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बच्चों को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की भी शिक्षा दें
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गौरीगंज (अमेठी)। अध्ययनरत बच्चों को कंप्यूटर संबंधी शिक्षा को और आधुनिक तरीके से देने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। टाइपिंग के साथ ही सॉफ्टवेयर की भी जानकारी दें जिससे बच्चों को रोजगार मिलने में असुविधा न हो।
ये बातें सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने असैदापुर में संचालित कौशल विकास केंद्र के निरीक्षण के दौरान कही। केंद्र पहुंचते ही सीडीओ ने सबसे पहले पंजीकृत बच्चों की हकीकत जानी। प्रधानाचार्य एसके सिंह ने उन्हें बताया कि केंद्र पर कुल 27 बच्चे पंजीकृत हैं। सभी की हर रोज बायोमिट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दर्ज कराई जाती है। मौके पर 23 बच्चे उपस्थित मिले।
कक्षा में पहुंचते ही सीडीओ अध्यापक की भूमिका में आ गईं। उन्होंने छात्रा शिक्षा से बायो मैटेरियल वेस्ट तथा मानव संरचना का प्रश्न किया तो छात्रा ने सही उत्तर दिया। इसके बाद सीडीओ ने कई अन्य बच्चों से ब्लड प्रेशर मशीन का उपयोग, थर्मामीटर में पाए जाने वाले पदार्थ का नाम समेत कई सवाल किए। बच्चों द्वारा सभी प्रश्नों का सही उत्तर मिलने से सीडीओ संतुष्ट दिखीं।
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इसके बाद वह कंप्यूटर लैब में पहुंचीं तो वहां मानक के अनुसार 15 के बजाय 18 कंप्यूटर संचालित मिले। चार बच्चों से एक्सएल पर टाइपिंग का टेस्ट लिया। प्रधानाचार्य को बच्चों को सॉफ्टवेयर के साथ ही कंप्यूटर संबंधी शिक्षा को और आधुनिक तरीके से देने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की सलाह दी।
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ये बातें सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर ने असैदापुर में संचालित कौशल विकास केंद्र के निरीक्षण के दौरान कही। केंद्र पहुंचते ही सीडीओ ने सबसे पहले पंजीकृत बच्चों की हकीकत जानी। प्रधानाचार्य एसके सिंह ने उन्हें बताया कि केंद्र पर कुल 27 बच्चे पंजीकृत हैं। सभी की हर रोज बायोमिट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दर्ज कराई जाती है। मौके पर 23 बच्चे उपस्थित मिले।
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कक्षा में पहुंचते ही सीडीओ अध्यापक की भूमिका में आ गईं। उन्होंने छात्रा शिक्षा से बायो मैटेरियल वेस्ट तथा मानव संरचना का प्रश्न किया तो छात्रा ने सही उत्तर दिया। इसके बाद सीडीओ ने कई अन्य बच्चों से ब्लड प्रेशर मशीन का उपयोग, थर्मामीटर में पाए जाने वाले पदार्थ का नाम समेत कई सवाल किए। बच्चों द्वारा सभी प्रश्नों का सही उत्तर मिलने से सीडीओ संतुष्ट दिखीं।
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इसके बाद वह कंप्यूटर लैब में पहुंचीं तो वहां मानक के अनुसार 15 के बजाय 18 कंप्यूटर संचालित मिले। चार बच्चों से एक्सएल पर टाइपिंग का टेस्ट लिया। प्रधानाचार्य को बच्चों को सॉफ्टवेयर के साथ ही कंप्यूटर संबंधी शिक्षा को और आधुनिक तरीके से देने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की सलाह दी।