{"_id":"698df6a74e7dfacb380ba646","slug":"scrap-dealer-kidnapped-in-broad-daylight-released-after-taking-rs-10-lakh-amethi-news-c-96-1-ame1002-158700-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: दिनदहाड़े कबाड़ कारोबारी का अपहरण, 10 लाख लेकर छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: दिनदहाड़े कबाड़ कारोबारी का अपहरण, 10 लाख लेकर छोड़ा
Thu, 12 Feb 2026 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 12 Feb 2026 09:19 PM IST
विज्ञापन
व्यापारी रमन कुमार अग्रहरि उर्फ बबलू।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुसाफिरखाना। कार सवार बदमाशों ने मंगलवार सुबह लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर ढ़ाबे के पास से भीखीपुर गांव निवासी कबाड़ कारोबारी रमन कुमार अग्रहरि उर्फ बबलू का अपहरण कर लिया। रमन के मुताबिक, 10 लाख रुपये फिरौती देने के बाद अपहरणकर्ता उन्हें मंगलवार रात अयोध्या के चमनगंज में छोड़कर भाग गए। हालांकि, पुलिस इसे आपसी लेनदेन का प्रकरण मान रही है। बावजूद इसके, जांच के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।
रमन कुमार अग्रहरि ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे वह अपने बच्चों शिफाली और नैतिक को हाईवे किनारे संचालित निजी स्कूल में छोड़कर एसयूवी से घर लौट रहे थे। मुसाफिरखाना कस्बे के निकट हाईवे किनारे ढाबे के पास कार सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी जबरन रोक ली। तमंचा दिखाकर उन्हें अपनी कार में बैठा लिया और अयोध्या की ओर ले गए। रास्ते में आंखों पर कपड़ा बांधकर जूते और बेल्ट से पिटाई की गई। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने रमन के परिजनों से संपर्क कर फिरौती की मांग की। पीड़ित का कहना है कि ड्राइवर हंसराज के माध्यम से 10 लाख रुपये पहुंचाने के बाद देर रात उन्हें चमनगंज के पास छोड़ दिया गया। वह किसी तरह घर पहुंचे, जिसके बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। बुधवार रात उन्होंने परिजनों के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरी बात बताई। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पीड़ित की ओर से दो बैंकों से नकदी निकालने की बात कही गई है। इसमें एचडीएफसी बैंक से 4 लाख 40 हजार रुपये निकाले जाने की पुष्टि हुई है। गौरीगंज स्थित बैंक से साढ़े तीन लाख रुपये निकाले जाने की सत्यता पता की जा रही है। ड्राइवर ने अपहरणकर्ताओं को कहां पर फिरौती की रकम दी, ये बात भी अभी सामने नहीं आई है। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि जांच के लिए सर्विलांस, एसओजी और कोतवाली की दो टीमें गठित की गई हैं।
हो रही मामले की जांच
एसपी सरवणन टी ने बताया कि व्यापारी के बयानों में विरोधाभास है। फिरौती की रकम अलग-अलग बताई गई है और अभी तक कोई तहरीर भी नहीं दी गई है। प्रथमदृष्टया मामला लेनदेन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। जांच में अब तक अपहरण कर फिरौती मांगने की बात संदिग्ध मिली है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में वादरात होने से जुड़े कोई साक्ष्य नहीं मिली है। व्यापारी ने तीन लोगों ने संदेह जताया, उनसे भी पूछताछ में घटना के सही होने की पुष्टि नहीं हुई है। कॉल डिटेल सहित अन्य बिंदुओं की जांच हो रही है। जल्द ही वारदात का राजफाश किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
रमन कुमार अग्रहरि ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे वह अपने बच्चों शिफाली और नैतिक को हाईवे किनारे संचालित निजी स्कूल में छोड़कर एसयूवी से घर लौट रहे थे। मुसाफिरखाना कस्बे के निकट हाईवे किनारे ढाबे के पास कार सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी जबरन रोक ली। तमंचा दिखाकर उन्हें अपनी कार में बैठा लिया और अयोध्या की ओर ले गए। रास्ते में आंखों पर कपड़ा बांधकर जूते और बेल्ट से पिटाई की गई। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने रमन के परिजनों से संपर्क कर फिरौती की मांग की। पीड़ित का कहना है कि ड्राइवर हंसराज के माध्यम से 10 लाख रुपये पहुंचाने के बाद देर रात उन्हें चमनगंज के पास छोड़ दिया गया। वह किसी तरह घर पहुंचे, जिसके बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली। बुधवार रात उन्होंने परिजनों के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरी बात बताई। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पीड़ित की ओर से दो बैंकों से नकदी निकालने की बात कही गई है। इसमें एचडीएफसी बैंक से 4 लाख 40 हजार रुपये निकाले जाने की पुष्टि हुई है। गौरीगंज स्थित बैंक से साढ़े तीन लाख रुपये निकाले जाने की सत्यता पता की जा रही है। ड्राइवर ने अपहरणकर्ताओं को कहां पर फिरौती की रकम दी, ये बात भी अभी सामने नहीं आई है। सीओ अतुल सिंह ने बताया कि जांच के लिए सर्विलांस, एसओजी और कोतवाली की दो टीमें गठित की गई हैं।
विज्ञापन
हो रही मामले की जांच
एसपी सरवणन टी ने बताया कि व्यापारी के बयानों में विरोधाभास है। फिरौती की रकम अलग-अलग बताई गई है और अभी तक कोई तहरीर भी नहीं दी गई है। प्रथमदृष्टया मामला लेनदेन से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। जांच में अब तक अपहरण कर फिरौती मांगने की बात संदिग्ध मिली है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में वादरात होने से जुड़े कोई साक्ष्य नहीं मिली है। व्यापारी ने तीन लोगों ने संदेह जताया, उनसे भी पूछताछ में घटना के सही होने की पुष्टि नहीं हुई है। कॉल डिटेल सहित अन्य बिंदुओं की जांच हो रही है। जल्द ही वारदात का राजफाश किया जाएगा।
विज्ञापन