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Amethi News: पहले जुमे पर मस्जिदों में उमड़ा सैलाब, इबादत का संदेश
Sat, 21 Feb 2026 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 21 Feb 2026 12:32 AM IST
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कमरौली। शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे पर क्षेत्र की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। नूर मस्जिद, जामा मस्जिद, उमर मस्जिद सहित आसपास की मस्जिदों में रोजेदारों ने अकीदत के साथ जुमे की नमाज अदा की।
मौलाना जामिन ने कहा कि रमजान का पहला अशरा रहमत का होता है। इन 10 दिनों में अधिक से अधिक कुरान पढ़ने, दुआ करने और अल्लाह से रहमत मांगने पर जोर दिया गया। उन्होंने लोगों से दान देने, अच्छी आदतें अपनाने और अपने आचरण को बेहतर बनाने की अपील की। साथ ही गीबत (पीठ पीछे बुराई) से बचने की नसीहत दी और दरूद शरीफ अधिक पढ़ने का संदेश दिया।
नूर मस्जिद के इमाम मौलाना अफ्फान ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे अजान के बाद तकरीर हुई और फिर खुतबा पढ़कर नमाज अदा की गई। इस दौरान अमन-चैन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। इससे पहले 19 फरवरी को सहरी के बाद रोजेदारों ने पहला रोजा रखा और शाम को इफ्तार कर इसे खोला।
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वहीं जामा मस्जिद कमरौली के मुफ्ती वारिसुल कादरी ने बताया कि रमजान तीन हिस्सों में बंटा है, जिसमें पहला हिस्सा रहमत का है। उन्होंने कहा कि इफ्तार के समय रोजेदार की दुआ खास कबूल होती है।
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मौलाना जामिन ने कहा कि रमजान का पहला अशरा रहमत का होता है। इन 10 दिनों में अधिक से अधिक कुरान पढ़ने, दुआ करने और अल्लाह से रहमत मांगने पर जोर दिया गया। उन्होंने लोगों से दान देने, अच्छी आदतें अपनाने और अपने आचरण को बेहतर बनाने की अपील की। साथ ही गीबत (पीठ पीछे बुराई) से बचने की नसीहत दी और दरूद शरीफ अधिक पढ़ने का संदेश दिया।
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नूर मस्जिद के इमाम मौलाना अफ्फान ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे अजान के बाद तकरीर हुई और फिर खुतबा पढ़कर नमाज अदा की गई। इस दौरान अमन-चैन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। इससे पहले 19 फरवरी को सहरी के बाद रोजेदारों ने पहला रोजा रखा और शाम को इफ्तार कर इसे खोला।
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वहीं जामा मस्जिद कमरौली के मुफ्ती वारिसुल कादरी ने बताया कि रमजान तीन हिस्सों में बंटा है, जिसमें पहला हिस्सा रहमत का है। उन्होंने कहा कि इफ्तार के समय रोजेदार की दुआ खास कबूल होती है।