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लापरवाही जिले के 259 प्रधानाचार्यों से जवाब-तलब
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गौरीगंज (अमेठी)। शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में शैक्षिक सत्र 2021-22 में आवेदन फार्म अग्रसारित नहीं करने पर 259 प्रधानाचार्यों को डीआईओएस ने नोटिस जारी की है। तत्काल बच्चों को आवेदन के प्रति जागरूक करते हुए पोर्टल पर लंबित आवेदनों की जांच कर अग्रसारित करने का निर्देश दिया है।
माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने में बच्चों को आर्थिक सकंट का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए शुल्क प्रतिपूर्ति (छात्रवृत्ति) योजना संचालित की जाती है। योजना में पिछड़ा कल्याण वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण वर्ग के साथ ही समाज कल्याण विभाग से बच्चों के आवेदन व उसकी जांच के बाद शुल्क के रूप में जमा राशि को खातें में अंतरित करने की व्यवस्था बनाई गई है।
शैक्षिक सत्र 2020-21 में कोविड काल में प्रभावित हुई योजना को शैक्षिक सत्र 2021-22 में बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। स्कूल खुलते ही प्रधानाचार्यों को बच्चों को जागरूक कर आवेदन कराने के साथ उनकी जांच कर अग्रसारित करने का निर्देश दिया गया था।
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15 सितंबर तक जिले में अल्पसंख्यक वर्ग व पिछड़ा वर्ग के साथ अनुसूचित जाति तथा सामान्य जाति के बच्चों का आवेदन पोर्टल पर लंबित होने तथा अनुमानित छात्र संख्या के अनुसार आवेदन नहीं होने का मामला सामने आया। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नरेंद्र पांडेय, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पंकज सिंह व समाज कल्याण अधिकारी आरके शर्मा की रिपोर्ट मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है।
डीआईओएस जय करन लाल वर्मा ने जिले में संचालित 35 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त व 199 वित्तविहीन स्कूल के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी की है। नोटिस में स्कूल में पंजीकृत बच्चों को जागरूक कर छात्रवृत्ति आवेदन कराने तथा पोर्टल पर आवेदन रिसीव कर जांच करते हुए अग्रसारित करने को कहा है। डीआईओएस ने पोर्टल पर आवेदन लंबित रहने, अपात्रों का योजना का लाभ मिलने तथा पात्र बच्चों के योजना से वंचित होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने में बच्चों को आर्थिक सकंट का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए शुल्क प्रतिपूर्ति (छात्रवृत्ति) योजना संचालित की जाती है। योजना में पिछड़ा कल्याण वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण वर्ग के साथ ही समाज कल्याण विभाग से बच्चों के आवेदन व उसकी जांच के बाद शुल्क के रूप में जमा राशि को खातें में अंतरित करने की व्यवस्था बनाई गई है।
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शैक्षिक सत्र 2020-21 में कोविड काल में प्रभावित हुई योजना को शैक्षिक सत्र 2021-22 में बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। स्कूल खुलते ही प्रधानाचार्यों को बच्चों को जागरूक कर आवेदन कराने के साथ उनकी जांच कर अग्रसारित करने का निर्देश दिया गया था।
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15 सितंबर तक जिले में अल्पसंख्यक वर्ग व पिछड़ा वर्ग के साथ अनुसूचित जाति तथा सामान्य जाति के बच्चों का आवेदन पोर्टल पर लंबित होने तथा अनुमानित छात्र संख्या के अनुसार आवेदन नहीं होने का मामला सामने आया। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नरेंद्र पांडेय, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पंकज सिंह व समाज कल्याण अधिकारी आरके शर्मा की रिपोर्ट मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है।
डीआईओएस जय करन लाल वर्मा ने जिले में संचालित 35 राजकीय, 25 सहायता प्राप्त व 199 वित्तविहीन स्कूल के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी की है। नोटिस में स्कूल में पंजीकृत बच्चों को जागरूक कर छात्रवृत्ति आवेदन कराने तथा पोर्टल पर आवेदन रिसीव कर जांच करते हुए अग्रसारित करने को कहा है। डीआईओएस ने पोर्टल पर आवेदन लंबित रहने, अपात्रों का योजना का लाभ मिलने तथा पात्र बच्चों के योजना से वंचित होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।