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Amethi News: चार दिन बाद बेपटरी बिजली आपूर्ति
Sun, 03 May 2026 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 03 May 2026 12:37 AM IST
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जगदीशपुर में मऊअतवारा में गिरा ट्रांसफार्मर। स्रेात: ग्रामीण
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अमेठी सिटी। तेज आंधी और बारिश से बाधित हुई बिजली आपूर्ति चार दिन बाद भी पटरी पर वापस नहीं लौट सकी है। आंधी के कारण क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों व सप्लाई लाइन के टूटे तारों के कारण 150 से अधिक गांवों में बिजली न आने से डेढ़ लाख की आबादी को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। गौरीगंज, जगदीशपुर, सेमरौता, बाजारशुकुल, जामों, सत्थिन सहित विभिन्न उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में बीते चार दिनों से बिजली न आने से पेयजल का संकट भी गहरा गया है। उमस भरी गर्मी में लोगों को पानी के लिए दूर तक की दौड़ लगाना पड़ रही है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों में पंखे, कूलर और बिजली से चलने वाले अन्य उपकरण बंद पड़े हैं। मोबाइल चार्ज करने तक के लिए लोगों को दूसरे गांवों तक दौड़ लगाना पड़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार बाधित आपूर्ति से दुकानों और छोटे उद्योगों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। महोना उपकेंद्र क्षेत्र में आंधी से एलटी लाइन के 44 पोल गिर गए थे, जबकि पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। मरम्मत कार्य में जुटी ऊर्जा निगम की टीम के बावजूद सेमरौता उपकेंद्र से जुड़े कुकहारामपुर, खरावां, जैतपुर, जगतपुर, महिया सिंदुरिया और टिकरी सहित कई गांवों में बिजली सप्लाई बाधित बनी है।
सिंचाई न हो पाने से किसान परेशान
चार दिन बाद भी बिजली आपूर्ति सुचारू न हो पाने से खेतों में सिंचाई न हो पाने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि नलकूप न चलने से बिना पानी के मौसमी उपज सूख कर खराब होने लगी है। जगदीशपुर क्षेत्र में भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं। मऊअतवारा, मड़वा गोडवा, रूदापुर, माहेमऊ, अशरकपुर, पीरपुर और आसपास के गांवों में आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। किसानों ने बताया कि फसल को पानी न मिलने से नुकसान की आशंका बढ़ रही है।
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आपूर्ति को जल्द पूरी तरह बहाल करने का दावा
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से जारी है और रविवार देर शाम तक शेष क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। शनिवार तक 1100 टूटे खंभों में 800 खंभे बदले जा चुके हैं। साथ ही 95 क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों में से 35 को बदलकर फिर से क्रियाशील बना दिया गया है। विभागीय टीम लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही है, ताकि आपूर्ति को जल्द पूरी तरह बहाल कराया जा सके।
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बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों में पंखे, कूलर और बिजली से चलने वाले अन्य उपकरण बंद पड़े हैं। मोबाइल चार्ज करने तक के लिए लोगों को दूसरे गांवों तक दौड़ लगाना पड़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि लगातार बाधित आपूर्ति से दुकानों और छोटे उद्योगों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। महोना उपकेंद्र क्षेत्र में आंधी से एलटी लाइन के 44 पोल गिर गए थे, जबकि पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। मरम्मत कार्य में जुटी ऊर्जा निगम की टीम के बावजूद सेमरौता उपकेंद्र से जुड़े कुकहारामपुर, खरावां, जैतपुर, जगतपुर, महिया सिंदुरिया और टिकरी सहित कई गांवों में बिजली सप्लाई बाधित बनी है।
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सिंचाई न हो पाने से किसान परेशान
चार दिन बाद भी बिजली आपूर्ति सुचारू न हो पाने से खेतों में सिंचाई न हो पाने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि नलकूप न चलने से बिना पानी के मौसमी उपज सूख कर खराब होने लगी है। जगदीशपुर क्षेत्र में भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं। मऊअतवारा, मड़वा गोडवा, रूदापुर, माहेमऊ, अशरकपुर, पीरपुर और आसपास के गांवों में आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। किसानों ने बताया कि फसल को पानी न मिलने से नुकसान की आशंका बढ़ रही है।
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आपूर्ति को जल्द पूरी तरह बहाल करने का दावा
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से जारी है और रविवार देर शाम तक शेष क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। शनिवार तक 1100 टूटे खंभों में 800 खंभे बदले जा चुके हैं। साथ ही 95 क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों में से 35 को बदलकर फिर से क्रियाशील बना दिया गया है। विभागीय टीम लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही है, ताकि आपूर्ति को जल्द पूरी तरह बहाल कराया जा सके।