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Amethi News: 40 हजार माह कमाने के चक्कर में गंवाए 47 हजार
Sun, 10 Sep 2023 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 10 Sep 2023 11:48 PM IST
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अमेठी। सोशल मीडिया पर पेंसिल कंपनी के नाम से फ्रॉड करने वाले ठग कोतवाली क्षेत्र के दो लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। 40,000 रुपए प्रति महीना कमाने के फेर में दो लोगों ने 47,000 से अधिक रुपया गवां दिया है। इस मामले की शिकायत की गई है। कोतवाली क्षेत्र के गुरु कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर पेंसिल कंपनी का एक विज्ञापन चल रहा था। घर बैठे एजेंसी व पेंशन आदि भरने के काम का लालच देकर 40000 या उससे अधिक पैसा कमाने का प्रलोभन दिया जा रहा था। फेसबुक पर मोबाइल नंबर दिया गया है, जिसमें व्हाट्सएप और कॉलिंग की सुविधा होती है।
बताया कि विज्ञापन देखकर संपर्क किया तो 650 सौ रुपए पंजीकरण के नाम पर मांगा गया। फिर उसके बाद कार्ड एवं सामान डिलीवरी के नाम पर ढाई हजार-ढाई हजार रुपए ऑनलाइन बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से मांगा गया। अमाउंट भेजने के बाद फिर 1550 रुपए की डिमांड की। बताया गया कि आपका पार्सल डिस्पैच हो गया है। दूसरे दिन पार्सल डिलीवरी के नाम पर साढ़े हजार रुपए ऑनलाइन भेजने को कहा गया। गुरु कुमार ने डिलीवरी लेने के बाद पैसा देने की बात कही तो उक्त व्यक्ति धमकी देते हुए ऑनलाइन पैसा भेजने को कहा। शंका होने के बाद गुरु कुमार ने पता किया तो जानकारी हुई कि उसके साथ फ्रॉड हो गया है।
वहीं दूसरी घटना कोतवाली क्षेत्र के पंकज शुक्ला के साथ हुई। उन्होंने भी इसी पेंसिल ऐड को देखकर दिए गए फोन नंबर पर संपर्क किया तो पहले उनसे भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर 650 रुपए ऑनलाइन भेजने को कहा गया। साइबर ठगों ने फ्रेंचाइजी व एजेंसी देने की जानकारी देते हुए उन्हें अधिक मुनाफा कमाने की स्कीम बताई। ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से साइबर ठगों ने 39000 रुपए से अधिक अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए तो उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से सामान लोड होने और डिलीवरी डिस्पैच किए जाने की बात का हवाला देते हुए 8000 रुपए खाते में भेजने को कहा। शंका होने के बाद जब पंकज ने पता किया तो उन्हें फ्रॉड होने की जानकारी हुई।
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पीड़ितों ने बताया कि पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर जब उन्होंने शिकायत की तो बताया गया कि वह साइबर क्राइम से संबंधित 1930 हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पीड़ितों ने मामले की शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर की है।
किसी के झांसे में न आएं
सीओ लल्लन सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रहे तमाम तरह के प्रलोभन युक्त विज्ञापन के झांसे में ना आए। अपने मोबाइल पर कोई ऐप लोड ना करें और ना ही बैंक एटीएम व कोई भी पिन कोड दूसरे को शेयर ना करें। साइबर संबंधी क्राइम होने पर तत्काल 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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बताया कि विज्ञापन देखकर संपर्क किया तो 650 सौ रुपए पंजीकरण के नाम पर मांगा गया। फिर उसके बाद कार्ड एवं सामान डिलीवरी के नाम पर ढाई हजार-ढाई हजार रुपए ऑनलाइन बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से मांगा गया। अमाउंट भेजने के बाद फिर 1550 रुपए की डिमांड की। बताया गया कि आपका पार्सल डिस्पैच हो गया है। दूसरे दिन पार्सल डिलीवरी के नाम पर साढ़े हजार रुपए ऑनलाइन भेजने को कहा गया। गुरु कुमार ने डिलीवरी लेने के बाद पैसा देने की बात कही तो उक्त व्यक्ति धमकी देते हुए ऑनलाइन पैसा भेजने को कहा। शंका होने के बाद गुरु कुमार ने पता किया तो जानकारी हुई कि उसके साथ फ्रॉड हो गया है।
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वहीं दूसरी घटना कोतवाली क्षेत्र के पंकज शुक्ला के साथ हुई। उन्होंने भी इसी पेंसिल ऐड को देखकर दिए गए फोन नंबर पर संपर्क किया तो पहले उनसे भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर 650 रुपए ऑनलाइन भेजने को कहा गया। साइबर ठगों ने फ्रेंचाइजी व एजेंसी देने की जानकारी देते हुए उन्हें अधिक मुनाफा कमाने की स्कीम बताई। ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से साइबर ठगों ने 39000 रुपए से अधिक अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए तो उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से सामान लोड होने और डिलीवरी डिस्पैच किए जाने की बात का हवाला देते हुए 8000 रुपए खाते में भेजने को कहा। शंका होने के बाद जब पंकज ने पता किया तो उन्हें फ्रॉड होने की जानकारी हुई।
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पीड़ितों ने बताया कि पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर जब उन्होंने शिकायत की तो बताया गया कि वह साइबर क्राइम से संबंधित 1930 हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। पीड़ितों ने मामले की शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर की है।
किसी के झांसे में न आएं
सीओ लल्लन सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रहे तमाम तरह के प्रलोभन युक्त विज्ञापन के झांसे में ना आए। अपने मोबाइल पर कोई ऐप लोड ना करें और ना ही बैंक एटीएम व कोई भी पिन कोड दूसरे को शेयर ना करें। साइबर संबंधी क्राइम होने पर तत्काल 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।