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खेत में सड़ रही धान की फसल, बोआई में भी देरी
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5 : जगदीशपुर : सुखाने के बाद धान की फसल पीटते किसान। -संवाद
- फोटो : AMETHI
जगदीशपुर (अमेठी)। बरसात खत्म होने के सप्ताह भर बाद भी खेतों में भरा पानी अभी तक नहीं सूख सका है। इसके चलते किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। किसी तरह पानी में डूबी फसल को उठा कर उसे सुखाने की जद्दोजहद की जा रही है तो दूसरी ओर खेत में भरा पानी निकालकर बोआई की तैयारी करना भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में धान की फसल तो बर्बाद हुई ही, खेत तैयार न होने से अगली फसलों की बोआई भी प्रभावित हो रही है।
कठैरा के चौधरी का पुरवा गांव में मंगलवार को कई किसान खेत में भरे पानी में डूबी धान की फसल को किसी तरह काटकर सड़क के किनारे धूप में सुखाकर पीटते नजर आए। गौरतलब होगा कि बीते रविवार से मंगलवार के बीच क्षेत्र में रुक-रुक कर हुई बरसात से किसानों को काफी नुकसान हुआ था। सप्ताह भर बाद भी अधिकांश खेत लबालब हैं।
खेतों में भरा बरसात का पानी सूख नहीं रहा। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। फसल देरी से बोई जाएगी तो पैदावार प्रभावित होने के साथ समय भी ज्यादा देना पड़ेगा। किसान इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि इतना नुकसान हो जाने के बाद भी अब तक प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। किसानों का कहना था कि उनके नुकसान की भरपाई की जांच के लिए अभी तक प्रशासनिक अमले का कोई भी जिम्मेदार गांव तक नहीं आया।
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कठैरा के चौधरी का पुरवा गांव में मंगलवार को कई किसान खेत में भरे पानी में डूबी धान की फसल को किसी तरह काटकर सड़क के किनारे धूप में सुखाकर पीटते नजर आए। गौरतलब होगा कि बीते रविवार से मंगलवार के बीच क्षेत्र में रुक-रुक कर हुई बरसात से किसानों को काफी नुकसान हुआ था। सप्ताह भर बाद भी अधिकांश खेत लबालब हैं।
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खेतों में भरा बरसात का पानी सूख नहीं रहा। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। फसल देरी से बोई जाएगी तो पैदावार प्रभावित होने के साथ समय भी ज्यादा देना पड़ेगा। किसान इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि इतना नुकसान हो जाने के बाद भी अब तक प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। किसानों का कहना था कि उनके नुकसान की भरपाई की जांच के लिए अभी तक प्रशासनिक अमले का कोई भी जिम्मेदार गांव तक नहीं आया।
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