{"_id":"65ad76c93fa1c073950fa208","slug":"ramchander-has-written-sitaram-50-lakh-times-on-paper-amethi-news-c-96-1-ame1003-12453-2024-01-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: कागज पर 50 लाख बार सीताराम लिख चुके हैं रामचंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: कागज पर 50 लाख बार सीताराम लिख चुके हैं रामचंदर
Mon, 22 Jan 2024 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 22 Jan 2024 01:25 AM IST
विज्ञापन
सीताराम लिखते हुए रामचंदर
मुसाफिरखाना (अमेठी)। क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर गांव निवासी रामचंदर बीते 25 वर्षों से कागज पर सीताराम लिखने का कार्य कर रहे हैं। अब तक वह 50 लाख बार सीताराम नाम लिख चुके हैं।
खेती व गृहस्थ काम निपटाने के बाद जो समय निकलता है। घर बैठकर राम नाम लिखते हैं और हर वर्ष शिवरात्रि के दिन सरयू नदी में इस सीताराम कागजी को विसर्जित कर देते हैं। रामचंदर ने बताया कि हर साल करीब दो लाख बार सीताराम नाम लिख देते हैं। अभी तक करीब 50 लाख बार यह नाम लिख चुके हैं। सीताराम लिखने से मन में जाप भी चलता रहता है, जिससे मन को शांति मिलती है। (संवाद)
विज्ञापन
खेती व गृहस्थ काम निपटाने के बाद जो समय निकलता है। घर बैठकर राम नाम लिखते हैं और हर वर्ष शिवरात्रि के दिन सरयू नदी में इस सीताराम कागजी को विसर्जित कर देते हैं। रामचंदर ने बताया कि हर साल करीब दो लाख बार सीताराम नाम लिख देते हैं। अभी तक करीब 50 लाख बार यह नाम लिख चुके हैं। सीताराम लिखने से मन में जाप भी चलता रहता है, जिससे मन को शांति मिलती है। (संवाद)
विज्ञापन