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Amethi News: भक्ति से ही कष्टों से मिल सकता है छुटकारा
Sun, 11 May 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 11 May 2025 12:55 AM IST
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अमेठी सिटी। ईश्वर की भक्ति से ही जीव को कष्टों से छुटकारा मिल सकता है। यह बात अमेठी ब्लॉक के अगहरडीह गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवाचक पंडित विपिन नारायण शुक्ल ने कही।
प्रवाचक ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव से विवाह करने का प्रण लिया था। माता पार्वती ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया। इसके बाद दोनों का विवाह हुआ। शुकदेव जन्म प्रसंग में प्रवाचक ने बताया कि एक बार भगवान शिव माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे। इसी बीच माता को नींद में देख उनकी जगह पर डाल पर बैठा एक तोता हुंकारी भरने लगा।
भगवान शिव को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तोते को मारने के लिए त्रिशूल छोड़ दिया। तीनों लोकों में भागता हुआ तोता भगवान व्यास के आश्रम में पहुंचा और उनकी पत्नी के गर्भ में छिप गया। जहां 12 वर्ष बाद भगवान श्रीकृष्ण के आश्वासन पर शुकदेव जी ने जन्म लिया। इस दौरान रामराज शुक्ल, अशोक कुमार शुक्ल, पवन कुमार शुक्ल, वेद प्रकाश मिश्र, मनीष शुक्ल, आनंद शुक्ल, महेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव से विवाह करने का प्रण लिया था। माता पार्वती ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया। इसके बाद दोनों का विवाह हुआ। शुकदेव जन्म प्रसंग में प्रवाचक ने बताया कि एक बार भगवान शिव माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे। इसी बीच माता को नींद में देख उनकी जगह पर डाल पर बैठा एक तोता हुंकारी भरने लगा।
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भगवान शिव को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तोते को मारने के लिए त्रिशूल छोड़ दिया। तीनों लोकों में भागता हुआ तोता भगवान व्यास के आश्रम में पहुंचा और उनकी पत्नी के गर्भ में छिप गया। जहां 12 वर्ष बाद भगवान श्रीकृष्ण के आश्वासन पर शुकदेव जी ने जन्म लिया। इस दौरान रामराज शुक्ल, अशोक कुमार शुक्ल, पवन कुमार शुक्ल, वेद प्रकाश मिश्र, मनीष शुक्ल, आनंद शुक्ल, महेश शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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