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एक अनुदेशक व कार्यदेशक के सहारे सैकड़ों प्रशिक्षुओं का भविष्य
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गौरीगंज (अमेठी)। जिले में संचालित लगभग सभी राजकीय आईटीआई प्रशिक्षकों की कमी से जूझ रही हैं। आलम यह है कि विकास भवन के समीप स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में 12 ट्रेडों का प्रशिक्षण देने के लिए महज एक अनुदेशक की ही तैनाती है। अनुदेशकों व कार्यदेशकों का अभाव होने के चलते 12 ट्रेडों में दाखिला लेने वाले प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण बेहतर तरीके से नहीं हो पा रहा है, पांच अन्य आईटीआई प्रधानाचार्य विहीन हैं।
अमेठी जिले का गठन जुलाई 2010 में हुआ था। जिला गठन के बाद वर्ष 2016 में गौरीगंज आईटीआई में चल रहे तीन ट्रेडों के प्रशिक्षण को बढ़ाकर 12 ट्रेड कर दिया गया। जिससे जिला मुख्यालय पर अधिक से अधिक युवाओं को हुनरमंद बनाया जा सके। आईटीआई में ट्रेड तो बढ़ा दिया गया, लेकिन संसाधनों व अनुदेशकों की तैनाती करना विभागीय उच्चाधिकारी भूल गए।
आईटीआई में दाखिला लेने वाले प्रशिक्षुओं को हुनरमंद बनाने में तैनात एक अनुदेशक व कार्यदेशक को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मानक के अनुसार 12 ट्रेडों के प्रशिक्षण के लिए 30 अनुदेशकों की नियुक्ति का नियम है। विभाग ने यहां मानकों का भी ध्यान नहीं दिया। महज सात अनुदेशकों का पद सृजित किया है। जिसके सापेक्ष एक अनुदेशक को तैनाती मिली है।
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गौरीगंज आईटीआई में 12 ट्रेडों का प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिनमें से वेल्डर के लिए 39, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट के लिए 45, कॉस्मेटोलॉजी के लिए 29, टेक्नीशियन पॉवर इलेक्ट्रीशियन सिस्टम के लिए 24, फिटर के लिए 20, टर्नर के लिए 20, मैकेनिक मोटर व्हीकिल के लिए 24, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक के लिए 24, इलेक्ट्रीशियन के लिए 20, फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी के लिए 40 व नक्शा नवीस के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई है।
जिले में कुल छह आईटीआई संचालित हो रही हैं। जिसमें से गौरीगंज को छोड़कर अमेठी, मुसाफिरखाना, जगदीशपुर, तिलोई व जायस आईटीआई प्रधानाचार्य विहीन हैं। यहां पर अनुदेशक व कार्यदेशक के भरोसे प्रशिक्षण व्यवस्था संचालित की जा रही है। आईटीआई का प्रशिक्षण लेने वाले तीन प्रशिक्षुओं को अप्रेंटिस के लिए एक वर्ष की तैनाती दी गई है।
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अमेठी जिले का गठन जुलाई 2010 में हुआ था। जिला गठन के बाद वर्ष 2016 में गौरीगंज आईटीआई में चल रहे तीन ट्रेडों के प्रशिक्षण को बढ़ाकर 12 ट्रेड कर दिया गया। जिससे जिला मुख्यालय पर अधिक से अधिक युवाओं को हुनरमंद बनाया जा सके। आईटीआई में ट्रेड तो बढ़ा दिया गया, लेकिन संसाधनों व अनुदेशकों की तैनाती करना विभागीय उच्चाधिकारी भूल गए।
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आईटीआई में दाखिला लेने वाले प्रशिक्षुओं को हुनरमंद बनाने में तैनात एक अनुदेशक व कार्यदेशक को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मानक के अनुसार 12 ट्रेडों के प्रशिक्षण के लिए 30 अनुदेशकों की नियुक्ति का नियम है। विभाग ने यहां मानकों का भी ध्यान नहीं दिया। महज सात अनुदेशकों का पद सृजित किया है। जिसके सापेक्ष एक अनुदेशक को तैनाती मिली है।
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गौरीगंज आईटीआई में 12 ट्रेडों का प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिनमें से वेल्डर के लिए 39, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट के लिए 45, कॉस्मेटोलॉजी के लिए 29, टेक्नीशियन पॉवर इलेक्ट्रीशियन सिस्टम के लिए 24, फिटर के लिए 20, टर्नर के लिए 20, मैकेनिक मोटर व्हीकिल के लिए 24, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक के लिए 24, इलेक्ट्रीशियन के लिए 20, फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी के लिए 40 व नक्शा नवीस के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई है।
जिले में कुल छह आईटीआई संचालित हो रही हैं। जिसमें से गौरीगंज को छोड़कर अमेठी, मुसाफिरखाना, जगदीशपुर, तिलोई व जायस आईटीआई प्रधानाचार्य विहीन हैं। यहां पर अनुदेशक व कार्यदेशक के भरोसे प्रशिक्षण व्यवस्था संचालित की जा रही है। आईटीआई का प्रशिक्षण लेने वाले तीन प्रशिक्षुओं को अप्रेंटिस के लिए एक वर्ष की तैनाती दी गई है।