{"_id":"61f429a148c73b1cae580faf","slug":"nhm-contract-workers-performed-amethi-news-lko615383733","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएचएम के संविदा कर्मियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएचएम के संविदा कर्मियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
गौरीगंज : सीएमओ कार्यालय में प्रदर्शन करते कर्मचारी। -संवाद
- फोटो : AMETHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज (अमेठी)। एनएचएम कर्मियों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को उग्र हो गया। सीएमओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे कर्मी दोपहर एक बजे के बाद कार्यालय भवन में घुस गए और पूरे कार्यालय पर कब्जा जमा लिया। कर्मियों ने कार्यालयों को बंद कराने के साथ ही सीएमओ के चैंबर को अपने कब्जे में कर लिया। सूचना पर पहुंचीं एसडीएम व सीओ ने किसी तरह स्थिति संभाली। बावजूद इसके कर्मचारी तत्काल बकाया मानदेय का भुगतान करने तथा एनएचएम के नोडल डॉ. नवीन मिश्र को हटाने की मांग पर अड़े रहे।
जिले के स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों 493 एनएचएम कर्मी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इन्हें नवंबर माह से मानदेय नहीं मिला। मानदेय नहीं मिलने पर यह कर्मी लगातार विभागीय अफसरों से मानदेय की मांग करते रहे। कोई कार्रवाई नहीं होने पर इन लोगों ने डीएम, सीडीओ, निदेशक एनएचएम को पत्र भेजकर अपनी समस्या से अवगत कराते हुए बकाया मानदेय दिलाने की मांग की। फिर भी बात नहीं बनी तो बृहस्पतिवार से एनएचएम कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
देर शाम सीएमओ ने सभी के बकाया मानदेय का भुगतान करने की बात कहकर उन्हें काम के लिए राजी कर लिया। बावजूद इसके नोडल अफसर डॉ. नवीन कुमार मिश्र द्वारा हस्ताक्षर नहीं करने पर उक्त कर्मी शुक्रवार सुबह सीएमओ कार्यालय परिसर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। एक बजे तक अफसरों की ओर से कोई पहल नहीं होने पर धरने में शामिल कर्मी उग्र हो गए और सीएमओ कार्यालय के भीतर घुसकर कब्जा जमा लिया। सभी कर्मी सीएमओ के चैंबर में पहुंच गए और उन्हें घेर लिया।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही एसडीएम सविता यादव, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट फाल्गुनी सिंह, टे्रनी एसडीएम रीतू चौधरी तथा सीओ गुरुमीत सिंह भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंए गए। अफसरों ने कर्मचारियों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की लेकिन कर्मी तत्काल बकाया मानदेय भुगतान और नोडल अफसर को हटाने की मांग पर अड़े रहे। अफसरों की मौजूदगी में सीएमओ व संगठन पदाधिकारियों के बीच बातचीत खबर भेजे जाने तक चल रही थी।
सीएमओ पर भारी नोडल
एनएचएम संघ के जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के अनुसार बृहस्पतिवार को सीएमओ ने सभी का अनुबंध तैयार कराकर मानदेय भुगतान कराने को कहा। आरोप है कि सीएमओ के आदेश पर कर्मचारियों के अनुबंध पत्र पर एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने तो हस्ताक्षर कर दिया लेकिन एनएचएम के नोडल डॉ. नवीन मिश्र ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इनका कहना है कि सीएमओ का आदेश नहीं मानने पर सीएमओ को तत्काल उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि कार्रवाई नहीं की जाती तो इसका मतलब मानदेय नहीं देने में दोनों की मिलीभगत है।
गलत तरीके से है नवीन मिश्र की तैनाती
एनएचएम कर्मियों के अनुसार एनएचएम के नोडल बनाए गए डॉ. नवीन मिश्र की तैनाती नियम विरुद्ध है। कहा कि वे निश्चेतक हैं। जिले में निश्चेतक चिकित्सकों की कमी है। जिसके चलते कई अस्पतालों में ऑपरेशन का काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में इनकी तैनाती सीएमओ कार्यालय के बजाए किसी अस्पताल में होनी चाहिए।
विज्ञापन
जिले के स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों 493 एनएचएम कर्मी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इन्हें नवंबर माह से मानदेय नहीं मिला। मानदेय नहीं मिलने पर यह कर्मी लगातार विभागीय अफसरों से मानदेय की मांग करते रहे। कोई कार्रवाई नहीं होने पर इन लोगों ने डीएम, सीडीओ, निदेशक एनएचएम को पत्र भेजकर अपनी समस्या से अवगत कराते हुए बकाया मानदेय दिलाने की मांग की। फिर भी बात नहीं बनी तो बृहस्पतिवार से एनएचएम कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
देर शाम सीएमओ ने सभी के बकाया मानदेय का भुगतान करने की बात कहकर उन्हें काम के लिए राजी कर लिया। बावजूद इसके नोडल अफसर डॉ. नवीन कुमार मिश्र द्वारा हस्ताक्षर नहीं करने पर उक्त कर्मी शुक्रवार सुबह सीएमओ कार्यालय परिसर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। एक बजे तक अफसरों की ओर से कोई पहल नहीं होने पर धरने में शामिल कर्मी उग्र हो गए और सीएमओ कार्यालय के भीतर घुसकर कब्जा जमा लिया। सभी कर्मी सीएमओ के चैंबर में पहुंच गए और उन्हें घेर लिया।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही एसडीएम सविता यादव, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट फाल्गुनी सिंह, टे्रनी एसडीएम रीतू चौधरी तथा सीओ गुरुमीत सिंह भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंए गए। अफसरों ने कर्मचारियों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की लेकिन कर्मी तत्काल बकाया मानदेय भुगतान और नोडल अफसर को हटाने की मांग पर अड़े रहे। अफसरों की मौजूदगी में सीएमओ व संगठन पदाधिकारियों के बीच बातचीत खबर भेजे जाने तक चल रही थी।
सीएमओ पर भारी नोडल
एनएचएम संघ के जिला उपाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह के अनुसार बृहस्पतिवार को सीएमओ ने सभी का अनुबंध तैयार कराकर मानदेय भुगतान कराने को कहा। आरोप है कि सीएमओ के आदेश पर कर्मचारियों के अनुबंध पत्र पर एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने तो हस्ताक्षर कर दिया लेकिन एनएचएम के नोडल डॉ. नवीन मिश्र ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इनका कहना है कि सीएमओ का आदेश नहीं मानने पर सीएमओ को तत्काल उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि कार्रवाई नहीं की जाती तो इसका मतलब मानदेय नहीं देने में दोनों की मिलीभगत है।
गलत तरीके से है नवीन मिश्र की तैनाती
एनएचएम कर्मियों के अनुसार एनएचएम के नोडल बनाए गए डॉ. नवीन मिश्र की तैनाती नियम विरुद्ध है। कहा कि वे निश्चेतक हैं। जिले में निश्चेतक चिकित्सकों की कमी है। जिसके चलते कई अस्पतालों में ऑपरेशन का काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे में इनकी तैनाती सीएमओ कार्यालय के बजाए किसी अस्पताल में होनी चाहिए।