{"_id":"6928aa86794a5f8a63053292","slug":"the-body-of-the-driver-was-found-hanging-from-a-tree-amethi-news-c-13-1-lko1043-1490793-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: पेड़ पर फंदे से लटका मिला चालक का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: पेड़ पर फंदे से लटका मिला चालक का शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहगढ़। अंबेडकरनगर जिले के महरुआ थाना क्षेत्र के हीडी पकड़िया गांव निवासी रामलुटावन (50) का शव बृहस्पतिवार को गौरीगंज के रोहसी खुर्द गांव के पास बबूल के पेड़ से नायलॉन की रस्सी के सहारे लटका मिला। उनकी जेब से आधार कार्ड और दिल्ली से दानापुर का रेल टिकट बरामद हुआ। मामला संदिग्ध होने के चलते पुलिस घटना की गहराई से जांच कर रही है।
मृतक के पिता छोटेलाल ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में निजी वाहन चलाता था। वह दिल्ली से कब निकला, गौरीगंज कैसे पहुंचा और दानापुर क्यों जा रहा था, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर की शाम रामलुटावन ने अपनी बहन रीमा से फोन पर बात की थी, लेकिन घर आने की कोई चर्चा नहीं हुई थी। परिजनों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तहरीर दी जाएगी और वे दिल्ली जाकर भी जानकारी जुटाएंगे। इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। परिजनों ने अभी किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
पिता ने कहा, भगवान… यह क्या हो गया
पोस्टमार्टम हाउस में बेटे का शव देखकर पिता छोटेलाल फफक पड़े। रोते हुए बोले कि बुढ़ापे में भगवान ने यह क्या दिन दिखा दिया। बेटे को हमारा सहारा बनना था, अब उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ेगा। भाई रामसिंगार ने दुख जताया कि घर जाकर क्या बताएंगे, जहां भाभी मीरा रामलुटावन के लौटने का इंतजार कर रही हैं। बेटे रोहित और सत्यम बार-बार पिता की जानकारी पूछ रहे हैं। बहनें शिवकुमारी, सीमा, रीमा और नीतू भी घर पर उनकी राह देख रही हैं। परिजन शव घर ले जाने को लेकर गहरे सदमे में हैं।
विज्ञापन
गौरीगंज आने का कारण अब भी साफ नहीं
रामलुटावन की मौत से जुड़े कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। दिल्ली में नौकरी और अंबेडकरनगर में घर होने के बावजूद वह गौरीगंज कैसे पहुंचा, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस के पास नहीं है। जेब से मिला टिकट दानापुर का है, जबकि दानापुर और गौरीगंज दोनों का उसके पारिवारिक जीवन से कोई संबंध नहीं है। पुलिस इन सभी बिंदुओं को जोड़कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
विज्ञापन
मृतक के पिता छोटेलाल ने बताया कि उनका बेटा दिल्ली में निजी वाहन चलाता था। वह दिल्ली से कब निकला, गौरीगंज कैसे पहुंचा और दानापुर क्यों जा रहा था, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर की शाम रामलुटावन ने अपनी बहन रीमा से फोन पर बात की थी, लेकिन घर आने की कोई चर्चा नहीं हुई थी। परिजनों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तहरीर दी जाएगी और वे दिल्ली जाकर भी जानकारी जुटाएंगे। इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। परिजनों ने अभी किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
विज्ञापन
पिता ने कहा, भगवान… यह क्या हो गया
पोस्टमार्टम हाउस में बेटे का शव देखकर पिता छोटेलाल फफक पड़े। रोते हुए बोले कि बुढ़ापे में भगवान ने यह क्या दिन दिखा दिया। बेटे को हमारा सहारा बनना था, अब उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ेगा। भाई रामसिंगार ने दुख जताया कि घर जाकर क्या बताएंगे, जहां भाभी मीरा रामलुटावन के लौटने का इंतजार कर रही हैं। बेटे रोहित और सत्यम बार-बार पिता की जानकारी पूछ रहे हैं। बहनें शिवकुमारी, सीमा, रीमा और नीतू भी घर पर उनकी राह देख रही हैं। परिजन शव घर ले जाने को लेकर गहरे सदमे में हैं।
विज्ञापन
गौरीगंज आने का कारण अब भी साफ नहीं
रामलुटावन की मौत से जुड़े कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। दिल्ली में नौकरी और अंबेडकरनगर में घर होने के बावजूद वह गौरीगंज कैसे पहुंचा, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस के पास नहीं है। जेब से मिला टिकट दानापुर का है, जबकि दानापुर और गौरीगंज दोनों का उसके पारिवारिक जीवन से कोई संबंध नहीं है। पुलिस इन सभी बिंदुओं को जोड़कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।