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बड़ा नीक लागै राघव जी के गऊंवा...

Tue, 02 Mar 2021 10:34 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Mar 2021 10:34 PM IST
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second day of ram katha
गौरीगंज (अमेठी)। नौ दिवसीय रामकथा के दूसरे दिन रामभद्राचार्य की कथा में मंगलवार को श्रद्धालु इतनी संख्या में जुटे कि स्थान कम पड़ गया।
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जगद्गुरू ने सुंदर कांड की उसी चौपाई को आगे बढ़ाते हुए राम चरित मानस में भगवान श्रीराम की पांच लीलाओं, सती द्वारा प्रभु पर हुए 16 संदेहों का विस्तार से वर्णन किया। बीच-बीच में राम भजन का गायन कर कथा वाचक ने मौजूद विशाल भीड़ को झूमने पर मजबूर कर दिया।
रणंजय इंटर कॉलेज खेल मैदान में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के दूसरे दिन मंगलवार को जगद्गुरू रामभद्राचार्य महाराज की कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। जगद्गुरू ने पहले दिन की कथा को आगे बढ़ाते हुए भगवान श्रीराम और हनुमान के प्रेम को देखकर शिवजी के मन में आई व्यथा का वर्णन विस्तार से किया।
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इसके बाद राम चरित मानस में भगवान की पांच लीलाओं का वर्णन किया गया। कहा कि पूरे राम चरित मानस में भगवान की बाल, विवाह, वन, रण और राज्यलीला का वर्णन है। कथा व्यास ने नीलांभुजश्याम मलको मलांगम, सीता समारो पितवाम भागम।
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पाणौ महाशाय एक चारू चापम, नमामि रामम रघुवंशनाथम का भी विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि प्रभु कोमल हैं। वाम भाग में सीता हैं। श्रीराम महान वाण और सुंदर धनुष धारण किए हुए हैं। मैं रामजी को नमन करता हूं।
रामजी लीला खेलते हुए राज्य लीला रचाते हैं। जगद्गुरू ने शिवजी द्वारा श्रीराम की पांच लीलाओं सत चित भावन मन भावन की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि सत बाल लीला, चित विवाह लीला, भावना वर्ण लीला, मन जगपावन लीला तथा भावन को राज्यलीला बताया।
शिव द्वारा भगवान राम की कथा सुनने पर पत्नी सती को हुए 16 संदेह का भी विस्तार से वर्णन किया। बीच-बीच में बड़ नीक लागै राम जी के गऊंवा समेत कई अन्य राम भजन का गायन कर जगद्गुरू ने बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया।

रामभद्राचार्य ने बताया कि वे अब तक आठ हजार बार राम चरित मानस का अध्ययन कर चुके हैं। कहा कि यह ग्रंथ अब तक के सभी ग्रंथों में सबसे महान है। उन्होंने राम चरित मानस की अपने द्वारा लिखी गई विजय संस्करण की एक प्रति मंच पर आयोजक डॉ. अनिल त्रिपाठी को देते हुए मौजूद श्रद्धालुओं से कथा स्थल पर लगे स्टॉल से खरीदकर उसका अध्ययन करने की अपील की।
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