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Amethi News: सेवानिवृत्त रेलकर्मी से ठगे 19.28 लाख रुपये
Fri, 12 Dec 2025 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:18 AM IST
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बाजारशुकुल। पूरे बना मजरे बहारपुर निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी बृजमोहन पासी पेंशन सत्यापन के नाम पर साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए। फर्जी अधिकारी बनकर फोन करने वाले ठग ने उनको भरोसे में लेकर बैंक खाते से नौ बार में 19.28 लाख रुपये निकाल लिए। बाजारशुकुल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बृजमोहन पासी 31 अक्तूबर को गैंगमैन के पद से सेवामुक्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि आठ दिसंबर की सुबह उनके फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को डीआरएम कार्यालय मुंबई का सीनियर डिवीजनल पर्सनल ऑफिसर बताया। उसने कहा कि पेंशन शुरू होने में कागजात की गलती बाधा बन रही है और तुरंत जांच जरूरी है। भरोसा बढ़ाने के लिए कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप पर पहचान से जुड़े कागजात की पीडीएफ फाइलें भेजीं।
कागजात देखकर बृजमोहन को लगा कि फोन वास्तव में रेलवे कार्यालय से आया है। इसके बाद ठग ने मोबाइल पर लगातार मेसेज भेजकर सवाल-जवाब करने शुरू कर दिए। इसी दौरान खाते से रकम निकाल ली गई। बृजमोहन ने बताया कि थोड़े समय में ही भारतीय स्टेट बैंक खाते से लगातार नौ लेनदेन हुए और कुल 19.28 लाख रुपये निकल गए। रकम निकलने का मेसेज आते ही वे घबरा गए और तुरंत बाजारशुकुल थाने पहुंचे।
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थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने कहा कि साइबर सेल की टीम मोबाइल और बैंक संबंधी जानकारी खंगाल रही है। टीम डिजिटल सबूतों की मदद से ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। स्टेट बैंक बाजारशुकुल के शाखा प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की सूचना पर खाते से रकम की निकासी रोक दी गई है। समय रहते खाते में लगभग 4.50 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए हैं।
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने कहा कि जागरूकता की कमी से ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। अज्ञात नंबर से कॉल पर पेंशन या बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। मोबाइल पर आए लिंक या फाइल बिना जांच न खोलें। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत 1930 पर सूचना दें। सतर्कता ही सुरक्षा है।
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बृजमोहन पासी 31 अक्तूबर को गैंगमैन के पद से सेवामुक्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि आठ दिसंबर की सुबह उनके फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को डीआरएम कार्यालय मुंबई का सीनियर डिवीजनल पर्सनल ऑफिसर बताया। उसने कहा कि पेंशन शुरू होने में कागजात की गलती बाधा बन रही है और तुरंत जांच जरूरी है। भरोसा बढ़ाने के लिए कॉल करने वाले ने व्हाट्सएप पर पहचान से जुड़े कागजात की पीडीएफ फाइलें भेजीं।
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कागजात देखकर बृजमोहन को लगा कि फोन वास्तव में रेलवे कार्यालय से आया है। इसके बाद ठग ने मोबाइल पर लगातार मेसेज भेजकर सवाल-जवाब करने शुरू कर दिए। इसी दौरान खाते से रकम निकाल ली गई। बृजमोहन ने बताया कि थोड़े समय में ही भारतीय स्टेट बैंक खाते से लगातार नौ लेनदेन हुए और कुल 19.28 लाख रुपये निकल गए। रकम निकलने का मेसेज आते ही वे घबरा गए और तुरंत बाजारशुकुल थाने पहुंचे।
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थानाध्यक्ष विवेक वर्मा ने कहा कि साइबर सेल की टीम मोबाइल और बैंक संबंधी जानकारी खंगाल रही है। टीम डिजिटल सबूतों की मदद से ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। स्टेट बैंक बाजारशुकुल के शाखा प्रबंधक अजय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की सूचना पर खाते से रकम की निकासी रोक दी गई है। समय रहते खाते में लगभग 4.50 लाख रुपये होल्ड करा दिए गए हैं।
एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने कहा कि जागरूकता की कमी से ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। अज्ञात नंबर से कॉल पर पेंशन या बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। मोबाइल पर आए लिंक या फाइल बिना जांच न खोलें। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत 1930 पर सूचना दें। सतर्कता ही सुरक्षा है।