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ऑनलाइन कारोबार से चौपट हो रहा बाजार
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संग्रामपुर (अमेठी)। कोरोना काल से लेकर करवा चौथ और दीपावली से लेकर छठ पूजा तक होने वाली खरीदारी के लिए व्यापारियों ने जबरदस्त तैयारी कर रखी थी। ग्राहक काउंटर से बिना माल लिए वापस ना चला जाए इसके लिए दुकानदार लुभावने ऑफर एवं अन्य स्कीमें चला रहे हैं। बावजूद इसके ऑनलाइन कारोबार से ऑफलाइन व्यवसाय को जबरदस्त नुकसान पहुंच रहा है।
धनतेरस, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्यौहार सिर पर हैं। कुछ ही दिनों में सहालग भी शुरू होने वाली है। त्योहारों को नजदीक देख लोग खरीदारी करने में लग गए हैं। ऐसे में ऑनलाइन व्यवसाय करने वाली कंपनियां स्थानीय दुकानदारों से कई कदम आगे हैं। उन्होंने ग्राहकों को लुभावनी छूट दे रखी है। ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर इन दिनों ऑफर और डिस्काउंट की भरमार चल रही है। हर दिन कोई न कोई नया शॉपिंग एप लांच हो रहा है और तरह तरह की छूट ग्राहकों को दी जा रही है।
वहीं चुनिंदा बैंक के क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी करने पर 10 फीसदी अतरिक्त छूट ग्रहकों को लुभा रही है। ग्राहकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऑनलाइन कारोबार के जरिए कोई एक पर एक फ्री वाला ऑफर दे रहा है तो वही कुछ एप 40 से 60 फीसदी की छूट देने का दावा कर रहे हैं। वहीं लोगों को घर बैठे सामान मंगवाने की अलग से सुविधा मिल रही है।
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सामान नापसंद होने पर आसानी से वापस भी कर लिया जाता है। यही कारण है कि ऑनलाइन कारोबार स्थानीय दुकानों को झटके देने लगा है। कोरोना काल में दुकानें बंद थीं और ऑनलाइन मार्केट से घर बैठे लोग समान की खरीदारी कर रहे थे तभी ग्रामीण क्षेत्र में भी ऑनलाइन मार्केट ने अपना कब्जा कायम कर लिया। यहां तक कि दवा मांगने का एप भी ऑनलाइन मार्केट में आ गया है।
मेडिकल स्टोर से कम दाम में ऑनलाइन दवा भी लोग घर बैठे मंगा ले रहे हैं। कुछ दवाएं ऐसी होती हैं जिनको खरीदने के लिए लोगों को लखनऊ या प्रयागराज जाना पड़ता था वह भी घर बैठे ऑनलाइन दवा मंगा लेते हैं।
कारोबार को पहुंच रहा नुकसान
ऑनलाइन कारोबार में कपड़ों में खासकर रेडीमेड व्यवसाय को गहरी चोट पहुंची है। विभिन्न ब्रांड और ढेर सारी वैरायटी उपलब्ध होने के कारण लोगों का ध्यान उधर ही आकर्षित होता है। हालांकि कपड़ों का फैब्रिक और फिटिंग में शिकायतें मिलने से कुछ लोग मार्केट आकर ही खरीदारी करने में विश्वास कर रहे हैं।
सिप्पू बरनवाल
कपड़ा व्यवसाई-ठेंगहा
इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री गिरी
सजावट के सामानों के लिए बाजार और ऑनलाइन दोनों खरीदारी चल रही है। ऑनलाइन बाजार के कारण इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री में गिरावट आई है। पहले लोग दुकानों से पूछकर ऑनलाइन से मिलान करते हैं। इससे कारोबार पहले की अपेक्षा प्रभावित है। हालांकि हर व्यक्ति ऑनलाइन से संतुष्ट नहीं होता।
पुलक मिश्र
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विक्रेता-ठेंगहा
किराना पर भी कब्जा
