{"_id":"61d5ecd18f87d054f26a9bce","slug":"online-toke-system-increase-problems-for-farmers-amethi-news-lko6121757177","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन टोकन सिस्टम ने बढ़ाई किसानों की परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन टोकन सिस्टम ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बॉटम
ऑनलाइन टोकन सिस्टम ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
- सुबह 10 बजे अलॉट होता है ऑनलाइन टोकन, एक मिनट में बुक हो जाता है क्रय केंद्रों का स्लॉट
- पहले टोकन फिर केंद्र पर ठंड में रात गुजार रहे किसान,
फोटो संख्या-1
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरीगंज (अमेठी)। फसल समर्थन मूल्य योजना को पारदर्शी बनाने के लिए जारी ऑनलाइन टोकन सिस्टम किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। प्रतिदिन सुबह 10 बजे शुरू होने वाली बुकिंग का स्लॉट एक मिनट में ही बुक हो जाता है। ऐसे में किसानों को पहले टोकन के लिए तो बाद में धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर ठंड में रात बितानी पड़ रही है। नए-नए नियम जारी होने से परेशान किसान अपनी उपज औने-पौने दाम में बेचने को मजूबर हो रहे हैं। जिम्मेदार भी शासन का निर्देश बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
जिले में सात एजेंसी के 69 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्रय केंद्रों पर यूपीएसएस के आठ व लक्ष्मी कार्प के तीन क्रय केंद्र निर्धारित से अधिक खरीद करने पर शासन से बंद किए जा चुके है। ऐसे में वर्तमान में सिर्फ पांच एजेंसी के 58 क्रय केद्रों पर प्वांइट ऑफ परचेज मशीन से खरीद हो रही है। प्रतिदिन क्रय केंद्रों को 200 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान खरीद में बिचौलियों का प्रभाव समाप्त करने के लिए शासन ने ऑफलाइन व्यवस्था को समाप्त कर ऑनलाइन टोकन की नई व्यवस्था लागू की है। ऑनलाइन टोकन जारी करने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित किया गया है। सुबह निर्धारित समय पर बुकिंग शुरू होते ही एक मिनट में सभी क्रय केंद्रों पर बुकिंग लक्ष्य के अनुसार स्लॉट बुक हो जा रहा है। ऐसे में रात भर साइबर कैफे में नंबर लगाने के बावजूद अधिकांश किसानों को ऑनलाइन टोकन नहीं मिल पा रहा है। नई व्यवस्था से किसानों को पहले ऑनलाइन टोकन के लिए ठंड में रात बाहर गुजारनी पड़ रही है। भीषण ठंड में रात भर बाहर रहने के बावजूद कभी सर्वर की समस्या तो कभी अन्य समस्याओं के कारण चार-पांच दिनों तक ऑनलाइन टोकन नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह टोकन मिल भी गया तो क्रय केंद्र पर धान की तौल कराने के लिए उन्हें दोबारा इंतजार करना पड़ रहा है। नई व्यवस्था से किसानों को सहूलियत मिलने की बजाय परेशानी हो रही है।
समाप्त हो ऑनलाइन व्यवस्था
फोटो संख्या -2/3/4/5
भेटुआ ब्लॉक के दलशाहपुर गांव निवासी किसान नकछेद ने बताया कि ऑनलाइन टोकन लेने के लिए वह लगातार परेशान है। प्रतिदिन एक मिनट में ही स्लॉट बुक हो जाने से उन्हें पांच दिन बाद टोकन मिला। गौरीगंज ब्लॉक के अत्तानगर गांव निवासी किसान भारत गिरि ने कहा कि पंजीकरण के बाद क्रय केंद्रों से टोकन जारी होता था, तो किसान अपने नंबर पर जाकर फसल बेच लेते थे। ऑनलाइन टोकन जब एक मिनट में ही बुक हो जाता है तो ऐसी व्यवस्था किस काम की। गौरीगंज के ही सुजानपुर गांव निवासी किसान धर्मेंद्र पाठक ने कहा कि ऑनलाइन टोकन बुक करने का समय निर्धारित नहीं होना चाहिए। किसान जब चाहे वह टोकन बुक कर ले, तब तो व्यवस्था का मतलब है। अत्तानगर निवासी किसान भारत सिंह ने कहा कि किसानों से खरीद में प्रतिदिन नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था किसानों के हितार्थ नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन टोकन नहीं मिलने से परेशान किसानों को औने-पौने दाम पर बाजार में अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।
विज्ञापन
नियमानुसार चल रही खरीद
