को बिलखता देख हर किसी की आंखें नम हो जा रही थीं। उधर, रिश्तेदार राजकुमार का शव उसके ननिहाल हलियापुर ले जाया गया, जहां परिजनों के साथ ही गांववालों ने नाम आंखों से राजकुमार को अंतिम विदाई दी।