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Amethi News: सुंदरकांड पाठ के साथ वितरित होगा प्रसाद
Tue, 28 May 2024 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 28 May 2024 12:49 AM IST
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जेष्ठ माह का पहला मंगल आज, जगह-जगह होगा शर्बत वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी सिटी। सजधज कर हुनमान मंदिर तैयार हो गए। जेष्ठ माह का पहला मंगलवार पर सुंदरकांड पाठ समेत विधि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन शहर से लेकर गांव तक होगा। धार्मिक आयोजन के साथ श्रद्धालु प्रसाद भी वितरित करने की तैयारियां सोमवार को पूरी करने में जुटे रहे है।
गौरीगंज के गढ़ामाफी धाम, अमेठी के टीकरमाफी स्थित हनुमान धाम व हनुमानगढ़ी समेत अन्य मंदिरों व सार्वजनिक स्थानों पर ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ आयोजित होगा। पाठ के बाद हवन-पूजन करते हुए प्रसाद वितरित किया जाएगा। टीकरकाफी आश्रम पर सवामनी प्रसाद तो अन्य स्थानों पूड़ी हलवा व चना तो कही-कही शर्बत का भी वितरण होगा। सोमवार को श्रद्धालु कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। मान्यता है कि सनातन धर्म में भगवान राम के प्रिय भक्त श्री हनुमान जी की पूजा सभी संकटों, शोक, भय और रोग आदि को दूर करने वाली मानी गई है। नकारात्मक शक्तियां भी हनुमानजी के भक्तों को परेशान नहीं करती।
सप्तचिरंजीवी में से एक श्री हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो हर युग में मौजूद रहते हैं और अपने भक्तों द्वारा सुमिरन करने मात्र पर ही उनकी रक्षा करने के लिए दौड़े चले आते हैं। तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड सबसे ज्यादा लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना गया है। आचार्य कपिल देव मिश्र ने बताया कि सुंदरकांड पाठ के माध्यम से शुभ फलों की प्राप्ति के लिए साधक को तन और मन से शुद्ध होकर रामदरबार या हनुमान जी की प्रतिमा या फोटो के सामने विधि-विधान से पूजा करने के बाद इसका पाठ करना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमेठी सिटी। सजधज कर हुनमान मंदिर तैयार हो गए। जेष्ठ माह का पहला मंगलवार पर सुंदरकांड पाठ समेत विधि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन शहर से लेकर गांव तक होगा। धार्मिक आयोजन के साथ श्रद्धालु प्रसाद भी वितरित करने की तैयारियां सोमवार को पूरी करने में जुटे रहे है।
गौरीगंज के गढ़ामाफी धाम, अमेठी के टीकरमाफी स्थित हनुमान धाम व हनुमानगढ़ी समेत अन्य मंदिरों व सार्वजनिक स्थानों पर ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ आयोजित होगा। पाठ के बाद हवन-पूजन करते हुए प्रसाद वितरित किया जाएगा। टीकरकाफी आश्रम पर सवामनी प्रसाद तो अन्य स्थानों पूड़ी हलवा व चना तो कही-कही शर्बत का भी वितरण होगा। सोमवार को श्रद्धालु कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। मान्यता है कि सनातन धर्म में भगवान राम के प्रिय भक्त श्री हनुमान जी की पूजा सभी संकटों, शोक, भय और रोग आदि को दूर करने वाली मानी गई है। नकारात्मक शक्तियां भी हनुमानजी के भक्तों को परेशान नहीं करती।
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सप्तचिरंजीवी में से एक श्री हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो हर युग में मौजूद रहते हैं और अपने भक्तों द्वारा सुमिरन करने मात्र पर ही उनकी रक्षा करने के लिए दौड़े चले आते हैं। तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड सबसे ज्यादा लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना गया है। आचार्य कपिल देव मिश्र ने बताया कि सुंदरकांड पाठ के माध्यम से शुभ फलों की प्राप्ति के लिए साधक को तन और मन से शुद्ध होकर रामदरबार या हनुमान जी की प्रतिमा या फोटो के सामने विधि-विधान से पूजा करने के बाद इसका पाठ करना चाहिए।
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