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Amethi News: पुलिस ने टरकाया, खुद की सू्झबूझ से लाखों बचाया
Wed, 20 Sep 2023 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 20 Sep 2023 12:14 AM IST
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तिलोई(अमेठी)। मोहनगंज थानाक्षेत्र के जिला रेफरल अस्पताल तिलोई में तैनात चीफ फार्मासिस्ट ऑनलाइन ठगी के शिकार हो गए लेकिन, उनकी सूझबूझ से उनका लाखों रुपए ठगने से बच गए। हालांकि पुलिस ने सर्विलांस से ट्रैक करने के बजाय उन्हें टरका दिया।
चीफ फार्मासिस्ट पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जुलाई माह में खरीदारी करते समय तिलोई बाजार से उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया था। मोबाइल की गैलरी में अस्पताल के जरूरी अभिलेख व उनकी व्यक्तिगत गोपनीय जानकारी सुरक्षित थी। पीड़ित ने स्थानीय थाने पर मोबाइल चोरी की तहरीर देते हुए केस दर्ज कराया और आईएमईआई (अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान) नंबर को सर्विलांस पर लगाने की अपील की। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने उनके मोबाइल के आईएमईआई को ट्रैक नहीं किया, जिसके कारण चोरों के हौसले बुलंद रहे। वह मोबाइल का उपयोग करते रहे।
उन्होंने बताया कि तीन दिन पूर्व क्रेडिट कार्ड के जरिए उच्चकों ने 39,399 रुपए की तीन बार खरीदारी करने का प्रयास किया। ओटीपी उनके रजिस्टर नंबर पर आने से वह परेशान हो गए और तत्काल बैंक जाकर सूचना देते हुए क्रेडिट कार्ड को बंद कराया। तब जाकर लाखों रुपए बच सका। पीड़ित पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी है। थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांचकर फोन को सर्विलांस पर लगाया जाएगा। जिससे आरोपी पकड़ा जा सके।
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चीफ फार्मासिस्ट पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जुलाई माह में खरीदारी करते समय तिलोई बाजार से उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया था। मोबाइल की गैलरी में अस्पताल के जरूरी अभिलेख व उनकी व्यक्तिगत गोपनीय जानकारी सुरक्षित थी। पीड़ित ने स्थानीय थाने पर मोबाइल चोरी की तहरीर देते हुए केस दर्ज कराया और आईएमईआई (अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान) नंबर को सर्विलांस पर लगाने की अपील की। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने उनके मोबाइल के आईएमईआई को ट्रैक नहीं किया, जिसके कारण चोरों के हौसले बुलंद रहे। वह मोबाइल का उपयोग करते रहे।
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उन्होंने बताया कि तीन दिन पूर्व क्रेडिट कार्ड के जरिए उच्चकों ने 39,399 रुपए की तीन बार खरीदारी करने का प्रयास किया। ओटीपी उनके रजिस्टर नंबर पर आने से वह परेशान हो गए और तत्काल बैंक जाकर सूचना देते हुए क्रेडिट कार्ड को बंद कराया। तब जाकर लाखों रुपए बच सका। पीड़ित पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी है। थानाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांचकर फोन को सर्विलांस पर लगाया जाएगा। जिससे आरोपी पकड़ा जा सके।
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