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बनाई गई है। टोकन के अनुसार सभी क्रय केंद्रों पर नियमानुसार किसानों से खरीद की जा रही है। निर्धारित तिथि पर ही खरीद हो सके इसके लिए केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके किसानों से धान खरीद की निगरानी कराई जा रही है। किसानों से धान खरीद नहीं होने की दशा में क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ऑनलाइन टोकन सिस्टम ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
- सुबह 10 बजे अलॉट होता है ऑनलाइन टोकन, एक मिनट में बुक हो जाता है क्रय केंद्रों का स्लॉट
- पहले टोकन फिर केंद्र पर ठंड में रात गुजार रहे किसान,
फोटो संख्या-1
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरीगंज (अमेठी)। फसल समर्थन मूल्य योजना को पारदर्शी बनाने के लिए जारी ऑनलाइन टोकन सिस्टम किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। प्रतिदिन सुबह 10 बजे शुरू होने वाली बुकिंग का स्लॉट एक मिनट में ही बुक हो जाता है। ऐसे में किसानों को पहले टोकन के लिए तो बाद में धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर ठंड में रात बितानी पड़ रही है। नए-नए नियम जारी होने से परेशान किसान अपनी उपज औने-पौने दाम में बेचने को मजूबर हो रहे हैं। जिम्मेदार भी शासन का निर्देश बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
जिले में सात एजेंसी के 69 क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। क्रय केंद्रों पर यूपीएसएस के आठ व लक्ष्मी कार्प के तीन क्रय केंद्र निर्धारित से अधिक खरीद करने पर शासन से बंद किए जा चुके है। ऐसे में वर्तमान में सिर्फ पांच एजेंसी के 58 क्रय केद्रों पर प्वांइट ऑफ परचेज मशीन से खरीद हो रही है। प्रतिदिन क्रय केंद्रों को 200 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान खरीद में बिचौलियों का प्रभाव समाप्त करने के लिए शासन ने ऑफलाइन व्यवस्था को समाप्त कर ऑनलाइन टोकन की नई व्यवस्था लागू की है। ऑनलाइन टोकन जारी करने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित किया गया है। सुबह निर्धारित समय पर बुकिंग शुरू होते ही एक मिनट में सभी क्रय केंद्रों पर बुकिंग लक्ष्य के अनुसार स्लॉट बुक हो जा रहा है। ऐसे में रात भर साइबर कैफे में नंबर लगाने के बावजूद अधिकांश किसानों को ऑनलाइन टोकन नहीं मिल पा रहा है। नई व्यवस्था से किसानों को पहले ऑनलाइन टोकन के लिए ठंड में रात बाहर गुजारनी पड़ रही है। भीषण ठंड में रात भर बाहर रहने के बावजूद कभी सर्वर की समस्या तो कभी अन्य समस्याओं के कारण चार-पांच दिनों तक ऑनलाइन टोकन नहीं मिल पा रहा है। किसी तरह टोकन मिल भी गया तो क्रय केंद्र पर धान की तौल कराने के लिए उन्हें दोबारा इंतजार करना पड़ रहा है। नई व्यवस्था से किसानों को सहूलियत मिलने की बजाय परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
समाप्त हो ऑनलाइन व्यवस्था
फोटो संख्या -2/3/4/5
भेटुआ ब्लॉक के दलशाहपुर गांव निवासी किसान नकछेद ने बताया कि ऑनलाइन टोकन लेने के लिए वह लगातार परेशान है। प्रतिदिन एक मिनट में ही स्लॉट बुक हो जाने से उन्हें पांच दिन बाद टोकन मिला। गौरीगंज ब्लॉक के अत्तानगर गांव निवासी किसान भारत गिरि ने कहा कि पंजीकरण के बाद क्रय केंद्रों से टोकन जारी होता था, तो किसान अपने नंबर पर जाकर फसल बेच लेते थे। ऑनलाइन टोकन जब एक मिनट में ही बुक हो जाता है तो ऐसी व्यवस्था किस काम की। गौरीगंज के ही सुजानपुर गांव निवासी किसान धर्मेंद्र पाठक ने कहा कि ऑनलाइन टोकन बुक करने का समय निर्धारित नहीं होना चाहिए। किसान जब चाहे वह टोकन बुक कर ले, तब तो व्यवस्था का मतलब है। अत्तानगर निवासी किसान भारत सिंह ने कहा कि किसानों से खरीद में प्रतिदिन नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था किसानों के हितार्थ नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन टोकन नहीं मिलने से परेशान किसानों को औने-पौने दाम पर बाजार में अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।
विज्ञापन
नियमानुसार चल रही खरीद
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बनाई गई है। टोकन के अनुसार सभी क्रय केंद्रों पर नियमानुसार किसानों से खरीद की जा रही है। निर्धारित तिथि पर ही खरीद हो सके इसके लिए केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके किसानों से धान खरीद की निगरानी कराई जा रही है। किसानों से धान खरीद नहीं होने की दशा में क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।