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Amethi News: जलभराव से 2300 बीघा धान की फसल बर्बाद

Wed, 26 Aug 2026 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Wed, 26 Aug 2026 12:32 AM IST
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Paddy crop on 2,300 bighas destroyed due to waterlogging.
 तिलोई के रामपुर पंवारा में नाला उफनाने से जलमग्न हुई फसल। -संवाद
तिलोई। क्षेत्र में मंगलवार को हुई बारिश ने जलभराव प्रभावित किसानों की परेशानी बढ़ा दी। मूंग ताल और भुसेला ड्रेन के बाद कादू नाला और गुमिया ड्रेन भी उफना गए। इससे आसपास के दर्जनों गांवों में करीब 2300 बीघा धान की फसल बर्बाद होने का दावा किसानों ने किया है। जलभराव से कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है और लोगों का आवागमन प्रभावित है।
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पूरे शिव परसन, पूरे गजराज, अरियावां, कोटवा सड़क और अलाईपुर की सड़कों पर अब भी पानी भरा है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कार्रवाई के नाम पर अरियावां और पूरे गजराज गांव के पास बैरिकेडिंग कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की निकासी के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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किसान सालिक राम, राम उदित, श्रीराम, जंग बहादुर, दिलशाद, जगरूप और दीनदयाल ने बताया कि खेतों में कई दिनों से पानी भरा है। इससे धान की फसल सड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि बाढ़ से सैकड़ों किसानों की फसल प्रभावित हुई है। इसके बावजूद प्रशासन ने अभी केवल 29 गांवों को प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है।
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किसानों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए सभी प्रभावित गांवों का दोबारा सर्वे कराने और जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार लगातार पानी भरा रहने से खेतों के साथ गांवों की सड़कों की स्थिति भी खराब हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों और जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने फसल नुकसान का शीघ्र आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है।



29 गांवों की सूची जिला प्रशासन को भेजी
एसडीएम डॉ. अरुणिमा श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्व टीम को प्रभावित गांवों में सर्वे के लिए लगाया गया है। अब तक 29 गांव चिह्नित किए गए हैं। इनकी सूची जिला प्रशासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी और गांव प्रभावित सूची में शामिल हो सकते हैं। पानी कम होने के बाद फसल क्षति का सर्वे कराया जाएगा और प्रभावित किसानों को सूचीबद्ध किया जाएगा, ताकि नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाई जा सके।
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