ऑनलाइन मार्केट अब किराना पर भी कब्जा कर रहा है। ऑनलाइन खरीदने पर पहले तो समान सस्ता दे देते हैं जब आदत पड़ जाती है तो फिर वही सामान महंगा कर दिया जाता। कोरोना के बाद से ग्रॉसरी भी खूब ऑनलाइन बेची जा रही है। भिर में लोग इसपर पूरी तरह निर्भर नहीं हैं।
अभिनव पांडेय
किराना व्यापारी-मिसरौली
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धनतेरस, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्यौहार सिर पर हैं। कुछ ही दिनों में सहालग भी शुरू होने वाली है। त्योहारों को नजदीक देख लोग खरीदारी करने में लग गए हैं। ऐसे में ऑनलाइन व्यवसाय करने वाली कंपनियां स्थानीय दुकानदारों से कई कदम आगे हैं। उन्होंने ग्राहकों को लुभावनी छूट दे रखी है। ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर इन दिनों ऑफर और डिस्काउंट की भरमार चल रही है। हर दिन कोई न कोई नया शॉपिंग एप लांच हो रहा है और तरह तरह की छूट ग्राहकों को दी जा रही है।
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वहीं चुनिंदा बैंक के क्रेडिट कार्ड व डेबिट कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी करने पर 10 फीसदी अतरिक्त छूट ग्रहकों को लुभा रही है। ग्राहकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऑनलाइन कारोबार के जरिए कोई एक पर एक फ्री वाला ऑफर दे रहा है तो वही कुछ एप 40 से 60 फीसदी की छूट देने का दावा कर रहे हैं। वहीं लोगों को घर बैठे सामान मंगवाने की अलग से सुविधा मिल रही है।
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सामान नापसंद होने पर आसानी से वापस भी कर लिया जाता है। यही कारण है कि ऑनलाइन कारोबार स्थानीय दुकानों को झटके देने लगा है। कोरोना काल में दुकानें बंद थीं और ऑनलाइन मार्केट से घर बैठे लोग समान की खरीदारी कर रहे थे तभी ग्रामीण क्षेत्र में भी ऑनलाइन मार्केट ने अपना कब्जा कायम कर लिया। यहां तक कि दवा मांगने का एप भी ऑनलाइन मार्केट में आ गया है।
मेडिकल स्टोर से कम दाम में ऑनलाइन दवा भी लोग घर बैठे मंगा ले रहे हैं। कुछ दवाएं ऐसी होती हैं जिनको खरीदने के लिए लोगों को लखनऊ या प्रयागराज जाना पड़ता था वह भी घर बैठे ऑनलाइन दवा मंगा लेते हैं।
कारोबार को पहुंच रहा नुकसान
ऑनलाइन कारोबार में कपड़ों में खासकर रेडीमेड व्यवसाय को गहरी चोट पहुंची है। विभिन्न ब्रांड और ढेर सारी वैरायटी उपलब्ध होने के कारण लोगों का ध्यान उधर ही आकर्षित होता है। हालांकि कपड़ों का फैब्रिक और फिटिंग में शिकायतें मिलने से कुछ लोग मार्केट आकर ही खरीदारी करने में विश्वास कर रहे हैं।
सिप्पू बरनवाल
कपड़ा व्यवसाई-ठेंगहा
इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री गिरी
सजावट के सामानों के लिए बाजार और ऑनलाइन दोनों खरीदारी चल रही है। ऑनलाइन बाजार के कारण इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री में गिरावट आई है। पहले लोग दुकानों से पूछकर ऑनलाइन से मिलान करते हैं। इससे कारोबार पहले की अपेक्षा प्रभावित है। हालांकि हर व्यक्ति ऑनलाइन से संतुष्ट नहीं होता।
पुलक मिश्र
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विक्रेता-ठेंगहा
किराना पर भी कब्जा
ऑनलाइन मार्केट अब किराना पर भी कब्जा कर रहा है। ऑनलाइन खरीदने पर पहले तो समान सस्ता दे देते हैं जब आदत पड़ जाती है तो फिर वही सामान महंगा कर दिया जाता। कोरोना के बाद से ग्रॉसरी भी खूब ऑनलाइन बेची जा रही है। भिर में लोग इसपर पूरी तरह निर्भर नहीं हैं।
अभिनव पांडेय
किराना व्यापारी-मिसरौली