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जिले में तेज हुआ कृषि कानूनों का विरोध
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अमेठी। कृषि कानून के खिलाफ जिले में शनिवार को कई किसान संगठन प्रदर्शन पर उतर आए। शहर में जूलूस निकाल विरोध प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने कलेक्ट्रेट मोड़ पर कृषि मंत्री का पुतला फूंकने के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया। ज्ञापन में कृषि कानून समाप्त करने के साथ किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की है। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
केंद्र सरकार की ओर पारित कृषि कानूनों के खिलाफ जिले में धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। शनिवार को रीता सिंह जनकल्याण समिति, भारतीय किसान यूनियन भानू गुट व अंबावत गुट से जुड़े किसानों ने अलग-अलग प्रदर्शन किया।
रीता सिंह की अगुवाई में किसानों ने गौरीगंज रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाल केंद्र सरकार के खिलाफ नारे-बाजी करते हुए कलेक्ट्रेट मोड़ पर कृषि मंत्री का पुतला फूंका। कलेक्ट्रेट में प्रवेश नहीं देने पर किसानों ने गेट के सामने बैठ धरना शुरू किया तो प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में गेट खोल कर किसानों को प्रवेश दिया गया तो किसानों से केंद्र सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम संजीव कुमार मौर्य को दिया।
अमेठी में भानू गुट के जिलाध्यक्ष शिव कुमार पांडेय व अंबावत गुट के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद यादव की अगुवाई में अमेठी तहसील में प्रदर्शन करते ज्ञापन एमडीएम योगेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में किसान कानून में उत्पादन व्यापार, संवर्धन व सुविधा, सशक्तिकरण व संरक्षण तथा सेवा विधेयक और आवश्यक वस्तु समाप्त करते हुए कृषि कानून निष्प्रभावी करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा प्रदान किए जाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम खरीद को दंडनीय अपराध घोषित किए जाने, दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों का उत्पीड़न बंद किए की मांग की है। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है।
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केंद्र सरकार की ओर पारित कृषि कानूनों के खिलाफ जिले में धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। शनिवार को रीता सिंह जनकल्याण समिति, भारतीय किसान यूनियन भानू गुट व अंबावत गुट से जुड़े किसानों ने अलग-अलग प्रदर्शन किया।
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रीता सिंह की अगुवाई में किसानों ने गौरीगंज रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाल केंद्र सरकार के खिलाफ नारे-बाजी करते हुए कलेक्ट्रेट मोड़ पर कृषि मंत्री का पुतला फूंका। कलेक्ट्रेट में प्रवेश नहीं देने पर किसानों ने गेट के सामने बैठ धरना शुरू किया तो प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में गेट खोल कर किसानों को प्रवेश दिया गया तो किसानों से केंद्र सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम संजीव कुमार मौर्य को दिया।
अमेठी में भानू गुट के जिलाध्यक्ष शिव कुमार पांडेय व अंबावत गुट के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद यादव की अगुवाई में अमेठी तहसील में प्रदर्शन करते ज्ञापन एमडीएम योगेंद्र सिंह को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में किसान कानून में उत्पादन व्यापार, संवर्धन व सुविधा, सशक्तिकरण व संरक्षण तथा सेवा विधेयक और आवश्यक वस्तु समाप्त करते हुए कृषि कानून निष्प्रभावी करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा प्रदान किए जाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम खरीद को दंडनीय अपराध घोषित किए जाने, दिल्ली में धरने पर बैठे किसानों का उत्पीड़न बंद किए की मांग की है। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है।