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चार महीने बाद शुरू हुए आंखों के ऑपरेशन
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गौरीगंज (अमेठी)। आखिरकार चार महीने बाद जिला अस्पताल में आंख के ऑपरेशन का काम शुरू हो गया है। पूरी तरह से समाप्त हो चुके ऑपरेशन संबंधी उपकरण, दवाएं व अन्य सामग्री की आपूर्ति होने के बाद मंगलवार को अस्पताल में चार मरीजों का ऑपरेशन किया गया। इससे जिले समेत आसपास के इलाकों के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल में इन दिनों तीन नेत्र सर्जन तैनात हैं। ऑपरेशन के दौरान लगने वाले उपकरण, दवाएं व टूल किट नहीं होने के चलते पिछले पांच मई से संयुक्त जिला अस्पताल में मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो रहा था। इमरजेंसी वाले मरीजों को ओपीडी में मौजूद चिकित्सक बाहर जाकर ऑपरेशन की सलाह दे रहे थे। ऐसे में जिले के मरीजों को निजी अस्पतालों में जाकर अतिरिक्त राशि खर्च कर ऑपरेशन कराना पड़ रहा था।
‘अमर उजाला’ ने बीते दिनों 30 मई के अंक में ‘तीन नेत्र सर्जन, फिर भी आंखों का नहीं ऑपरेशन’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर व सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने पहल शुरू की। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि अमूमन नेत्र विभाग में ऑपरेशन के लिए राष्ट्रीय अंधता निवारण द्वारा लेंस व अन्य सामग्रियों की आपूर्ति की जाती है।
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फिलहाल दवाओं की आपूर्ति जिला अस्पताल की ओर से कराई गई है। 100 लेंस मिले हैं और लेंस की जल्द आपूर्ति हो जाएगी। अब नेत्र रोगियों को ऑपरेशन कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
सीएमएस के मुताबिक उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लिमिटेड से तत्काल ऑपरेशन शुरू करने के लिए 100 लेंस की आपूर्ति मिल गई है। इसके साथ ही ऑपरेशन के दौरान प्रयोग होने वाले 23 प्रकार के उपकरण, आठ प्रकार की दवाईयां, तीन सेट ऑपरेशन टूल किट तथा फेको विधि से ऑपरेशन के उपकरण की आपूर्ति भी हो गई है। उपकरण व दवाईयों की आपूर्ति होने के बाद मंगलवार को डॉ. राजीव वैश्य ने तीन तो डॉ. कुमुद सिंह ने एक ऑपरेशन किया।
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जिला अस्पताल में इन दिनों तीन नेत्र सर्जन तैनात हैं। ऑपरेशन के दौरान लगने वाले उपकरण, दवाएं व टूल किट नहीं होने के चलते पिछले पांच मई से संयुक्त जिला अस्पताल में मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो रहा था। इमरजेंसी वाले मरीजों को ओपीडी में मौजूद चिकित्सक बाहर जाकर ऑपरेशन की सलाह दे रहे थे। ऐसे में जिले के मरीजों को निजी अस्पतालों में जाकर अतिरिक्त राशि खर्च कर ऑपरेशन कराना पड़ रहा था।
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‘अमर उजाला’ ने बीते दिनों 30 मई के अंक में ‘तीन नेत्र सर्जन, फिर भी आंखों का नहीं ऑपरेशन’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर व सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने पहल शुरू की। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि अमूमन नेत्र विभाग में ऑपरेशन के लिए राष्ट्रीय अंधता निवारण द्वारा लेंस व अन्य सामग्रियों की आपूर्ति की जाती है।
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फिलहाल दवाओं की आपूर्ति जिला अस्पताल की ओर से कराई गई है। 100 लेंस मिले हैं और लेंस की जल्द आपूर्ति हो जाएगी। अब नेत्र रोगियों को ऑपरेशन कराने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
सीएमएस के मुताबिक उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लिमिटेड से तत्काल ऑपरेशन शुरू करने के लिए 100 लेंस की आपूर्ति मिल गई है। इसके साथ ही ऑपरेशन के दौरान प्रयोग होने वाले 23 प्रकार के उपकरण, आठ प्रकार की दवाईयां, तीन सेट ऑपरेशन टूल किट तथा फेको विधि से ऑपरेशन के उपकरण की आपूर्ति भी हो गई है। उपकरण व दवाईयों की आपूर्ति होने के बाद मंगलवार को डॉ. राजीव वैश्य ने तीन तो डॉ. कुमुद सिंह ने एक ऑपरेशन किया।