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स्कूल पहुंची छात्रा ने की सफाई
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अमेठी। कोरोना की दूसरी लहर की वजह से बंद जिले के सभी जूनियर स्कूल करीब चार माह बाद मंगलवार से विद्यार्थियों के लिए खोल दिए गए। कोरोना से बचाव के लिए विद्यार्थियों को मास्क के साथ प्रवेश देने के बाद कक्षा में उचित दूरी पर बैठाया गया। निजी स्कूलों में प्रवेश से पहले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की गई। स्कूलों में पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही।
प्रशासन के सख्त निर्देश के बावजूद कई स्कूल निर्धारित समय पर नहीं खुल सके। जूनियर हाईस्कूल अफुइया मेें शिक्षक से लेकर बच्चे तक मास्क विहीन दिखे। अफुइया के ही राजकीय हाईस्कूल में व्यवस्था का आलम यह था कि कई माह बाद पढ़ने स्कूल पहुंची छात्राओं से ही झाडू़ लगवाई गई। इस पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार राबिया का कहना था कि सफाई कर्मी नहीं आया था इसलिए बच्चियों ने खुद से परिसर को साफ सुथरा किया। दूसरी तरफ कई सरकारी स्कूलों में बच्चों को रोली चंदन लगाकर आरती उतारने के अलावा उनका मुंह भी मीठा कराया गया। कुछ स्कूलों में शिक्षकों ने बच्चों को मास्क वितरित किया। हालांकि पहले दिन अधिकांश स्कूलों (निजी को छोड़कर) में विद्यार्थियों की उपस्थिति 20-25 प्रतिशत तक ही रही।
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प्रशासन के सख्त निर्देश के बावजूद कई स्कूल निर्धारित समय पर नहीं खुल सके। जूनियर हाईस्कूल अफुइया मेें शिक्षक से लेकर बच्चे तक मास्क विहीन दिखे। अफुइया के ही राजकीय हाईस्कूल में व्यवस्था का आलम यह था कि कई माह बाद पढ़ने स्कूल पहुंची छात्राओं से ही झाडू़ लगवाई गई। इस पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार राबिया का कहना था कि सफाई कर्मी नहीं आया था इसलिए बच्चियों ने खुद से परिसर को साफ सुथरा किया। दूसरी तरफ कई सरकारी स्कूलों में बच्चों को रोली चंदन लगाकर आरती उतारने के अलावा उनका मुंह भी मीठा कराया गया। कुछ स्कूलों में शिक्षकों ने बच्चों को मास्क वितरित किया। हालांकि पहले दिन अधिकांश स्कूलों (निजी को छोड़कर) में विद्यार्थियों की उपस्थिति 20-25 प्रतिशत तक ही रही।
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