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Amethi News: आचरण व कर्म से होती है व्यक्ति की पहचान
Fri, 16 Oct 2026 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:34 AM IST
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भादर के गाजीपुर स्थित श्री खाकी बाबा आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
भादर। गाजीपुर स्थित श्री खाकी बाबा आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रवाचक पंडित श्यामसुंदर मिश्र भोले महाराज ने भगवान की लीलाओं के प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में सद्कर्म अपनाने का संदेश दिया। कहा कि मनुष्य की पहचान उसके पद या संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके आचरण और कर्मों से होती है।
प्रवाचक ने कथा के माध्यम से समझाया कि दूसरों के दुख को समझना, जरूरतमंदों की सहायता करना और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य हैं। परिवार में प्रेम और समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है। किसी की परेशानी में साथ देना और सामर्थ्य के अनुसार मदद करना मानवीयता का परिचय है।
उन्होंने कहा कि क्रोध, अहंकार और लालच कई बार व्यक्ति को सही निर्णय लेने से रोकते हैं। ऐसे में संयम और विनम्रता के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। दूसरों की कमियां निकालने के बजाय अपने व्यवहार पर विचार करना और गलतियों को सुधारना व्यक्ति को बेहतर बनाता है। इस मौके पर संतबक्श सिंह, लालजी सिंह, ध्रुव कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, शंकर सोनी और शिवनारायण कनौजिया आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कथा के माध्यम से समझाया कि दूसरों के दुख को समझना, जरूरतमंदों की सहायता करना और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य हैं। परिवार में प्रेम और समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है। किसी की परेशानी में साथ देना और सामर्थ्य के अनुसार मदद करना मानवीयता का परिचय है।
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उन्होंने कहा कि क्रोध, अहंकार और लालच कई बार व्यक्ति को सही निर्णय लेने से रोकते हैं। ऐसे में संयम और विनम्रता के साथ परिस्थितियों का सामना करना चाहिए। दूसरों की कमियां निकालने के बजाय अपने व्यवहार पर विचार करना और गलतियों को सुधारना व्यक्ति को बेहतर बनाता है। इस मौके पर संतबक्श सिंह, लालजी सिंह, ध्रुव कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, शंकर सोनी और शिवनारायण कनौजिया आदि मौजूद रहे।
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