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Amethi News: एआईपीएस की मान्यता पर सवाल, सीएमओ ने मांगा जवाब
Sat, 04 Oct 2025 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 04 Oct 2025 12:14 AM IST
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अमेठी सिटी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज की जांच पूरी करने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश मेडिकल पैरामेडिकल काउंसिल लखनऊ को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में संस्थान की मान्यता और संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कई सवाल पूछे हैं। इन सवालों के जवाब आने पर प्रशासन कड़ा एक्शन ले सकता है।
से हो रहा है। क्या यह संभव है कि विद्यार्थियों का दूसरे संस्थान में नामांकन करा दिया जाए। वहां बिना पढ़ाई के सीधे परीक्षा दिलाई जा सकती है। इसके अलावा यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि इस संस्थान की पूर्व में जांच हुई या नहीं और ऐसी संस्थाओं की नियमित जांच की व्यवस्था क्या है।
अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज का प्रकरण तब और गंभीर हो गया, जब 30 सितंबर को 80 छात्राओं ने सामूहिक रूप से शिकायती पत्र दिया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें नियमित पढ़ाई नहीं कराई गई और अब बिना पंजीकरण परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है। सीएमओ ने शिकायती पत्रों को रिपोर्ट के साथ संलग्न किया और बोर्ड से विस्तृत जानकारी मांगी।
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डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि छात्राओं का भविष्य सुरक्षित करना प्राथमिकता है। उसके बाद संस्थान संचालक से वसूली गई फीस की रिकवरी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट में यह भी सवाल रखा गया है कि एएनएम और जीएनएम अंतिम वर्ष की छात्राओं की परीक्षा किस आधार पर कराई जा सकती है। सीएमओ ने कहा कि बोर्ड का जवाब मिलने के बाद ही संस्थान के खिलाफ आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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से हो रहा है। क्या यह संभव है कि विद्यार्थियों का दूसरे संस्थान में नामांकन करा दिया जाए। वहां बिना पढ़ाई के सीधे परीक्षा दिलाई जा सकती है। इसके अलावा यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि इस संस्थान की पूर्व में जांच हुई या नहीं और ऐसी संस्थाओं की नियमित जांच की व्यवस्था क्या है।
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अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज का प्रकरण तब और गंभीर हो गया, जब 30 सितंबर को 80 छात्राओं ने सामूहिक रूप से शिकायती पत्र दिया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें नियमित पढ़ाई नहीं कराई गई और अब बिना पंजीकरण परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है। सीएमओ ने शिकायती पत्रों को रिपोर्ट के साथ संलग्न किया और बोर्ड से विस्तृत जानकारी मांगी।
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डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि छात्राओं का भविष्य सुरक्षित करना प्राथमिकता है। उसके बाद संस्थान संचालक से वसूली गई फीस की रिकवरी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट में यह भी सवाल रखा गया है कि एएनएम और जीएनएम अंतिम वर्ष की छात्राओं की परीक्षा किस आधार पर कराई जा सकती है। सीएमओ ने कहा कि बोर्ड का जवाब मिलने के बाद ही संस्थान के खिलाफ आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।