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14 घंटे 38 मिनट का होगा सबसे लंबा रोजा
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12 : जगदीशपुर : महोना स्थित मस्जिद। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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जगदीशपुर (अमेठी)। इस बार रमजान का सबसे लंबा रोजा 14.38 घंटे का होगा। चार अप्रैल को पहला रोजा होने की उम्मीद है। रमजान का चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। रमजान का चांद यदि दो अप्रैल को दिख गया तो पहला रोजा तीन अप्रैल को होगा। यदि दो अप्रैल को चांद नहीं दिखता है तो पहला रोजा चार अप्रैल को होगा। इस बार पहला रोजा 13.50 घंटे का होगा। इसके बाद रोजे का समय धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा। 29वां रोजा 14.37 घंटे का जबकि 30वां रोजा 14.38 घंटे का होगा।
दो साल मिली होगी तरावीह
कोरोना काल के बाद तकरीबन दो साल बाद मस्जिदों में नमाजियों की वैसे भीड़ होगी, जो कोराना काल से पहले होती थी। कोरोना काल में मस्जिदों में पांच-पांच लोगों को तरावीह और पांच वक्त की नमाज पढ़ने की इजाजत थी। इस बार कोविड प्रतिबंध खत्म होने की वजह से मस्जिदों में नमाजियों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी। तरावीह की भी अनुमति होगी।
आमदनी का 2.5 फीसदी दें जकात
स्थानीय कस्बे के पालपुर चौराहे पर स्थित जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज मो. इसरार ने बताया कि इस्लाम में जकात का काफी महत्व है। यह इस्लाम का पांचवां स्तून (स्तंभ) भी है। हर साहिब-ए-निसाब (हैसियतमंद) को साल भर की आमदनी का 2.5 फीसदी हिस्सा जरूरतमंद या गरीब को देना होता है। पूरे साल मुसलमान अपनी आमदनी का हिसाब-किताब करके जकात निकालता है।
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ईद से पहले यह जकात निकाली जाती है, ताकि गरीब व जरूरतमंद लोग ईद की खुशी में शामिल हो सकें। जेवर की भी जकात निकाली जाती है। इसकी कीमत का 2.5 फीसदी रुपये जकात में देना होता है। उन्होंने कहा कि फितरा में 1.661 किलोग्राम गेहूं होता है, जिसे गरीब और जरूरतमंद को देेना होता है। बेहतर हो कि इतने वजन के आटे की कीमत उसे दे दें।
रमजान महीने का टाइम टेबल
30 दिनों में सहरी और इफ्तार के वक्त का विवरण
तारीख - सहरी - इफ्तार
03 अप्रैल - 4:36 - 6:26
04 अप्रैल - 4:35 - 6:27
05 अप्रैल - 4:34 - 6:27
06 अप्रैल - 4:32 - 6:28
07 अप्रैल - 4:31 - 6:28
08 अप्रैल - 4:30 - 6:29
09 अप्रैल - 4:29 - 6:29
10 अप्रैल - 4:28 - 6:30
11 अप्रैल - 4:26 - 6:30
12 अप्रैल - 4:25 - 6:31
13 अप्रैल - 4:24 - 6:31
14 अप्रैल - 4:23 - 6:32
15 अप्रैल - 4:22 - 6:32
16 अप्रैल - 4:21 - 6:33
17 अप्रैल - 4:19 - 6:33
18 अप्रैल - 4:18 - 6:34
19 अप्रैल - 4:17 - 6:34
20 अप्रैल - 4:16 - 6:35
21 अप्रैल - 4:15 - 6:35
22 अप्रैल - 4:14 - 6:36
23 अप्रैल - 4:13 - 6:36
24 अप्रैल - 4:12 - 6:37
25 अप्रैल - 4:10 - 6:37
26 अप्रैल - 4:09 - 6:38
27 अप्रैल - 4:08 - 6:38
28 अप्रैल - 4:07 - 6:39
29 अप्रैल - 4:06 - 6:40
30 अप्रैल - 4:05 - 6:40
01 मई - 4:04 - 6:41
02 मई - 4:81 - 6:41
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दो साल मिली होगी तरावीह
कोरोना काल के बाद तकरीबन दो साल बाद मस्जिदों में नमाजियों की वैसे भीड़ होगी, जो कोराना काल से पहले होती थी। कोरोना काल में मस्जिदों में पांच-पांच लोगों को तरावीह और पांच वक्त की नमाज पढ़ने की इजाजत थी। इस बार कोविड प्रतिबंध खत्म होने की वजह से मस्जिदों में नमाजियों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं होगी। तरावीह की भी अनुमति होगी।
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आमदनी का 2.5 फीसदी दें जकात
स्थानीय कस्बे के पालपुर चौराहे पर स्थित जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज मो. इसरार ने बताया कि इस्लाम में जकात का काफी महत्व है। यह इस्लाम का पांचवां स्तून (स्तंभ) भी है। हर साहिब-ए-निसाब (हैसियतमंद) को साल भर की आमदनी का 2.5 फीसदी हिस्सा जरूरतमंद या गरीब को देना होता है। पूरे साल मुसलमान अपनी आमदनी का हिसाब-किताब करके जकात निकालता है।
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ईद से पहले यह जकात निकाली जाती है, ताकि गरीब व जरूरतमंद लोग ईद की खुशी में शामिल हो सकें। जेवर की भी जकात निकाली जाती है। इसकी कीमत का 2.5 फीसदी रुपये जकात में देना होता है। उन्होंने कहा कि फितरा में 1.661 किलोग्राम गेहूं होता है, जिसे गरीब और जरूरतमंद को देेना होता है। बेहतर हो कि इतने वजन के आटे की कीमत उसे दे दें।
रमजान महीने का टाइम टेबल
30 दिनों में सहरी और इफ्तार के वक्त का विवरण
तारीख - सहरी - इफ्तार
03 अप्रैल - 4:36 - 6:26
04 अप्रैल - 4:35 - 6:27
05 अप्रैल - 4:34 - 6:27
06 अप्रैल - 4:32 - 6:28
07 अप्रैल - 4:31 - 6:28
08 अप्रैल - 4:30 - 6:29
09 अप्रैल - 4:29 - 6:29
10 अप्रैल - 4:28 - 6:30
11 अप्रैल - 4:26 - 6:30
12 अप्रैल - 4:25 - 6:31
13 अप्रैल - 4:24 - 6:31
14 अप्रैल - 4:23 - 6:32
15 अप्रैल - 4:22 - 6:32
16 अप्रैल - 4:21 - 6:33
17 अप्रैल - 4:19 - 6:33
18 अप्रैल - 4:18 - 6:34
19 अप्रैल - 4:17 - 6:34
20 अप्रैल - 4:16 - 6:35
21 अप्रैल - 4:15 - 6:35
22 अप्रैल - 4:14 - 6:36
23 अप्रैल - 4:13 - 6:36
24 अप्रैल - 4:12 - 6:37
25 अप्रैल - 4:10 - 6:37
26 अप्रैल - 4:09 - 6:38
27 अप्रैल - 4:08 - 6:38
28 अप्रैल - 4:07 - 6:39
29 अप्रैल - 4:06 - 6:40
30 अप्रैल - 4:05 - 6:40
01 मई - 4:04 - 6:41
02 मई - 4:81 - 6:41