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Amethi News: रात से ही लगाते लाइन, फिर भी तत्काल टिकट नहीं मिलता
Fri, 06 Jun 2025 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 06 Jun 2025 12:19 AM IST
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अमेठी रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट के लिए लाइन में खड़े लोग। स्रोत- संवाद
अमेठी। स्थानीय रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर तत्काल टिकट पाने के लिए लोग रात से ही लाइन में लगा रहे हैं, फिर भी उन्हें निराशा हाथ लग रही है। दिल्ली और मुंबई की ट्रेनों के तत्काल टिकट एक मिनट में फुल हो जा रहे हैं। आलम यह है कि खिड़की से केवल दो से तीन यात्रियों को ही कन्फर्म टिकट मिल पा रहे हैं, बाकी सभी को वेटिंग में ही संतोष करना पड़ रहा है।
अमेठी स्टेशन से संचालित ट्रेनों में आरक्षित टिकट मिलना अब किसी चुनौती से कम नहीं है। बंगलुरु, मुंबई, सूरत, दिल्ली और अहमदाबाद जाने के लिए टिकटों की जबरदस्त मांग है। सुबह 10 बजे से लोग काउंटर के पास डेरा डालना शुरू कर देते हैं। रात 12 बजे तक चार से पांच लोग लाइन में होते हैं और रात गहराते-गहराते यह संख्या बढ़ जाती है। भोर में पांच बजे के बाद लाइन और लंबी हो जाती है, जो टिकट वितरण तक बनी रहती है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, देहरादून, अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों के लिए यात्रियों की भीड़ स्टेशन पहुंच रही है।
तत्काल कोटे की सीटें इतनी सीमित हैं कि सुबह 10 बजे एसी और 11 बजे स्लीपर क्लास का टिकट काउंटर खुलते ही एक मिनट के भीतर वेटिंग में चला जाता है। ऐसे में कुछ यात्री वेटिंग टिकट लेने मजबूर हो रहे हैं तो कई मायूस होकर घर लौट जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को टिकट के लिए लाइन में लगे मोहित मिश्रा ने बताया कि उन्हें मुंबई जाना था। इसके लिए वह आधी रात को ही स्टेशन आ गए थे और कतार में लग गए थे। पूरी रात जागने के बाद भी सिर्फ पहले नंबर के यात्री को एक कन्फर्म टिकट ही मिल पाया।
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वहीं बंगलुरु जाने के लिए आए आशीष कुमार ने बताया कि उन्हें अपने परिवार के साथ यात्रा करनी थी। उन्होंने दो रातें लाइन में बिताईं, लेकिन तीसरे नंबर पर फार्म जमा करने के बावजूद वेटिंग टिकट ही मिला। स्टेशन अधीक्षक जेपी शुक्ल ने बताया कि तत्काल कोटे के टिकट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर वितरित किए जाते हैं। मुंबई और दिल्ली की ट्रेनों की मांग अधिक होने के कारण सीटें चंद मिनटों में भर जाती हैं। प्रतिदिन एसी और स्लीपर दोनों श्रेणियों में टिकटें जारी की जा रही हैं और यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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अमेठी स्टेशन से संचालित ट्रेनों में आरक्षित टिकट मिलना अब किसी चुनौती से कम नहीं है। बंगलुरु, मुंबई, सूरत, दिल्ली और अहमदाबाद जाने के लिए टिकटों की जबरदस्त मांग है। सुबह 10 बजे से लोग काउंटर के पास डेरा डालना शुरू कर देते हैं। रात 12 बजे तक चार से पांच लोग लाइन में होते हैं और रात गहराते-गहराते यह संख्या बढ़ जाती है। भोर में पांच बजे के बाद लाइन और लंबी हो जाती है, जो टिकट वितरण तक बनी रहती है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, देहरादून, अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों के लिए यात्रियों की भीड़ स्टेशन पहुंच रही है।
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तत्काल कोटे की सीटें इतनी सीमित हैं कि सुबह 10 बजे एसी और 11 बजे स्लीपर क्लास का टिकट काउंटर खुलते ही एक मिनट के भीतर वेटिंग में चला जाता है। ऐसे में कुछ यात्री वेटिंग टिकट लेने मजबूर हो रहे हैं तो कई मायूस होकर घर लौट जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को टिकट के लिए लाइन में लगे मोहित मिश्रा ने बताया कि उन्हें मुंबई जाना था। इसके लिए वह आधी रात को ही स्टेशन आ गए थे और कतार में लग गए थे। पूरी रात जागने के बाद भी सिर्फ पहले नंबर के यात्री को एक कन्फर्म टिकट ही मिल पाया।
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वहीं बंगलुरु जाने के लिए आए आशीष कुमार ने बताया कि उन्हें अपने परिवार के साथ यात्रा करनी थी। उन्होंने दो रातें लाइन में बिताईं, लेकिन तीसरे नंबर पर फार्म जमा करने के बावजूद वेटिंग टिकट ही मिला। स्टेशन अधीक्षक जेपी शुक्ल ने बताया कि तत्काल कोटे के टिकट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर वितरित किए जाते हैं। मुंबई और दिल्ली की ट्रेनों की मांग अधिक होने के कारण सीटें चंद मिनटों में भर जाती हैं। प्रतिदिन एसी और स्लीपर दोनों श्रेणियों में टिकटें जारी की जा रही हैं और यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।