फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   park decoration

कादूनाला के पास बनेगा सुसज्जित पर्यावरण पार्क

Sat, 28 Nov 2020 09:41 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2020 09:41 PM IST
विज्ञापन
park decoration
गौरीगंज (अमेठी)। जंतु संरक्षण के साथ लोगों को प्राकृतिक आनंद मुहैया कराने के लिए मुसाफिरखाना के ऐतिहासिक कादूनाला के पास सुसज्जित पर्यावरण पार्क का निर्माण होगा। पार्क निर्माण पर एक करोड़ रुपये की लागत आएगी। प्रभागीय वनाधिकारी ने डेवलपमेंट ऑफ नमामि गंगे योजना के तहत कादूनाला वेटलैंड के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजकर धनावंटन का अनुरोध किया है।
विज्ञापन

पर्यावरण संतुलन के साथ जीव-जंतु को संरक्षित करने व जिले की धरोहर को आकर्षक बनाने की कोशिश में जुटा जिला प्रशासन जल्द ही मुसाफिरखाना के ऐतिहासिक कादू नाला (लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर स्थित) के पास वन को पर्यावरण पार्क के रूप में विकसित करेगा।
विज्ञापन

कवायद सफल हो सके इसके लिए शासन के निर्देश पर प्रभागीय वनाधिकारी ने कादूनाला वेटलैंड के संरक्षण के साथ पर्यावरण पार्क निर्माण के लिए कादू नाले के पास खाली पड़ी भूमि व वन क्षेत्र को चिन्हित करते हुए जल संरक्षण, जंतु संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के साथ ही मनोरंजन की सुविधा विकसित करने के लिए तैयार डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेजकर अनुमानित लागत एक करोड़ रुपये आवंटित करने का अनुरोध किया हैै।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजीव गांधी ने कराई थी स्थापना
कादूनाला के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए तत्कालीन सांसद राजीव गांधी ने 40 हेक्टेयर में फैले कादूनाला परिसर में मृग वन के साथ भाले सुल्तान स्मारक की स्थापना कराई थी। स्थापना के बाद लोग यहां पर पर्यटन की दृष्टि से आते थे। लेकिन धीर-धीरे उदासीनता व रखरखाव के अभाव में स्मारक व मृग वन समाप्त हो गया।
पार्क में होगा यह निर्माण
वन विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में पर्यावरण पार्क में जाल के घेरे की बैरिकेडिंग के साथ वॉकिंग पाथ, झूले, चेक डैम, झरना, कैंटीन, प्रसाधन, पेयजल, वॉच टावर, बोटिंग प्वाइंट, वाटर हार्बेस्टिंग सिस्टम और शोभादार पेड़ों के साथ विभिन्न प्रकार के फलों की क्यारी का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त जंगल में चीतल को संरक्षित करने के साथ जल को शुद्ध बनाने वाली विभिन्न प्रकार की मछलियों व कछुओं को नाले में सुरक्षित किया जाएगा।
कादूनाला का है विशेष महत्व
पुराने लोगों के अनुसार भाले सुल्तान राजपूतों एवं अंग्रेज फौज के बीच यहां 1857 में लड़ाई हुई थी। कादूनाला वन क्षेत्र के बीहड़ एवं दुर्गम भौगोलिक स्थिति को अंग्रेज भाप नहीं पाए। अंग्रेजी सेना को हार का सामना करना पड़ा। पौराणिक किंवदंती के अनुसार, नारद मुनि की तपस्या से प्रभावित होकर प्रहलाद की मां तथा हिरण्यकश्यप की पत्नी कायूद ने यहां प्रवास किया था। जिसके नाम पर कयादूनाला पड़ा जो बाद में बदल कर कादूनाला हो गया है।

पर्यटन विभाग बनाएगा गेस्ट हाउस
प्रभागीय वनाधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि कादू नाला पर पर्यटन विभाग जल्द ही गेस्ट हाउस का निर्माण कराने की योजना में जुटा है। कवायद सफल हो सके इसके लिए मुसाफिरखाना एसडीएम ने डेढ़ एकड़ सरकारी निशुल्क भूमि आवंटित कर सहमति पत्र देने को कहा है। भूमि चिन्हित होने के बाद पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर कादू नाला को पर्यावरण पार्क के रूप में विकसित करते हुए जिले की धरोहर को सुरक्षित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed