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Amethi News: गायत्री साधना से होता है सद्बुद्धि का विकास
Fri, 21 Aug 2026 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:43 AM IST
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गायत्री शक्तिपीठ अमेठी में जप अनुष्ठान करते साधक।-संवाद
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अमेठी। गायत्री शक्तिपीठ में 40 दिवसीय गायत्री साधना के तहत आयोजित पूजन-अर्चन कार्यक्रम में पं. शारदा प्रसाद शुक्ल ने गायत्री साधना के आध्यात्मिक और भौतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गायत्री साधना से व्यक्ति में सद्बुद्धि का विकास होता है। इससे सामान्य जीवात्मा क्रमश: महात्मा, देवात्मा और परमात्मा के स्तर की ओर अग्रसर होती है।
उन्होंने कहा कि गायत्री की स्थूल धारा सावित्री को व्यक्ति जितनी मात्रा में धारण करता है, वह भौतिक क्षेत्र में उतना ही समृद्ध और संपन्न होता जाता है। उन्होंने कहा कि गायत्री से प्राप्त प्रज्ञा शक्ति व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने का कार्य करती है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर महामानवों के उच्च स्तर तक पहुंच सकता है।
साधना के साथ प्रज्ञा शक्ति का विकास व्यक्ति के विचार, व्यवहार और कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। इससे वह अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी बन सकता है। कार्यक्रम में रामतीरथ तिवारी, जितेंद्र कुमार सिंह, सुधीर कुमार सिंह, इंद्रदेव शर्मा, सुधा गुप्ता, शीला जायसवाल, सुनीता सिंह, कविता शर्मा, अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि गायत्री की स्थूल धारा सावित्री को व्यक्ति जितनी मात्रा में धारण करता है, वह भौतिक क्षेत्र में उतना ही समृद्ध और संपन्न होता जाता है। उन्होंने कहा कि गायत्री से प्राप्त प्रज्ञा शक्ति व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने का कार्य करती है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर महामानवों के उच्च स्तर तक पहुंच सकता है।
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साधना के साथ प्रज्ञा शक्ति का विकास व्यक्ति के विचार, व्यवहार और कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन लाता है। इससे वह अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी बन सकता है। कार्यक्रम में रामतीरथ तिवारी, जितेंद्र कुमार सिंह, सुधीर कुमार सिंह, इंद्रदेव शर्मा, सुधा गुप्ता, शीला जायसवाल, सुनीता सिंह, कविता शर्मा, अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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