{"_id":"625eed8d845413775c3ad7a2","slug":"opd-started-at-trauma-centre-amethi-amethi-news-lko6268637191","type":"story","status":"publish","title_hn":"जगदीशपुर के ट्रामा सेंटर में शुरू हुई ओपीडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जगदीशपुर के ट्रामा सेंटर में शुरू हुई ओपीडी
विज्ञापन
27 : जगदीशपुर : ट्रामा सेंटर में मरीज का उपचार करते चिकित्सक। -संवाद
- फोटो : AMETHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगदीशपुर (अमेठी)। स्वास्थ्य सुविधाओं को पटरी पर लाने की कोशिश में जुटे स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार से ट्रामा सेंटर में ओपीडी सेवा शुरू कर दी है। पहले दिन नामित तीन चिकित्सकों ने 150 मरीजों का उपचार कर उन्हें दवा दी। ओपीडी सेवा शुरू होने के बाद इमरजेंसी सेवा के लिए मरीजों को अभी इंतजार करना होगा। विभाग शासन से पत्राचार कर चिकित्सकों की तैनाती व उपकरण की मांग करने में जुटा है।
शासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सड़क दुर्घटना व अन्य आपात की स्थिति में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए जगदीशपुर के सीएचसी परिसर में ट्रामा सेंटर की स्थापना की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति 10 दिसंबर 2018 को प्रदान की थी। इसके बाद तीन मार्च 2019 को गौरीगंज के कौहार स्थित मैदान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था।
इसके बाद ट्रामा सेंटर का लोकार्पण व संचालन शुरू होता कि कोविड संक्रमण ने बाधा खड़ी कर दी। निर्माण के बाद कोविड की स्थिति में शासन से दो डॉक्टरों की तैनाती करते हुए इसे एल-2 के रूप में संचालित किया गया। कोविड संक्रमण में कोविड वार्ड के साथ ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराते हुए संक्रमितों का उपचार किया गया।
विज्ञापन
संक्रमण की रफ्तार समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए मंगलवार से ओपीडी सेवा की भी शुरुआत कर दी। नामित चिकित्सक डॉ. राम लखन यादव, डॉ. महेंद्र कुमार तिवारी व डॉ. अमित कुमार ने पहले दिन 150 मरीजों का उपचार व परीक्षण करते हुए उन्हें आवश्यक परामर्श के साथ दवाएं भी दीं।
जल्द शुरू होंगी इमरजेंसी सेवाएं
डॉक्टर एमपी तिवारी ने बताया कि ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी सेवा के लिए बनाया गया एक प्रमुख वार्ड होता है। जिसमें बहुत अधिक चोट खाने वाले घायलों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। इसमें विशेष प्रकार के डॉक्टरों (सर्जन) की ड्यूटी लगाई जाती है। यह चिकित्सक घायलों का अच्छा इलाज करते हैं और उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश करते हैं। स्टाफ की तैनाती होते ही ट्रामा सेंटर में घायलों के लिए इमरजेंसी सेवा शुरू कर दी जाएगी।
25 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
ट्रॉमा सेंटर का संचालन होने से जिले की करीब 25 लाख आबादी को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। जिले के लोगों के साथ ही इसका लाभ लखनऊ से बलिया पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर यात्रा करने वालों तथा रायबरेली से अयोध्या, अमेठी से जगदीशपुर, आने-जाने वाले लोगों, दुर्घटना में घायल राहगीरों को मिलेगा। अब तक हादसों में गंभीर घायलों को सीएचसी केंद्रों से प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर कर दिया जाता था। ऐसे में कई बार लोग लखनऊ पहुंचते-पहुंचते अपनी जान गवां बैठते थे।
बढ़ेंगी सुविधाएं
डॉ. प्रदीप तिवारी ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर डॉ. महेंद्र तिवारी को लगाकर ट्रॉमा सेंटर संचालित किया जा रहा है। तीन डॉक्टरों के सहारे ओपीडी सेवाएं शुरू की गई हैं। अन्य सुविधाओं व चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। शासन से संस्तुति और स्वीकृति मिलते ही अन्य सेवाएं भी बहाल की जाएंगी।
विज्ञापन
शासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सड़क दुर्घटना व अन्य आपात की स्थिति में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए जगदीशपुर के सीएचसी परिसर में ट्रामा सेंटर की स्थापना की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति 10 दिसंबर 2018 को प्रदान की थी। इसके बाद तीन मार्च 2019 को गौरीगंज के कौहार स्थित मैदान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था।
विज्ञापन
इसके बाद ट्रामा सेंटर का लोकार्पण व संचालन शुरू होता कि कोविड संक्रमण ने बाधा खड़ी कर दी। निर्माण के बाद कोविड की स्थिति में शासन से दो डॉक्टरों की तैनाती करते हुए इसे एल-2 के रूप में संचालित किया गया। कोविड संक्रमण में कोविड वार्ड के साथ ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कराते हुए संक्रमितों का उपचार किया गया।
विज्ञापन
संक्रमण की रफ्तार समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए मंगलवार से ओपीडी सेवा की भी शुरुआत कर दी। नामित चिकित्सक डॉ. राम लखन यादव, डॉ. महेंद्र कुमार तिवारी व डॉ. अमित कुमार ने पहले दिन 150 मरीजों का उपचार व परीक्षण करते हुए उन्हें आवश्यक परामर्श के साथ दवाएं भी दीं।
जल्द शुरू होंगी इमरजेंसी सेवाएं
डॉक्टर एमपी तिवारी ने बताया कि ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी सेवा के लिए बनाया गया एक प्रमुख वार्ड होता है। जिसमें बहुत अधिक चोट खाने वाले घायलों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। इसमें विशेष प्रकार के डॉक्टरों (सर्जन) की ड्यूटी लगाई जाती है। यह चिकित्सक घायलों का अच्छा इलाज करते हैं और उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश करते हैं। स्टाफ की तैनाती होते ही ट्रामा सेंटर में घायलों के लिए इमरजेंसी सेवा शुरू कर दी जाएगी।
25 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
ट्रॉमा सेंटर का संचालन होने से जिले की करीब 25 लाख आबादी को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। जिले के लोगों के साथ ही इसका लाभ लखनऊ से बलिया पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर यात्रा करने वालों तथा रायबरेली से अयोध्या, अमेठी से जगदीशपुर, आने-जाने वाले लोगों, दुर्घटना में घायल राहगीरों को मिलेगा। अब तक हादसों में गंभीर घायलों को सीएचसी केंद्रों से प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर कर दिया जाता था। ऐसे में कई बार लोग लखनऊ पहुंचते-पहुंचते अपनी जान गवां बैठते थे।
बढ़ेंगी सुविधाएं
डॉ. प्रदीप तिवारी ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर डॉ. महेंद्र तिवारी को लगाकर ट्रॉमा सेंटर संचालित किया जा रहा है। तीन डॉक्टरों के सहारे ओपीडी सेवाएं शुरू की गई हैं। अन्य सुविधाओं व चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। शासन से संस्तुति और स्वीकृति मिलते ही अन्य सेवाएं भी बहाल की जाएंगी।