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Amethi News: मां स्कंदमाता की पूजा कर खुशहाली की कामना
Fri, 16 Oct 2026 01:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:19 AM IST
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संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम में दर्शन-पूजन करते श्रद्धालु। -संवाद
अमेठी सिटी। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना के लिए देवी धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। मंदिरों में मातारानी के जयकारे गूंजे तो कई स्थानों पर कन्या पूजन के साथ भंडारा आयोजित कर प्रसाद बांटा गया।
सुबह से ही अहोरवा भवानी, हिंगलाज माता मंदिर, दुर्गन भवानी धाम, देवीपाटन, माता मवई धाम और संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने फूल-माला, नारियल, चुनरी और फल अर्पित कर विधि-विधान से पूजन किया। नवरात्र के नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर मां की आराधना की।
घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती व देवी चालीसा का पाठ किया गया। भक्तों ने मां से परिवार में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। आचार्य कपिल देव मिश्र ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार मां स्कंदमाता की आराधना से ज्ञान, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार भेंट किए।
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सुबह से ही अहोरवा भवानी, हिंगलाज माता मंदिर, दुर्गन भवानी धाम, देवीपाटन, माता मवई धाम और संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने फूल-माला, नारियल, चुनरी और फल अर्पित कर विधि-विधान से पूजन किया। नवरात्र के नौ दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर मां की आराधना की।
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घरों और मंदिरों में दुर्गा सप्तशती व देवी चालीसा का पाठ किया गया। भक्तों ने मां से परिवार में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। आचार्य कपिल देव मिश्र ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार मां स्कंदमाता की आराधना से ज्ञान, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। नवरात्र के अवसर पर देवी मंदिरों में कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार भेंट किए।
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