{"_id":"6916264406e5afbd4a035584","slug":"sub-inspector-arrested-red-handed-while-accepting-a-bribe-of-rs-30000-amethi-news-c-96-1-ame1002-152297-2025-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: 30 हजार रुपये घूस लेते उपनिरीक्षक रंगे हाथों गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: 30 हजार रुपये घूस लेते उपनिरीक्षक रंगे हाथों गिरफ्तार
Fri, 14 Nov 2025 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 14 Nov 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। कमरौली थाने में दर्ज एक मामले में चार्जशीट दाखिल करने के लिए घूस मांगने की शिकायत पर बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने संग्रामपुर थाने में तैनात दरोगा कर्मवीर सिंह को लखनऊ में रंगेहाथ पकड़ लिया। कर्मवीर सीतापुर के रहने वाले हैं और 1986 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। मामला जामों के सूखीबाजगढ़ निवासी गंगाराम की तहरीर पर दर्ज केस से जुड़ा है।
गंगाराम ने 24 जुलाई को कमरौली थाने में सात नामजद और तीन अज्ञात पर मारपीट और चेक से धन निकालने जैसे आरोपों में केस दर्ज कराया था। उनका कहना है कि विवेचना की जिम्मेदारी संभालने के बाद दरोगा कर्मवीर सिंह ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की। गंगाराम ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण के बाद भी दरोगा रकम के लिए दबाव बनाता रहा और बार-बार फोन कर मांग करता रहा।
परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। बृहस्पतिवार को लखनऊ के फीनिक्स पलासियो मॉल में शिकायतकर्ता को बुलाया गया। गेट नंबर सात पर जैसे ही दरोगा ने 30 हजार रुपये लेकर जेब में रखे, टीम ने उसे वहीं पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद कर्मवीर सिंह को एंटी करप्शन टीम ले गई और पूछताछ के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
विज्ञापन
तीन नवंबर को संग्रामपुर में हुई पोस्टिंग
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि उपनिरीक्षक कर्मवीर सिंह की पोस्टिंग तीन नवंबर को संग्रामपुर में हुई थी। ज्वाइन करने के बाद वह अवकाश पर चले गए थे। लखनऊ में एंटी करप्शन टीम से गिरफ्तारी की सूचना मिली है। प्रारंभिक जांच में मामला कमरौली थाने से जुड़े प्रकरण में रिश्वत मांगने का पाया गया है।
विज्ञापन
गंगाराम ने 24 जुलाई को कमरौली थाने में सात नामजद और तीन अज्ञात पर मारपीट और चेक से धन निकालने जैसे आरोपों में केस दर्ज कराया था। उनका कहना है कि विवेचना की जिम्मेदारी संभालने के बाद दरोगा कर्मवीर सिंह ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की। गंगाराम ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण के बाद भी दरोगा रकम के लिए दबाव बनाता रहा और बार-बार फोन कर मांग करता रहा।
विज्ञापन
परेशान होकर उन्होंने एंटी करप्शन टीम को सूचना दी। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। बृहस्पतिवार को लखनऊ के फीनिक्स पलासियो मॉल में शिकायतकर्ता को बुलाया गया। गेट नंबर सात पर जैसे ही दरोगा ने 30 हजार रुपये लेकर जेब में रखे, टीम ने उसे वहीं पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद कर्मवीर सिंह को एंटी करप्शन टीम ले गई और पूछताछ के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
विज्ञापन
तीन नवंबर को संग्रामपुर में हुई पोस्टिंग
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि उपनिरीक्षक कर्मवीर सिंह की पोस्टिंग तीन नवंबर को संग्रामपुर में हुई थी। ज्वाइन करने के बाद वह अवकाश पर चले गए थे। लखनऊ में एंटी करप्शन टीम से गिरफ्तारी की सूचना मिली है। प्रारंभिक जांच में मामला कमरौली थाने से जुड़े प्रकरण में रिश्वत मांगने का पाया गया है।