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पीएम फसल बीमा योजना: सिर्फ धान की फसल के नुकसान का मिलेगा मुआवजा, कृषि विभाग ने शुरू की कवायद

Sun, 09 Oct 2022 03:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sun, 09 Oct 2022 03:13 PM IST
सार

अक्तूबर महीने में अतिवृष्टि से हुए नुकसान के बाद जिलाधिकारी ने किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाने की कवायद शुरू कर दी है। हालांकि, सिर्फ धान की फसल के नुकसान का ही मुआवजा मिलेगा।

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Only paddy farmers will get the benefit of insurance in Amethi.
बरसात के दौरान सीवान में गिरी धान की फसल में जमा पानी। - फोटो : AMETHI

विस्तार

अक्तूबर माह में हुई बेमौसम बरसात से खरीफ सीजन की फसल कहीं पूरी तरह नष्ट हो गई है तो कहीं पैदावार पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे किसान जिनकी फसल को बारिश से नुकसान हुआ है उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से प्रतिपूर्ति मिलेगी। इसके लिए कृषि विभाग ने प्रभावित किसानों से 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के साथ बीज गोदाम पर शिकायत करने को कहा है। शिकायत के बाद नामित बीमा कंपनी व राजस्व कर्मी की संयुक्त टीम सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करते हुए 50 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर किसानों को प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान करेगी।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से आच्छादित किसानों को जिला प्रशासन ने अक्तूबर माह में हुई अतिवृष्टि से हुए नुकसान की प्रतिपूर्ति दिलाने की कोशिश शुरू कर दी है। डीएम राकेश कुमार मिश्र के निर्देश पर तहसील प्रशासन लगातार बरसात से मकान, जनहानि व पशु हानि समेत अन्य क्षति का आकलन कर पीड़ितों को सरकार की ओर से अनुमन्य सहायता दिलाने में जुटा है। इसके अतिरिक्त बरसात से अगेती धान की फसल के साथ दलहनी, तिलहनी व सब्जी की खेती को भी नुकसान हुआ है। लेकिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ सीजन की सिर्फ धान फसल को ही शामिल किया गया है। ऐसे में सिर्फ धान के लिए ही किसानों को मुआवजा मिल सकेगा।
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धान के अतिरिक्त प्रभावित फसलों की क्षतिपूर्ति किसानों को नहीं मिलेगी। फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए कृषि विभाग ने किसानों से 72 घंटे के अंदर नामित बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के टोल फ्री नंबर 18008896868 देने के साथ नजदीकी राजकीय बीज गोदाम, संबंधित बैंक के साथ बीमा कंपनी पर बीमा प्रतिपूर्ति भुगतान दावा/शिकायत करने को कहा है।
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शिकायत के बाद नामित बीमा कंपनी व राजस्व कर्मी की ओर से सर्वे करते हुए 50 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायत में फसल हानि होने पर किसानों को प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों की नष्ट फसल का आकलन करने के बाद जिला प्रशासन भी बीमा कंपनी से समन्वय स्थापित कर प्रतिपूर्ति का भुगतान करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

इन नंबरों पर दर्ज कराएं शिकायत
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि किसान टोल फ्री नंबर के साथ जिला समन्वयक प्रभाकर राय के मोबाइल नंबर 8415049888 व अमेठी तहसील के किसान प्रवेश पांडेय के मोबाइल नंबर 8382841296, गौरीगंज के किसान प्रभास यादव के मोबाइल नंबर 8303429685, मुसाफिरखाना के किसान राजकुमार के मोबाइल नंबर 8181951366 व तिलोई के किसान शिवभान के मोबाइल नंबर 9984392395 पर नुकसान की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बारिश का विवरण मिलीमीटर में
माह - मानक - औसत बारिश - प्रतिशत
मई - 9.9 - 23.7 - 239.39
जून - 83.90 - 46.10 - 54.95
जुलाई - 299.20 - 77.10 - 25.77
अगस्त - 283.50 - 109.50 - 38.62
सितंबर - 189.50 - 108.70 - 57.36
अक्तूबर - 38.50 - 50.30 - 130.64

नोट : उपरोक्त आंकड़ा सात अक्तूबर तक हुई बरसात पर आधारित है। इसके अतिरिक्त जून से लेकर सात अक्तूबर तक कृषि विभाग के अनुसार 894.60 मिलीमीटर मानक वर्षा के सापेक्ष 399.90 मिलीमीटर हुई है जो मानक वर्षा का महज 46.30 प्रतिशत है। लेकिन अक्तूबर माह में मानक से अधिक वर्षा होने से धान की अगेती फसल समेत अन्य खरीफ सीजन की फसल प्रभावित हुई है।


31,373 किसानों ने कराया है बीमा
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के 31,373 किसानों ने बीमा कराया है। बताया कि जिले में 1,15,270 हेक्टेयर में धान की फसल बोई गई है। प्रति हेक्टेयर 38 क्विंटल पैदावार होने की संभावना थी। लेकिन शुरुआत में सूखा और बाद में बारिश होने से पैदावार प्रभावित होने का अंदेशा है। बीमा प्रतिपूर्ति का लाभ सिर्फ धान की फसल नष्ट होने पर 72 घंटे के भीतर दावा प्रस्तुत करने पर मिलेगा। किसानों को चाहिए कि वे समयावधि में दावा प्रस्तुत करें। अंतिम रूप से क्रॉप कटिंग प्रयोग के आंकड़ों के आधार पर उपज निर्धारित करते हुए नियमानुसार क्षतिपूर्ति का भुगतान बीमा कंपनी करेगी।

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