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Amethi News: राजनीति में शुचिता के पर्याय बन गए मनमोहन...

Mon, 30 Dec 2024 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 30 Dec 2024 12:46 AM IST
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Manmohan became synonymous with purity in politics...
अमेठी सिटी। अवधी साहित्य संस्थान अमेठी की ओर से रविवार को डाक बंगला परिसर में कवि गोष्ठी आयोजित की गई। कवि गोष्ठी का शुभारंभ कवि सुरेशचंद्र शुक्ल नवीन की वाणी वंदना से हुआ। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पांडेय ने पढ़ा कि कविता करना अति कठिन, कवि ईश्वर का नाम। कविता की अंतरा से मिले, मां वीणा पाणि का धाम। कवि दिवस प्रताप सिंह की पंक्तियां सदन में सब गरजते हैं कहां चंबल में रहते हैं, सर्दी भर समर्थक सभी कंबल में रहते हैं पर खूब ठहाके लगे।
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कवि प्रेम कुमार त्रिपाठी ने पढ़ा कि भारत की आन-बान-शान स्वाभिमान बचे, ऐसे किसी नेता में सुभाष हमें चाहिए। कवि रामेश्वर सिंह निराश ने पढ़ा कि नएए साल से याचना कर रहा हूं, सुखी भाव से कामना कर रहा हूं। कवि डॉ. केसरी शुक्ला की पंक्तियां तुम्हारी फीस भरनी है तेरे जूते भी लाने हैं, मेरे जूते का क्या है वह अभी चलने के लायक हैं। कवि राम बदन शुक्ल पथिक की पंक्तियां जिनि भांति करा टेउवा, बलम एक पउवा चढ़ाइके ने खूब तालियां बटोरीं।
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कवि सुरेश शुक्ल नवीन ने पढ़ा कि गंगा माई के लहरिया बड़ी जो सजग...। ओज कवि अनिरुद्ध मिश्र ने पढ़ा कि राजनीति में शुचिता के पर्याय बन गए मनमोहन, जनहित दूरदर्शिता से अध्याय बन गए मनमोहन। वहीं, कवि अभिजीत त्रिपाठी की पंक्तियां सच कहता हूं औरों जैसे बिल्कुल नहीं हैं मेरे पापा, खीर चखी है मेले वाली बिल्कुल वही हैं मेरे पापा। कवि शिव भानु कृष्ण की पंक्तियां दिल पर गुजरी है जो ऐसा लिखता हूं मैं, यारों की बस मोहब्बत पर मरता हूं मैं ने खूब वाहवाही लूटी।
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कवि आशुतोष गुप्त ने पढ़ा, ए मेरे हमदम ए मेरे साथी, दिया जो तुम हो तो मैं हूं बाती। कवि जगदंबा तिवारी मधुर की पंक्तियां भूलना कितना कठिन है, याद आता गांव है। कवि राम कुमारी संसृति की पंक्तियां मां बड़ी ही अच्छी होती है नित नई सीख देती है को श्रोताओं ने खूब सराहा। कवि तेजभान सिंह ने पढ़ा कि नेताजी के बढ़ गए भाव, जीत कर बैठे अपने ठांव जनता ढूंढ रही है। कवि समीर मिश्र ने पढ़ा कि काव बताई पहिले वाले न्यौता कै सब मजा चलि गवा।



गोष्ठी में सुधीर रंजन द्विवेदी, चंद्र प्रकाश पांडेय मंजुल, सुधा अग्रहरि, ध्रुव सिंह, एसपी मिश्र, अमर बहादुर सिंह आदि कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। इस दौरान अंबरीष मिश्र, संतोष श्रीवास्तव, अनुभव मिश्र, कैलाश नाथ शर्मा, डॉ. अभिमन्यु कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे। कवि गोष्ठी के समापन पर संस्थान की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
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