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Amethi News: विज्ञान और हिंदी ने बच्चों को उलझाया
Sat, 30 Aug 2025 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:55 PM IST
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अमेठी सिटी। परिषदीय स्कूलों में शनिवार को सत्र परीक्षा के अंतिम दिन पहली पाली में कक्षा छह में विज्ञान और सात व आठ में हिंदी की परीक्षा हुई, जिसमें छात्र उलझे रहे। दूसरी पाली में पर्यावरण अध्ययन का प्रश्नपत्र आया।
गौरीगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय शुकुलडीह में विद्यार्थियों के अनुभव अलग-अलग रहे। कक्षा छह की छात्रा शिवानी ने बताया कि विज्ञान का पेपर अपेक्षा से कठिन रहा। कई सवाल ऐसे थे, जिनकी तैयारी की थी, लेकिन जवाब याद नहीं आया। सहपाठी शालिनी ने कहा कि प्रश्न हल करते-करते समय कब बीत गया, पता ही नहीं चला। कक्षा सात की कल्पना ने हिंदी प्रश्नपत्र को संतुलित बताया। कहा कि व्याकरण वाले प्रश्न थोड़े कठिन थे, बाकी प्रश्न सरल रहे। वहीं, आठवीं के बच्चों का कहना था कि हिंदी का पेपर आसान रहा, बस निबंध और पत्र लेखन ने सोचने पर मजबूर किया। दूसरी पाली में पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा बच्चों के लिए राहतभरी रही। अधिकतर छात्रों ने इसे सरल बताया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने कहा कि सत्र परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। अब कॉपियों का मूल्यांकन होगा और परिणाम के आधार पर अभिभावकों को बच्चों की प्रगति से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन से बच्चों की कमजोरियों व क्षमताओं का पता चलेगा, जिसके आधार पर उन्हें निपुणता की ओर अग्रसर किया जाएगा।
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गौरीगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय शुकुलडीह में विद्यार्थियों के अनुभव अलग-अलग रहे। कक्षा छह की छात्रा शिवानी ने बताया कि विज्ञान का पेपर अपेक्षा से कठिन रहा। कई सवाल ऐसे थे, जिनकी तैयारी की थी, लेकिन जवाब याद नहीं आया। सहपाठी शालिनी ने कहा कि प्रश्न हल करते-करते समय कब बीत गया, पता ही नहीं चला। कक्षा सात की कल्पना ने हिंदी प्रश्नपत्र को संतुलित बताया। कहा कि व्याकरण वाले प्रश्न थोड़े कठिन थे, बाकी प्रश्न सरल रहे। वहीं, आठवीं के बच्चों का कहना था कि हिंदी का पेपर आसान रहा, बस निबंध और पत्र लेखन ने सोचने पर मजबूर किया। दूसरी पाली में पर्यावरण अध्ययन की परीक्षा बच्चों के लिए राहतभरी रही। अधिकतर छात्रों ने इसे सरल बताया।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने कहा कि सत्र परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। अब कॉपियों का मूल्यांकन होगा और परिणाम के आधार पर अभिभावकों को बच्चों की प्रगति से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन से बच्चों की कमजोरियों व क्षमताओं का पता चलेगा, जिसके आधार पर उन्हें निपुणता की ओर अग्रसर किया जाएगा।
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