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मेडिकल कॉलेज की जांच में झूठी निकली सूर्या अस्पताल की रिपोर्ट
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जगदीशपुर (अमेठी)। औद्योगिक क्षेत्र में संचालित सूर्या अस्पताल की जांच रिपोर्ट मेडिकल कालेज लखनऊ की जांच में झूठी साबित हुई। बीती 10 अक्तूबर को निमोनिया पीड़ित महिला मरीज की जांच में उसे एड्स पीड़ित बताते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। जब महिला मेडिकल कॉलेज पहुंची तो जांच में सूर्या अस्पताल की रिपोर्ट गलत साबित हुई। अस्पताल की रिपोर्ट गलत साबित होने पर पीड़िता के पति ने पूरे प्रकरण की शिकायत जिला प्रशासन से करते हुए जांच कर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
कमरौली थानाक्षेत्र के दुलारीनगर गांव निवासी पवन कुमार की पत्नी राजकुमारी की तबीयत 10 अक्तूबर को खराब हुई। वह उसे लेकर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित सूर्या अस्पातल गए। यहां मौजूद चिकित्सक ने उसे भर्ती करते हुए उपचार करने के साथ जांच कराई। जांच में उसे एड्स पीड़ित बताया तो परिवार परेशान हो गया। एड्स पीड़ित बताते हुए मौजूद चिकित्सकों ने उसका उपचार करने से मना करते हुए रेफर कर दिया। इस पर वह पत्नी को लेकर कई अस्पतालों का चक्कर लगाता रहा, लेकिन एड्स संक्रमित रिपोर्ट होने से किसी भी अस्पताल ने उसका उपचार नहीं किया।
थक हारकर वह पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने उसकी जांच कराई तो उसकी पत्नी में एड्स संक्रमण नहीं होने की पुष्टि हुई। मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट ने सूर्या अस्पताल की रिपोर्ट को ही गलत साबित कर दिया। उपचार के बाद पत्नी का स्वास्थ्य सही हुआ तो पवन कुमार ने पूरे मामले की शिकायत डीएम, एसपी, सीएमओ व मुख्यमंत्री से की है। साथ पूरे प्रकरण की जांच कर लापरवाहों पर वैधानिक कार्यवाही की मांग की है।
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सूर्या अस्पताल के जरनल सर्जन डॉ. भव्य शर्मा ने बताया कि मरीज का उपचार एमडी मेडिसन डॉ. रोहित कुमार ने किया था। कार्ड से हुई जांच में एड्स की पुष्टि हुई थी। कार्ड की जांच अधिकृत नहीं होती है। अधिकृत एलाइजा की जांच के लिए मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। एडस का उपचार सिर्फ सरकारी अस्पताल में होने से रेफर पर्चे पर मेडिकल कॉलेज लिखकर भेजा गया था।
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कमरौली थानाक्षेत्र के दुलारीनगर गांव निवासी पवन कुमार की पत्नी राजकुमारी की तबीयत 10 अक्तूबर को खराब हुई। वह उसे लेकर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित सूर्या अस्पातल गए। यहां मौजूद चिकित्सक ने उसे भर्ती करते हुए उपचार करने के साथ जांच कराई। जांच में उसे एड्स पीड़ित बताया तो परिवार परेशान हो गया। एड्स पीड़ित बताते हुए मौजूद चिकित्सकों ने उसका उपचार करने से मना करते हुए रेफर कर दिया। इस पर वह पत्नी को लेकर कई अस्पतालों का चक्कर लगाता रहा, लेकिन एड्स संक्रमित रिपोर्ट होने से किसी भी अस्पताल ने उसका उपचार नहीं किया।
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थक हारकर वह पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने उसकी जांच कराई तो उसकी पत्नी में एड्स संक्रमण नहीं होने की पुष्टि हुई। मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट ने सूर्या अस्पताल की रिपोर्ट को ही गलत साबित कर दिया। उपचार के बाद पत्नी का स्वास्थ्य सही हुआ तो पवन कुमार ने पूरे मामले की शिकायत डीएम, एसपी, सीएमओ व मुख्यमंत्री से की है। साथ पूरे प्रकरण की जांच कर लापरवाहों पर वैधानिक कार्यवाही की मांग की है।
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सूर्या अस्पताल के जरनल सर्जन डॉ. भव्य शर्मा ने बताया कि मरीज का उपचार एमडी मेडिसन डॉ. रोहित कुमार ने किया था। कार्ड से हुई जांच में एड्स की पुष्टि हुई थी। कार्ड की जांच अधिकृत नहीं होती है। अधिकृत एलाइजा की जांच के लिए मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। एडस का उपचार सिर्फ सरकारी अस्पताल में होने से रेफर पर्चे पर मेडिकल कॉलेज लिखकर भेजा गया था।